झारखंड विधानसभा में विश्वविद्यालय विधेयक पर भाजपा विधायकों का हंगामा

झारखंड विधानसभा में आज फिर हुआ हंगामा.
Jharkhand Assembly Monsoon Session: झारखंड विधानसभा में गुरुवार को मानसून सत्र के चौथे दिन विश्वविद्यालय विधेयक पर भाजपा विधायकों ने जमकर हंगामा किया. विरोध प्रदर्शन करते हुए भाजपा नेता आसन के पास पहुंच गये. सत्ता पक्ष के विधायक भी आसन के करीब आ गये. दोनों पक्षों से स्पीकर ने अपील की कि वे अपनी-अपनी सीट पर जायें, लेकिन कोई नहीं माना. अंतत: स्पीकर ने 10 मिनट बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी.
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Jharkhand Assembly Monsoon Session: झारखंड विधानसभा में बृहस्पतिवार को भी प्रश्नकाल की कार्यवाही बाधित रही. विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने राज्य विश्वविद्यालय विधेयक एवं अन्य मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों के विरोध के बीच सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी.
कार्यवाही शुरू होते ही प्रदीप यादव ने की ये मांग
पूर्वाह्न करीब 11 बजे मानसून सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को ‘भारत रत्न’ देने और विधानसभा परिसर में भीमराव आंबेडकर, सिदो-कान्हू एवं दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमाएं स्थापित करने की मांग की.
नवीन जायसवाल ने शिक्षा के राजनीतिकरण का लगाया आरोप
प्रश्नकाल शुरू होते ही हटिया से भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2025 पारित करके शिक्षा का राजनीतिकरण कर रही है. जायसवाल ने कहा, ‘यह विधेयक राज्यपाल के अधिकारों को छीनने और छात्रों के चुनाव को रोकने का एक प्रयास है. छात्र सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं. यह छात्रों और शिक्षा का मुद्दा है.’
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झारखंड सरकार ने पास किया है विश्वविद्यालय विधेयक
झारखंड सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में राज्य विश्वविद्यालय विधेयक पारित कर दिया. जायसवाल ने सूर्या हंसदा की ‘मुठभेड़’ में हुई मौत का मुद्दा भी उठाया और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग की.
सुदिव्य कुमार बोले- छात्रों के अधिकारों का हनन नहीं
राज्य विश्वविद्यालय विधेयक पर जायसवाल के सवाल का जवाब देते हुए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने आरोप लगाया कि विपक्ष विश्वविद्यालयों में छात्र चुनाव को लेकर भ्रम फैला रहा है. उन्होंने कहा, ‘विधेयक में छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन नहीं किया गया है.’
सत्ता और विपक्ष के सदस्य आसन के सामने आ गये
इसके बाद भाजपा विधायक आसन के समीप आ गये, जिसके बाद सत्ता पक्ष के सदस्य भी आसन के निकट आ गये. विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों से अपनी-अपनी सीट पर वापस जाने और प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया.
स्पीकर ने कहा- प्रश्नकाल का महत्व कम हो जायेगा
स्पीकर महतो ने कहा, ‘अगर सदस्य इसी तरह प्रश्नकाल में बाधा डालते रहे, तो वे अगली बार प्रश्न नहीं पूछें. इससे प्रश्नकाल का महत्व कम हो जायेगा और इसकी जिम्मेदारी सदस्यों पर आ जायेगी. मुझे लगता है कि भविष्य में लोग सदन के महत्व और प्रश्नकाल में व्यवधान को लेकर अपनी राय बनायेंगे. इसलिए, मैं सदस्यों से अनुरोध करता हूं कि वे प्रश्नकाल चलने दें.’
Jharkhand Assembly: 10 मिनट बाद कार्यवाही स्थगित
दोनों पक्षों में से किसी ने स्पीकर की बात पर ध्यान नहीं दिया. सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य सदन में हंगामा करते रहे, जिसके कारण अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट चलने के बाद दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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