धनबाद-बोकारो सड़क खोलने की मांग पर विधायक राज सिन्हा का अनशन

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :09 May 2026 9:03 PM (IST)
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Dhanbad News

धनबाद में अनशन के लिए जाते विधायक राज सिन्हा. फोटो: प्रभात खबर

Dhanbad News: धनबाद-बोकारो मुख्य सड़क खोलने की मांग को लेकर विधायक राज सिन्हा ने केंदुआडीह में 24 घंटे का अनशन शुरू किया है. सड़क बंद होने से जनजीवन और व्यापार प्रभावित है. आंदोलन को स्थानीय लोगों, व्यापारिक संगठनों और चेंबर ऑफ कॉमर्स का व्यापक समर्थन मिल रहा है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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धनबाद से प्रतीक पोपट की रिपोर्ट

Dhanbad News: धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग को जल्द चालू कराने की मांग को लेकर धनबाद विधायक राज सिन्हा ने केंदुआडीह मुख्य मार्ग पर 24 घंटे का अनशन शुरू कर दिया है. बंद सड़क पर शुरू हुए इस आंदोलन को स्थानीय लोगों, व्यापारिक संगठनों और विभिन्न चेंबर ऑफ कॉमर्स का व्यापक समर्थन मिल रहा है. बड़ी संख्या में लोग धरना स्थल पर पहुंचकर प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर रहे हैं.

सड़क बंद होने से प्रभावित हो रहा जनजीवन

धनबाद-बोकारो मुख्य सड़क पिछले करीब एक महीने से बंद है. सड़क बंद होने के कारण आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क इलाके की प्रमुख लाइफलाइन है, जिससे धनबाद, बोकारो, रांची और जमशेदपुर जैसे बड़े शहर जुड़े हुए हैं. सड़क बंद रहने से व्यापार, परिवहन और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है. दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों का कहना है कि कारोबार पर इसका सीधा असर पड़ रहा है और उनकी आय में भारी गिरावट आयी है.

आंदोलन को मिला व्यापारिक संगठनों का समर्थन

केंदुआडीह स्थित बंद सड़क पर शुरू हुए इस अनशन में केंदुआ, लोयाबाद, पुटकी, तेतुलमारी समेत आसपास के कई इलाकों के लोग शामिल हुए. बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण आंदोलन ने जनआंदोलन का रूप ले लिया है. व्यापारिक संगठनों और चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सड़क जल्द नहीं खोली गयी तो क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां और अधिक प्रभावित होंगी.

प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप

जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले जिला प्रशासन ने हाई लेवल बैठक कर समस्या का समाधान निकालने का आश्वासन दिया था. इसके बाद विधायक राज सिन्हा ने अपना अनिश्चितकालीन धरना स्थगित कर दिया था. लेकिन तय समय पर बैठक नहीं होने और प्रशासन तथा बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं किये जाने के बाद विधायक ने दोबारा आंदोलन शुरू कर दिया. आंदोलनकारियों का आरोप है कि प्रशासन जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है.

यह सड़क क्षेत्र की लाइफलाइन है: राज सिन्हा

धरना स्थल पर मीडिया से बातचीत करते हुए राज सिन्हा ने कहा कि सड़क बंद होने से हजारों लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है. उन्होंने कहा कि यह मार्ग धनबाद, बोकारो, रांची और जमशेदपुर को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क है. उन्होंने प्रशासन और राज्य सरकार पर निष्क्रिय रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि हाल ही में माडा द्वारा भू-धंसान क्षेत्र के पास खुदाई की गयी, लेकिन वहां किसी बड़े खतरे जैसी स्थिति दिखाई नहीं दी. ऐसे में सड़क को लंबे समय तक बंद रखने के पीछे साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता.

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आंदोलन तेज करने की चेतावनी

राज सिन्हा ने कहा कि जनता की समस्याओं को देखते हुए वे 24 घंटे तक बिना अन्न ग्रहण किये अनशन पर बैठे रहेंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की है. लोगों का कहना है कि सड़क चालू होने से ही क्षेत्र में सामान्य जनजीवन और व्यापारिक गतिविधियां फिर से पटरी पर लौट सकेंगी.

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लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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