CGL Exam News : कर्मचारी चयन आयोग ने कहा- शार्टलिस्ट किये गये 2231 में 83 फीसदी आरक्षित वर्ग के और 96 प्रतिशत झारखंडी
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 15 Dec 2024 12:25 AM
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से आयोजित झारखंड सामान्य स्नातक स्तर संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (सीजीएल)-2023 में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं हुई है. परीक्षा पूरी तरह से कदाचारमुक्त व शांतिपूर्ण तरीके से 21 व 22 सितंबर को ली गयी थी. शॉर्टलिस्टेड अभ्यर्थियों में से 96 प्रतिशत झारखंड के निवासी हैं.
रांची. झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से आयोजित झारखंड सामान्य स्नातक स्तर संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (सीजीएल)-2023 में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं हुई है. परीक्षा पूरी तरह से कदाचारमुक्त व शांतिपूर्ण तरीके से 21 व 22 सितंबर को ली गयी थी. शॉर्टलिस्टेड अभ्यर्थियों में से 96 प्रतिशत झारखंड के निवासी हैं. 2231 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्टेड किया गया है. इसमें से 2145 झारखंड के निवासी हैं. इतना ही नहीं शार्टलिस्ट किये गये 2231 अभ्यर्थियों में 83.50 प्रतिशत आरक्षित वर्ग के चयनित हैं. 21 व 22 सितंबर को हुई परीक्षा में दूसरे दिन 88 प्रतिशत अभ्यर्थी सफल रहे है. पहले दिन हिंदी की परीक्षा हुई थी, जबकि दूसरे दिन जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा की परीक्षा ली गयी थी. उक्त बातें आयोग के सचिव सुधीर कुमार गुप्ता ने शनिवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कही. इस अवसर पर उपसचिव अरविंद कुमार लाल भी उपस्थित थे.
सिर्फ सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन हो रहा
सचिव श्री गुप्ता ने कहा कि आयोग की वेबसाइट पर अभ्यर्थियों की जो सूची प्रकाशित की गयी है, वह सिर्फ सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए है, वह अंतिम परीक्षाफल नहीं है. कुछ लोग इसे परीक्षाफल बता रहे हैं, जो सही नहीं है. परीक्षाफल, मेरिट लिस्ट बाद में प्रकाशित की जायेगी. अंतिम परीक्षाफल प्रकाशित होने के बाद अंतिम चयनित अभ्यर्थी का कट ऑफ मार्क्स जारी किया जायेगा.
शिकायतों को सही नहीं पाया गया
सचिव ने कहा कि सीजीएल परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है. जांच के बाद वह यह कहने की स्थिति में हैं कि कोई गड़बड़ी नहीं हुई है. गड़बड़ी की बात कहते हुए प्रदर्शन करनेवालों ने जो सीडी उपलब्ध करायी थी, वह ब्लैंक पाया गया. शिकायतकर्ताओं द्वारा जो आरोप लगाये गये थे, उसे शपथ पत्र में देने के लिए कहा गया, लेकिन नहीं दिया गया. प्रश्न पत्र वायरल होने के जो पत्र उपलब्ध कराये गये, वह शाम के पांच बजे के बाद की ली गयी तस्वीर है. कुछ अभ्यर्थियों व कोचिंग संचालकों की ओर से प्रश्न पत्र लीक होने सहित पांच प्रकार की गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था. आयोग की ओर से उसकी जांच की गयी और शिकायत करनेवालों से मूल सबूत व शपथ पत्र मांगा गया, जिसे उपलब्ध नहीं कराया गया. सोशल मीडिया पर परीक्षा को लेकर अफवाह व भ्रम भी फैलाया जा रहा है. कहा जा रहा है कि दो दिनों में जो परीक्षा हुई. दूसरे दिन की परीक्षा में शामिल अधिक अभ्यर्थी सफल हुए हैं. इस पर सचिव ने कहा कि अभ्यर्थियों को पता होना चाहिए कि पहले दिन हिंदी भाषा की परीक्षा ली गयी थी. दूसरे दिन जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा में परीक्षा ली गयी थी. किसी भी परीक्षा केंद्र में विसंगति नहीं पायी गयी है.
आयोग के पदाधिकारियों को मिल रही है जान से मारने की धमकी
सचिव सुधीर गुप्ता ने यह भी कहा कि आयोग के पदाधिकारियों को जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है. धमकी भरा पत्र ई-मेल के माध्यम से मिला है. इसकी जानकारी पुलिस प्रशासन को दे दी गयी है. हालांकि संवाददाता सम्मेलन में सचिव ने ई-मेल से मिले पत्र को दिखाने में असमर्थता जतायी.
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