दलबदल मामले में बाबूलाल मरांडी का क्या होगा? जानें आज क्या-क्या हुआ स्पीकर की अदालत में

Babulal Marandi Defection Case: महागठबंधन (झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल) के विधायकों के छत्तीसगढ़ जाने की खबरों के बीच झारखंड विधानसभा के स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी के खिलाफ दायर दलबदल संबंधी याचिका पर सोमवार को लंबी सुनवाई की.
Babulal Marandi Defection Case: झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Jharkhand CM Hemant Soren) की सदस्यता खत्म किये जाने की खबरों के बीच प्रदेश में राजनीतिक शह-मात का खेल शुरू हो गया है. खनन पट्टा मामले में हेमंत सोरेन की सदस्यता खत्म किये जाने की चर्चा है, तो दलबदल मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी (Babulal Marandi) की सदस्यता पर भी सुनवाई चल रही है.
महागठबंधन (झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल) के विधायकों के छत्तीसगढ़ जाने की खबरों के बीच झारखंड विधानसभा के स्पीकर रवींद्रनाथ महतो (Jharkhand Assembly Speaker Ravindra Nath Mahto) ने भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी के खिलाफ दायर दलबदल संबंधी याचिका पर मंगलवार को लंबी सुनवाई की. सभी पक्षों को सुनने के बाद स्पीकर ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.
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मंगलवार (30 अगस्त 2022) को स्पीकर ने वादी-प्रतिवादी सभी का पक्ष सुना और बाबूलाल मरांडी के मामले में सुनवाई पूरी कर ली. स्पीकर 1 सितंबर 2022 को प्रदीप यादव और बंधु तिर्की के मामले में सुनवाई करेंगे. बताया गया है कि बाबूलाल मरांडी के मामले में 8 बिंदुओं पर चार्ज फ्रेम किया था. सभी बिंदुओं पर आज सुनवाई पूरी हो गयी.
झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने अपनी पार्टी का भाजपा में विलय कर दिया था. बाबूलाल मरांडी के इस कदम का विरोध करते हुए उनकी पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं प्रदीप यादव और बंधु तिर्की समेत 5 लोगों ने स्पीकर की अदालत में 4 शिकायतें दाखिल की थी. प्रदीप यादव और बंधु तिर्की का आरोप है कि बाबूलाल मरांडी ने अकेले पार्टी बदली. उनके साथ कोई और विधायक नहीं गया. दो तिहाई विधायकों ने दलबदल नहीं किया.
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हालांकि, बाबूलाल मरांडी ने जोर देकर कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया. उन्होंने अपनी पार्टी जेवीएम का भाजपा में विलय किया. सभी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए पार्टी का विलय किया. इसमें किसी कानून का उल्लंघन नहीं हुआ है. इस मामले में आज 45 मिनट चली बहस के बाद स्पीकर ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया.
बाबूलाल मरांडी के खिलाफ पांच लोगों ने चार शिकायत दर्ज करायी थी. भूषण तिर्की, पूर्व विधायक राजकुमार यादव, विधायक दीपिका पांडेय ने स्पीकर के पास अलग-अलग शिकायत दर्ज करायी थी. वहीं, जेवीएम के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बने प्रदीप यादव और बंधु तिर्की, जिन्होंने बाद में कांग्रेस की सदस्यता ले ली, ने संयुक्त रूप से मरांडी के खिलाफ याचिका दाखिल की.
स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने सभी चार शिकायतों को मर्ज कर दिया और उसकी सुनवाई की. सुनवाई पूरी होने के बाद राजधनवार से विधायक बाबूलाल मरांडी की सदस्यता पर अब अंतिम फैसला स्पीकर को लेना है. हालांकि, वह किस दिन अपना फैसला सुनायेंगे, इसके बारे में अभी कुछ नहीं बताया गया है. बंधु तिर्की और प्रदीप यादव मामले की सुनवाई 1 सितंबर तो दिन में 2 बजे होगी.
रिपोर्ट- आनंद मोहन
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