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Jharkhand Chunav 2024: झारखंड में आचार संहिता उल्लंघन के 31 केस, कितने करोड़ के अवैध सामान और कैश जब्त?

Updated at : 04 Nov 2024 7:49 PM (IST)
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धुर्वा के निर्वाचन सदन में पत्रकारों से बातचीत करते मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार

धुर्वा के निर्वाचन सदन में पत्रकारों से बातचीत करते मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार

Jharkhand Chunav 2024: झारखंड के सीईओ (मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी) के रवि कुमार ने कहा कि आदर्श चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के अब तक 31 मामले दर्ज किए गए हैं. गढ़वा में सर्वाधिक 18 केस दर्ज हुए हैं. अब तक 147.80 करोड़ के अवैध सामान और कैश जब्त हुए हैं.

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Jharkhand Chunav 2024: रांची-झारखंड के सीईओ (मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी) के रवि कुमार ने कहा है कि राज्य में विधानसभा चुनाव प्रचार शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है. इस बीच आदर्श चुनाव आचार संहिता की छिटपुट घटनाएं भी सामने आ रही हैं. अभी तक आदर्श चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में 31 प्राथमिकी दर्ज की गयी है. उनमें सर्वाधिक 18 मामले गढ़वा जिले में दर्ज हुए हैं, जबकि रांची, सिमडेगा और रामगढ़ जिले में दो-दो मामले दर्ज हुए हैं. सरायकेला, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, देवघर, जामताड़ा, हजारीबाग और पलामू जिले में एक-एक मामले दर्ज किए गए हैं. अब तक राज्य में 147.80 करोड़ के अवैध सामान और कैश जब्त किए गए हैं. वे सोमवार को धुर्वा के निर्वाचन सदन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.

मतदान प्रतिशत बढ़ने की संभावना


सीईओ के रवि कुमार ने कहा कि सूचना प्राप्त हो रही है कि त्योहार और फसल-कटाई को लेकर झारखंड से बाहर गये श्रमिक अपने घर लौट रहे हैं. झारखंड विधानसभ चुनाव-2024 के समय उनकी घर वापसी से उम्मीद जगी है कि वे इस दौरान मतदान में भी हिस्सा लेंगे. इससे मतदान प्रतिशत में बढ़ोत्तरी की संभावना है. मतदाता जागरूकता अभियान के दौरान ऐसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश भी की जा रही है.

मतदान के लिए पेड लीव अनिवार्य


निर्वाचन आयोग का फोकस हर तरह के संस्थानों में कार्यरत लोगों को मतदान के लिए सवैतनिक अवकाश (पेड लीव) सुनिश्चित कराने पर है. पिछले चुनाव में कतिपय लोक उपक्रमों में इसे लेकर थोड़ी उहापोह की स्थिति देखी गयी थी, लेकिन इस बार अनिवार्य रूप से कर्मियों को मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश देना सुनिश्चित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अगर रांची में किसी संस्थान में कोई कार्यरत है और वह पाकुड़ में मतदान करने जाना चाहता है तो उसे भी समय से अवकाश देना नियोक्ताओं के लिए अनिवार्य है. उन्होंने हर छोटे-बड़े संस्थानों को अपने कर्मियों के साथ अन्य लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करने के लिए अपने संस्थान में गठित वोटर अवेयरनेस फोरम के जरिए सपरिवार मतदान के लिए विभिन्न तरह के मतदाता जागरूकता कार्यक्रम चलाने की अपील की.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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