Swachh Survekshan 2020: तीसरे साल झारखंड फिर देश का सबसे स्वच्छ राज्य, इन 19 कार्यों ने सुधारी राज्य की रैंकिंग

Jharkhand News, Swachh Survekshan 2020, My Clean India, Swachh Mahotsav: स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार तीसरे साल झारखंड कई मामलों में टॉप पर रहा. झारखंड को बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट (100 से कम शहरी निकायों वाले राज्यों में) का तमगा मिला है, तो राज्य के चार शहरों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अवॉर्ड जीते हैं. स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में इतने अवॉर्ड जीतने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग के साथ-साथ नगर निकायों ने काफी मेहनत की.
रांची : स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार तीसरे साल झारखंड कई मामलों में टॉप पर रहा. झारखंड को बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट (100 से कम शहरी निकायों वाले राज्यों में) का तमगा मिला है, तो राज्य के चार शहरों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अवॉर्ड जीते हैं. स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 में इतने अवॉर्ड जीतने के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग के साथ-साथ नगर निकायों ने काफी मेहनत की.
आइए, आपको बताते हैं कि शहरी स्वच्छता के क्षेत्र में झारखंड सरकार और नगर निकायों ने कौन-कौन से काम किये, जिसकी वजह से प्रदेश और प्रदेश और उसके चार शहरों (जमशेदपुर, जुगसलाई, मधुपुर और खूंटी) को इस राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में इतना सम्मान मिला है.
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बहुआयामी रणनीति का प्रयोग करते हुए एक ओर शहरों में क्षमता में वृद्धि करते हुए स्वच्छ भारत मिशन के क्रियान्वयन के अनुकूल वातावरण तैयार किया गया, तो दूसरी ओर नागरिकों को मिशन की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भागीदारी के लिए प्रोत्साहित भी किया गया.
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प्रदेश के सभी शहरों में डोर टू डोर कचरा उठाव सुनिश्चित किया गया.
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शहरों में दो शिफ्ट में कचरा उठाव की व्यवस्था की गयी, तो रात में भी कचरा उठाव और स्वीपिंग का काम शुरू किया गया.
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ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए सूखा और गीला कचरा अलग-अलग उठाने की व्यवस्था की गयी.
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छोटे शहरों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया.
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प्रदेश के 39 शहरों को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ+) किया गया.
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प्रदेश के दो शहरों जमशेदपुर और साहिबगंज को ओडीएफ++ किया गया.
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संपूर्ण मिशन अवधि में प्रदेश के शहरों में 2,17,691 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया गया.
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संपूर्ण मिशन अवधि में प्रदेश के शहरों में 576 (5,106 सीट) सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया.
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मिशन अवधि में कुल 235 (470 सीट) मूत्रालय का निर्माण कराया गया.
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सभी नगर निकायों के कचरा संग्रह वाहनों में ट्रैकिंग प्रणाली लगायी गयी.
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नगर निकायों में स्वच्छता ऐप (App) के माध्यम से शिकायत निवारण सफलतापूर्वक किया जा रहा है.
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नगर निकायों के कार्यों का डॉक्यूमेंटेशन भी सही तरीके से शुरू किया गया.
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सामुदायिक व सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई, परिचालन और प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
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शौचालयों में पानी की उपलब्धता और रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
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व्यापक रूप से जन-जागरूकता एवं विषय आधारित स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है.
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अक्सर वरिष्ठ नागरिक, स्वच्छता दूत, वार्ड पार्षद आदि के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जाता है. लोगों को शौचालय का इस्तेमाल करने और कचरा प्रबंधन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.
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आम नागरिकों की जागरूकता एवं सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए स्वच्छ होटल, स्वच्छ धार्मिक स्थल, स्वच्छ अस्पताल प्रतियोगिता और सर्वोत्तम शौचालय प्रतियोगिता आयोजित की गयी.
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जमशेदपुर को थ्री स्टार (3 सितारा) शहर (सिटी) प्रमाणित किया गया है.
ज्ञात हो कि झारखंड पिछले तीन वर्षों से शहरों के साथ-साथ राज्य स्तर की प्रतिस्पर्द्धा श्रेणी में भी टॉप रैंकिंग में शुमार है. राज्य को वर्ष 2018 में देश का बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट चुना गया था, तो वर्ष 2019 में यह सेकेंड बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट रहा था. अब वर्ष 2020 में एक बार फिर देश का बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट (100 से कम नगर निकायों वाले राज्यों में) का खिताब झारखंड ने हासिल किया है.
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नगर विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष का अवॉर्ड इसलिए भी खास है कि स्वच्छता को लेकर मुख्यमंत्री सह विभागीय मंत्री हेमंत सोरेन हर वक्त तत्पर रहते हैं. उनके मार्गदर्शन में स्वच्छता के क्षेत्र में कई नयी पहल शुरू की गयी. नगर निकायों ने बेहतरीन काम किया और आम जनों का भी काफी सहयोग मिला.
इस उपलब्धि के लिए मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने प्रदेश के नगर विकास एवं आवास विभाग, नगर निकायों और राज्य के नागरिकों को बधाई दी है. वहीं, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे ने नगर विकास विभाग, राज्य शहरी विकास अभिकरण और नगर निकायों के पदाधिकारियों, कर्मियों तथा राज्य के नागरिकों को बधाई दी है.
श्री चौबे ने कहा है कि ये क्षण राज्य और राज्यवासियों के लिए गौरव की बात है. ये परिणाम हमें स्वच्छता के क्षेत्र में और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करेगा. उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि नगर विकास विभाग लगातार इसी तरह से राज्य के शहरों को स्वच्छ बनाये रखने के लिए काम करता रहेगा.
राज्य शहरी विकास अभिकरण के निदेशक अमित कुमार ने नगर निकायों के पदाधिकारियों, कर्मियों, सफाईकर्मियों एवं शहर के नागरिकों को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने उम्मीद जतायी कि आगे भी इस अभियान में सभी का सहयोग मिलता रहेगा.
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यहां बताना प्रासंगिक होगा कि इस सर्वेक्षण में देशभर से 4,242 शहरों नें हिस्सा लिया. इसमें झारखंड के 41 नगर निकाय शामिल हैं. 4 जनवरी, 2020 से ये सर्वेक्षण शुरू हुआ और करीब एक माह तक अलग-अलग शहरों में विभिन्न माध्यमों से सर्वे किया गया. भारत सरकार नें सर्वेक्षण के लिए ऑनलाइन और भौतिक सत्यापन की व्यवस्था की थी.
इस प्रतियोगिता में कुल 6000 अंक निर्धारित किये गये थे, जिसमें सर्विस लेवल प्रोग्रेस के लिए 1500 अंक, डायरेक्ट ऑब्जर्वेशन के लिए 1500 अंक, सर्टिफिकेशन के लिए 1500 अंक और सिटिजन फीडबैक के लिए 1500 अंक निर्धारित किये गये थे.
Posted By : Mithilesh Jha
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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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