झारखंडियों को लगा 'महंगाई का करंट': बिजली टैरिफ में भारी बढ़ोतरी, देखें नया रेट कार्ड

Updated at : 25 Mar 2026 4:56 PM (IST)
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Jharkhand Electricity Rate

झारखंड में बिजली बिल में बढ़ोतरी

Jharkhand Electricity Rate: 1 अप्रैल 2026 से आपका बिजली बिल बदल जायेगा. JBVNL ने नया टैरिफ जारी किया है. घरेलू, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल तीनों सेक्टर में दरें बढ़ी हैं. पूरी रिपोर्ट में देखें पुराने और नये रेट की पूरी लिस्ट.

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Jharkhand Electricity Rate, रांची : झारखंड के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को महंगाई का एक और झटका लगा है. 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नये बिजली टैरिफ के तहत घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक सभी श्रेणियों की दरों में बढ़ोतरी कर दी गयी है, जिससे आम लोगों से लेकर व्यापार और उद्योग जगत तक पर इसका सीधा असर पड़ेगा. प्रति यूनिट दर बढ़ने से उपभोक्ताओं का मासिक बिजली बिल बढ़ना तय है.

घरेलू उपभोक्ताओं पर बढ़ा बोझ

घरेलू कैटिगिरी में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए बिजली की दरों में बढ़ोतरी की गयी है. ग्रामीण इलाकों में प्रति यूनिट दर पहले जहां 6.70 रुपये लगता था वह अब बढ़कर 7.20 रुपये हो गयी है, जबकि शहरी उपभोक्ताओं के लिए यह 6.85 रुपये से बढ़कर 7.40 रुपये प्रति यूनिट हो गयी है. भले ही फिक्स्ड चार्ज में बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन यूनिट दर में वृद्धि का सीधा असर कुल बिल पर पड़ेगा, जिससे आम लोगों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ेगा.

व्यावसायिक गतिविधियों पर भी पड़ेगा असर

व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली महंगी कर दी गयी है. 5 किलोवाट से अधिक लोड वाले ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए 6.20 की दर को बढ़ाकर 6.70 प्रति यूनिट कर दी गयी है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 6.70 रुपये से बढ़ाकर 7.30 रुपये प्रति यूनिट तय कर दी गयी है. इस बढ़ोतरी का असर छोटे दुकानदारों, प्रतिष्ठानों और सेवा क्षेत्र पर पड़ेगा, जहां पहले से ही लागत बढ़ने की समस्या बनी हुई है.

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उद्योगों की लागत में बढ़ोतरी तय

औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी बिजली की दरों में इजाफा किया गया है. लो टेंशन औद्योगिक सप्लाई की दर 6.10 रुपये से बढ़ाकर 6.60 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है, जबकि हाई टेंशन सप्लाई 5.90 रुपये से बढ़कर 6.40 रुपये प्रति यूनिट हो गयी है. उद्योगों के लिए बिजली एक प्रमुख लागत होती है, ऐसे में दरों में वृद्धि से उत्पादन लागत बढ़ेगी और इसका असर बाजार में वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है.

संस्थानों और स्ट्रीट लाइट पर भी प्रभाव

संस्थागत श्रेणी और स्ट्रीट लाइटिंग जैसी सेवाओं के लिए भी टैरिफ में बढ़ोतरी की गयी है. इससे नगर निकायों और सरकारी संस्थानों के खर्च में इजाफा होगा, जिसका अप्रत्यक्ष असर आम लोगों पर पड़ सकता है. कुल मिलाकर लगभग सभी श्रेणियों में प्रति यूनिट दर बढ़ाई गयी है, जबकि फिक्स्ड चार्ज में सीमित बदलाव हुआ है.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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