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मुख्यमंत्री से सरयू राय की मांग- धालभूम अनुमंडल एसडीओ की पूर्णकालिक पदस्थापना शीघ्र करें

Updated at : 26 Nov 2025 3:24 PM (IST)
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Saryu Roy to CM Jharkhand

सरयू रॉय और झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन.

Saryu Roy to CM of Jharkhand: जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू रॉय ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जल्द से जल्द धालभूमगढ़ के एसडीओ की स्थायी नियुक्ति की जाये. उन्होंने कहा है कि एसडीओ की नियुक्ति नहीं होने की वजह से आम लोगों के जनहित के काम रुके हुए हैं. प्रशासनिक काम में शिथिलता आ गयी है.

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Saryu Roy to CM of Jharkhand : जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा के विधायक और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता सरयू राय ने कहा है कि झारखंड सरकार का सामान्य प्रशासन विभाग शिथिलता का शिकार है. इसका प्रतिकूल प्रभाव मुख्यालय से प्रखंड स्तर की प्रशासनिक दक्षता पर पड़ रहा है. पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन इसका सर्वाधिक शिकार है. उन्होंने कहा कि पूर्वी सिंहभूम जिला मुख्यालय जमशेदपुर में एसडीओ धालभूम का पद कई महीनों से खाली है. यह महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद लंबे समय से प्रभार में चल रहा है. फलस्वरूप जनहित के अति आवश्यक निर्णय लंबित हैं.

पूर्व में लिये गये निर्णयों को लागू करने में शिथिलता – जदयू विधायक

विधायक ने कहा कि पूर्व में लिये गये निर्णयों को लागू करने में शिथिलता बरती जा रही है. आम जन अपनी समस्याओं के समाधान के लिए टकटकी लगाये हुए हैं कि कब पूर्णकालिक सिविल एसडीओ की पदस्थापना होगी और उनकी समस्याओं का समाधान होगा. उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि धालभूम अनुमंडल में पूर्णकालिक सिविल एसडीओ की पदस्थापना शीघ्र करें.

80 से अधिक उप समाहर्ता स्तर के अधिकारी पोस्टिंग की प्रतीक्षा में – सरयू रॉय

सरयू राय ने कहा कि एक ओर विभिन्न जिलों में एवं सरकार के विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में अति आवश्यक चिह्नित पद रिक्त हैं. वहीं, एक अधिकारी एक से अधिक विभागों के प्रभार में हैं. दूसरी ओर 80 से अधिक उप समाहर्ता स्तर के अनुभवी पदाधिकारी स्थानांतरण के उपरांत काफी दिनों से पदस्थापन की प्रतीक्षा में हैं. कमोबेश ऐसी ही स्थिति नव प्रोन्नत भारतीय प्रशासनिक सेवा के युवा अधिकारियों की पदस्थापन की भी है.

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डीडीसी जैसे अहम पद भी महीनों रहते हैं रिक्त – विधायक

विधायक ने कहा कि डीडीसी जैसे अति आवश्यक प्रशासनिक पद भी महीनों तक रिक्त रहते हैं. पूर्वी सिंहभूम के उप विकास आयुक्त का पद 9 महीने से अधिक समय तक प्रभार में चलता रहा. जिला प्रशासन में डीडीसी, एसडीओ जैसे महत्वपूर्ण पदों पर योग्य पूर्णकालिक अधिकारी की नियुक्ति के बदले अस्थायी अतिरिक्त प्रभार देकर काम चलाने की जुगाड़ू कार्य पद्धति से जिले की प्रशासनिक क्षमता एवं दक्षता घटती है. विकास कार्यों के अतिरिक्त सामान्य जन के निजी कार्यों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.

Saryu Roy to Jharkhand CM : रुकी हुई हैं पुलिस और अन्य राजपत्रित अधिकारियों की प्रोन्नति

विधायक सरयू राय ने कहा कि प्रशासन और पुलिस तथा राज्य सेवाओं के अन्य राजपत्रित पदों पर पदस्थापित पदाधिकारियों की प्रोन्नतियां भी रुकी हुई हैं. यही स्थिति अभियांत्रिकी, स्वास्थ्य, कृषि एवं अन्य विभागों के विशेषज्ञ पदों पर पदस्थापित राज्य सेवा के अधिकारियों एवं कर्मियों की भी है. सरयू राय ने कहा कि बिहार में इनके समकक्ष अधिकारी और कर्मचारी प्रोन्नत होकर उच्च पदों पर कार्यरत हैं.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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