नंदीग्राम जैसी गलती बर्दाश्त नहीं, ममता और अभिषेक की काउंटिंग एजेंटों को चेतावनी- जब तक सर्टिफिकेट न मिले, सेंटर मत छोड़ना

Published by :Mithilesh Jha
Published at :02 May 2026 8:59 PM (IST)
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Mamata Banerjee Abhishek Banerjee Meeting West Bengal Election 2026

Mamata Banerjee Abhishek Banerjee Meeting: पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026 से पहले ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी 291 सीटों के मतगणना एजेंटों के साथ वर्चुअल बैठक की. नंदीग्राम की घटना से सबक लेते हुए एजेंटों को जीत का सर्टिफिकेट मिलने तक काउंटिंग सेंटर पर ही रहने का निर्देश दिया.

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Mamata Banerjee Abhishek Banerjee Meeting: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के महा-मुकाबले का परिणाम आने में अब बस डेढ़ दिन ही बचे हैं. 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. शनिवार शाम दोनों नेताओं ने राज्य की 291 सीटों पर तैनात होने वाले पार्टी के काउंटिंग एजेंटों के साथ वर्चुअल बैठक की. बैठक का सबसे बड़ा एजेंडा रहा- 2021 की वो ‘चूक’ न दोहराना, जिसने नंदीग्राम का पासा पलट दिया था.

नंदीग्राम का सबक- अलर्ट मोड पर TMC

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि इस बार एजेंटों के लिए ‘करो या मरो’ जैसे निर्देश जारी किये गये हैं. टीएमसी नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि काउंटिंग के दौरान किसी भी असामान्य गतिविधि पर नजर रखनी होगी. 2021 में नंदीग्राम काउंटिंग सेंटर पर हुई बिजली कटौती जैसी किसी भी संदिग्ध घटना की जानकारी तुरंत शीर्ष नेतृत्व को देनी होगी.

खुद कोई फैसला नहीं लेंगे एजेंट

एजेंटों को सख्त हिदायत दी गयी है कि जब तक वोटों की गिनती पूरी न हो जाये, विजेता उम्मीदवार को ‘जीत का प्रमाण पत्र’ न मिल जाये, तब तक वे मतगणना केंद्र से बाहर नहीं निकलेंगे. किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में एजेंटों को खुद कोई फैसला लेने की बजाय शीर्ष नेताओं के निर्देशों का इंतजार करना होगा.

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एजेंट्स को होना होगा हाई-टेक

चुनाव आयोग ने इस बार सुरक्षा के लिए क्यूआर कोड (QR Code) प्रणाली लागू की है. इसके मद्देनजर अभिषेक बनर्जी एजेंटों को तकनीकी रूप से सक्षम बनायेंगे. सभी एजेंटों को स्मार्टफोन और डिजिटल प्रोटोकॉल के इस्तेमाल में एक्सपर्ट बनने के लिए कहा गया. स्ट्रांग रूम से मशीनें बाहर निकलने से लेकर उनकी सील खोलने तक के हर स्टेप की बारीकी से निगरानी करने की ट्रेनिंग एजेंट्स को दी गयी.

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Mamata Banerjee Abhishek Banerjee Meeting: काउंटिंग सेंटर पर घेराबंदी की तैयारी

तृणमूल नेतृत्व का मानना है कि अक्सर अंतिम राउंड की गिनती के समय विपक्षी दल या प्रशासनिक तंत्र दबाव बनाने की कोशिश करते हैं. इसी दबाव को बेअसर करने के लिए ममता और अभिषेक बनर्जी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है. बैठक केवल एक चर्चा नहीं, बल्कि 4 मई के लिए रणनीतिक ब्रीफिंग थी, ताकि जीत का अंतर चाहे जो भी हो, उसे आधिकारिक प्रमाण पत्र में बदलने तक कोई कसर न रहे.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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