बहरागोड़ा में डिफ्यूज कर दिया गया द्वितीय विश्वयुद्ध का बम, प्रशासन ने ली सेना की मदद

बहरागोड़ा में मिट्टी में गाड़ने के बाद बमों का विस्फोट और इनसेट में निरीक्षण करते सेना के जवान. फोटो: प्रभात खबर
Baharagora Bomb Defused: पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा में स्वर्णरेखा नदी किनारे मिले द्वितीय विश्वयुद्ध के शक्तिशाली बम को भारतीय सेना ने सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया. नियंत्रित विस्फोट से धुएं का गुबार उठा, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के कारण कोई नुकसान नहीं हुआ और लोगों ने राहत की सांस ली. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.
बहरागोड़ा से प्रकाश मित्र की रिपोर्ट
Baharagora Bomb Defused: पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र स्थित पानीपाड़ा नागुडसाईं स्वर्णरेखा नदी किनारे मिले द्वितीय विश्वयुद्ध के एक शक्तिशाली बम को आखिरकार डिफ्यूज कर दिया गया. यह बम पिछले 9 दिनों से इलाके में पड़ा हुआ था, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ था. भारतीय सेना के जवानों ने नई तरकीब अपनाकर द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान इस्तेमाल किए गए अमेरिकी बमों को डिफ्यूज किया.
सेना की टीम में ये लोग रहे शामिल
बम को डिफ्यूज करने के लिए भारतीय सेना के कर्नल धर्मेंद्र सिंह और कैप्टन आयुष कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम मौके पर पहुंची. उनके साथ स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे. इस दौरान घाटशिला एसडीपीओ अजीत कुजूर, मुसाबनी डीएसपी संदीप भगत, डीसी एलआर नित निखिल और थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा ने सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सेना ने बम डिफ्यूज करने से पहले पूरे क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की. करीब एक किलोमीटर के दायरे में लोगों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई. आसपास के ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया. मौके पर अग्निशमन दल और एम्बुलेंस की भी व्यवस्था की गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.
जमीन में गाड़कर बमों का कराया गया विस्फोट
भारतीय सेना के जवानों ने बम को निष्क्रिय करने के लिए नई और सुरक्षित तकनीक अपनाई. नदी किनारे रेत में गड्ढा खोदकर बम को जमीन के अंदर रखा गया और नियंत्रित तरीके से डेटोनेटर के माध्यम से विस्फोट किया गया.
धमाके से दहला इलाका, उठा धुएं का गुबार
जैसे ही बम को विस्फोट कर डिफ्यूज किया गया, पूरे इलाके में जोरदार धमाका हुआ. आग और धुएं का बड़ा गुबार आसमान में उठता नजर आया. हालांकि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के कारण किसी प्रकार की जानमाल की हानि नहीं हुई.
पुलिस और सेना के तालमेल से सफल ऑपरेशन
इस पूरे ऑपरेशन में भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतरीन समन्वय देखने को मिला. सेना के अधिकारियों ने पुलिस बल को पहले ही जरूरी प्रशिक्षण और निर्देश दिए थे, जिससे ऑपरेशन पूरी तरह सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सका.
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बम डिफ्यूज होने के बाद लोगों ने ली राहत की सांस
बम डिफ्यूज होने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली. लंबे समय से बना भय का माहौल अब समाप्त हो गया है. प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध वस्तु की सूचना तुरंत देने की अपील की है.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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