कोयले की लूट और ‘हाउस’ की भूमिका पर बाबूलाल मरांडी के गंभीर आरोप, क्या-क्या बोले, यहां पढ़ें

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते बाबूलाल मरांडी.
Babulal Marandi Attacks CM Hemant Soren: बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार पर अवैध कोयला खनन मामले में गंभीर आरोप लगाये हैं. मरांडी ने कहा है कि कोयले की लूट में सीएम हाउस भी शामिल है. उन्होंने कहा कि कोयले के अवैध कारोबार में ‘हाउस’ महाराजा की भूमिका में है. उन्होंने कुछ लोगों के नामों का भी खुलासा किया है, जो अवैध कोयला खनन के कारोबार की देखरेख करते हैं.
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Babulal Marandi Attacks CM Hemant Soren: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध कोयला कारोबार को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा. मरांडी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर धनबाद में चल रहे अवैध कोयला के व्यापार में मुख्यमंत्री आवास (सीएम हाउस) की भूमिका के भी संकेत दिये.
पहले कोयला चोर पुलिस तक पहुंचाते थे कमीशन – मरांडी
भाजपा नेता ने पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा कि पहले कोयला चोर कोयले की चोरी कर कमीशन पुलिस प्रशासन तक पहुंचाते थे. अब हालात बदल गये हैं. पुलिस प्रशासन और कोयला माफिया साझेदारी में काम करते हैं. उन्होंने कहा कि धनबाद में तैनात शीर्ष पुलिस अधिकारी कोयले के कारोबार में लिप्त हो गये हैं.
Babulal Marandi Attacks CM Hemant Soren: 30-40 साइट से अवैध तरीके से हो रही कोयले की निकासी – भाजपा
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि धनबाद के निरसा, बाघमारा और झरिया ऐसे क्षेत्र हैं, जहां कोयले का अवैध रूप से कारोबार हो रहा है. इस क्षेत्र में 20-25 थाने और ओपी हैं. क्षेत्र में 30-40 साइट से अवैध तरीके से कोयले निकाले जाते हैं.
साइट चलाने के लिए ‘हाउस’ की अनुमति जरूरी – बाबूलाल
उन्होंने कहा कि चर्चा है कि साइट हासिल करने केलिए ‘हाउस’ की अनुमति जरूरी है. हाउस से फोन आने पर ही एसएसपी साइट का अप्रूवल देते हैं. फिर एडवांस के तौर पर एक करोड़ रुपए लिये जाते हैं. इन क्षेत्रों से प्रतिदिन 150-200 ट्रक कोयला निकाला जाता है. प्रति टन 8 से 10 हजार रुपए का व्यापार ‘हाउस’ के नियंत्रण में होता है.
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कोयले के कारोबार में महाराजा की भूमिका में ‘हाउस’ – नेता प्रतिपक्ष
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इस अवैध कारोबार में ‘हाउस’ महाराजा की भूमिका में होता है. एसएससी प्रधान सेनापति और डीसी महामंत्री की भूमिका निभाते हैं. इसके लिए दोनों प्रॉफिट के हिस्सेदार हैं. इस धंधे में थाना प्रभारी, इंस्पेक्टर, डीएसपी, एसडीओ, ग्रामीण एसपी, खनन अधिकारी, अंचल अधिकारी का हिस्सा भी तय है. उन्होंने कहा कि बाघमारा डीएसपी मुख्यमंत्री के सुरक्षाकर्मी रह चुके हैं.
कोल साइट और उसको संचालित करने वाले
| कोल साइट | संचालित करने वाले लोग |
|---|---|
| भौंदा | अरविंद, करण, कुंजामा आकाश, मनीष आर्य |
| पंचेत | अंजनी |
| निरसा | संजय सिंह |
| गोपाली और बाघमारा | पांडेय जी |
| बरौना, तेतुलमारी, जमुनिया राम कनाली | बाघमारा डीएसपी पुरुषोत्तम सिंह |
| जीना गोंडा, बरारी, अलगडीहा | गणेश यादव के बेटे बिट्टू |
| सुदामडीह | शेखर सिन्हा, गुलाम केशर व अन्य |
सीएम को आरोपों पर आपत्ति, तो उच्चस्तरीय जांच करवायें – बाबूलाल
मरांडी ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन आरोपों पर कोई आपत्ति है, तो इसकी उच्चस्तरीय जांच करायें, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाये. प्रेस कॉन्फ्रेंस में झारखंड बीजेपी के मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, प्रवक्ता रमाकांत महतो भी उपस्थित थे.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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