आर्थिक तंगी से जूझ रहे गरीबों को अनाज देने वाले पीडीएस डीलर, 50 करोड़ का कमीशन बकाया

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :09 May 2026 9:15 PM (IST)
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Ranchi News

प्रतीकात्मक फोटो

Ranchi News: झारखंड में गरीबों को राशन देने वाले पीडीएस डीलर खुद आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं. राज्य सरकार पर 50 करोड़ रुपये से अधिक कमीशन बकाया है. 18 महीने से भुगतान नहीं होने से डीलरों में नाराजगी बढ़ रही है. घाटशिला में एक डीलर आत्महत्या भी कर चुका है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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रांची से सतीश सिंह की रिपोर्ट

Ranchi News: झारखंड में गरीबों को अनाज बांटने वाले 25 हजार पीडीएस (जन वितरण प्रणाली) डीलर आज खुद आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे हैं. राज्य सरकार के पास इन डीलरों का 50 करोड़ रुपये से अधिक का कमीशन (मार्जिन मनी) बकाया है. हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि घाटशिला के एक डीलर ने आर्थिक तंगी से तंग आकर मौत को गले लगा लिया. पीडीएस डीलरों के आंकड़ों के मुताबिक, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (जेएसएफएसएस) के तहत पिछले कई महीनों से कमीशन का भुगतान नहीं हुआ है.

18 महीने का कमीशन बाकी

फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार डीलरों को मिलने वाली मार्जिन मनी का बकाया मार्च 2023 से लेकर अप्रैल 2026 के बीच का है. वर्तमान में डीलरों को 1.50 रुपये प्रति किलो की दर से भुगतान किया जाना है, जिसमें केंद्र का हिस्सा 75 पैसा और राज्य का हिस्सा 75 पैसा है. एनएपएसए का 12 माह का बकाया है. इसमें मार्च 2023, मार्च, सितंबर, अक्टूबर व दिसंबर 2024, जनवरी, फरवरी व मार्च 2025 और 2026 के शुरुआती चार महीने (जनवरी से अप्रैल) के कमीशन राशि का भुगतान नहीं हुआ है. वहीं जेएसएफएसएस के छह माह का बकाया है. झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत भी जनवरी 2024, 2025 की पहली तिमाही और मार्च-अप्रैल 2026 का भुगतान लंबित है.

घाटशिला में डीलर ने कर ली थी आत्महत्या

सिस्टम की बेरुखी ने घाटशिला के पुराना बनकाटी गांव के डीलर मृणाल कुमार की जान ले ली. छह अप्रैल को उन्होंने आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्या कर ली. उनकी दुकान से बरामद सुसाइड नोट ने प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिये हैं. नोट में स्पष्ट लिखा था कि पिछले नौ महीनों का कमीशन नहीं मिलने के कारण परिवार चलाना मुश्किल हो गया है. यह घटना दर्शाती है कि डीलर किस कदर मानसिक और आर्थिक दबाव में हैं.

सचिव से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल

फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश प्रधान महामंत्री ज्ञानदेव झा ने कहा कि राज्य में डीलर 18 माह के कमीशन के लिए भटक रहे हैं. उन्होंने बताया कि बकाया राशि का भुगतान नहीं होने से डीलर भीषण आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं. कई बार विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंप कर इसकी जानकारी दी गयी है. एक बार फिर एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल विभागीय सचिव से मिलकर अपनी मांगों को रखेगा.

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क्या कहते हैं अधिकारी

जेएसएफसी के निदेशक दिलीप तिर्की ने कहा कि पीडीएस डीलरों के बकाया राशि के भुगतान को लेकर केंद्र सरकार से आवंटन मांगा गया है. इसमें डीलरों के पिछले माह के बकाया को भी शामिल है. केंद्र से राशि मिलते ही डीलरों के बकाया का भुगतान शुरू कर दिया जायेगा. चालू वित्तीय वर्ष के लिए फिलहाल 13 करोड़ करोड़ का फंड है.

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लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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