ट्रॉमा सेंटर : मरीज के परिजनों से मंगाया जाता है कॉटन व ग्लव्स

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रांची : रिम्स के ट्रॉमा सेंटर की क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) में भर्ती मरीज के परिजनों को कॉटन व ग्लव्स भी खरीद कर लाना पड़ रहा है, जबकि ये दोनों चीजें अस्पताल द्वारा मुफ्त में उपलब्ध करायी जानी है. यहां गंभीर मरीज के साथ एक परिजन को साथ रहने की अनुमति है. ये मरीज की […]

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रांची : रिम्स के ट्रॉमा सेंटर की क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) में भर्ती मरीज के परिजनों को कॉटन व ग्लव्स भी खरीद कर लाना पड़ रहा है, जबकि ये दोनों चीजें अस्पताल द्वारा मुफ्त में उपलब्ध करायी जानी है. यहां गंभीर मरीज के साथ एक परिजन को साथ रहने की अनुमति है. ये मरीज की देखभाल करते हैं. सीसीयू के पारा मेडिकल स्टाफ परिजनों को मौखिक रूप से ग्लव्स व कॉटन लाने का निर्देश देते हैं. इस कारण मरीज के परिजनों को अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ रहा है.
निजी दवा दुकान से कॉटन व ग्लव्स खरीदने में सबसे ज्यादा परेशानी गरीब मरीजों के परिजनों को होती है, क्योंकि उनके पास पैसा नहीं होता है. वह किसी तरह पैसे का इंतजाम कर ये सामान लाते हैं. खुदरा दवा दुकान में एक पैकेट ग्लव्स की कीमत 550 से 600 रुपये है. वहीं होलसेल में यह 200 से 250 रुपये में मिल जाता है. वहीं खुदरा में काॅटन का बंडल 200 रुपये में मिलता है. होलसेल में यह 80 रुपये में उपलब्ध है.
मरीज के परिजनों से बाहर से कॉटन व ग्लव्स मंगवाना गलत है. अगर ऐसा किया जा रहा है, तो जांच कर कार्रवाई की जायेगी. सीसीयू में जो भी समस्या है, उसका निदान शीघ्र कर लिया जायेगा.
डाॅ दिनेश कुमार सिंह, निदेशक, रिम्स
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