पश्चिम बंगाल की 5 राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को चुनाव, TMC को चार और BJP को एक सीट मिलना तय

Rajya Sabha Election 2026: पश्चिम बंगाल की 5 राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को चुनाव होगा. विधानसभा में बहुमत के आधार पर तृणमूल कांग्रेस को 4 और भाजपा को एक सीट मिलना तय है. जानिए, सीटों का गणित और राज्यसभा जाने वाले उम्मीदवारों के नाम.
खास बातें
Rajya Sabha Election 2026: पश्चिम बंगाल की 5 राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को चुनाव होना है. इन सीटों के लिए 5 मार्च को नामांकन दाखिल किये गये. कुल 37 राज्यसभा सीटों के लिए देशभर में चुनाव की प्रक्रिया चल रही है, जिनमें पश्चिम बंगाल की 5 सीटें भी शामिल हैं.
तृणमूल को 4 सीटें मिलनी तय
राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) को विधानसभा में संख्या बल के आधार पर 4 सीटें मिलना लगभग तय है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) को भी एक सीट मिलना निश्चित है. विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से दोनों दल अपने-अपने उम्मीदवारों को राज्यसभा भेजने में सक्षम हैं.
तृणमूल के 4, माकपा के 1 सांसद की सीट हो रही खाली
पश्चिम बंगाल के जिन राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनके नाम हैं – साकेत गोखले, रीतब्रत बनर्जी, विकास रंजन भट्टाचार्य, मौसम नूर और सुब्रत बक्शी. विकास रंजन भट्टाचार्य मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के टिकट पर उच्च सदन गये थे. बाकी 4 टीएमसी के टिकट पर राज्यसभा सांसद चुने गये थे. मौसम नूर टीएमसी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो चुकीं हैं.
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तृणमूल ने उतारे 4 उम्मीदवार, भाजपा से राहुल सिन्हा जायेंगे राज्यसभा
तृणमूल कांग्रेस ने इस बार जिन 4 लोगों को राज्यसभा का टिकट दिया है, उनके नाम – राजीव कुमार, बाबुल सुप्रियो, कोयल मल्लिक और मेनका गुरुस्वामी हैं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राहुल सिन्हा को राज्यसभा का टिकट दिया है. पश्चिम बंगाल के इन सभी 5 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन दाखिल कर दिये हैं. सभी का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है.
Rajya Sabha Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा में पार्टियों का संख्या बल
पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सदस्य हैं. टीएमसी के पास स्पष्ट बहुमत है, जिसके चलते 4 सीटें उसके खाते में जाना तय है. भाजपा प्रमुख विपक्षी दल है और उसके पास भी इतने विधायक हैं कि वह राहुल सिन्हा को आसानी से राज्यसभा भेज सकते हैं.
राज्यसभा जा रहे उम्मीदवारों को जानें
- राहुल सिन्हा : भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हैं. पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता राहुल सिन्हा ने कई पदों पर काम किया है. उनके समर्पण का इनाम पार्टी ने दिया है.
- राजीव कुमार : पश्चिम बंगाल कैडर के तेज-तर्रार आईपीएस ऑफिसर राजीव कुमार प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बेहद करीबी हैं. कोलकाता के पुलिस कमिश्नर और पश्चिम बंगाल के डीजीपी रह चुके हैं. आई-पैक के ठिकानों पर हुई ईडी की छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी के साथ प्रतीक जैन के घर जाकर जांच में दखल देने का उन पर गंभीर आरोप लगा. मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है.
- बाबुल सुप्रियो : बैंकर से बॉलीवुड सिंगर और फिर राजनेता बने बाबुल सुप्रियो को ममता बनर्जी ने राज्यसभा का टिकट दिया है. बाबुल सुप्रियो अचानक राजनीति में आये और भाजपा के टिकट पर 2 बार लोकसभा के सांसद चुने गये. केंद्रीय मंत्री भी बने. बाद में जब मंत्रिमंडल से हटाया गया, तो भाजपा छोड़ टीएमसी में शामिल हो गये. बंगाल विधानसभा के सदस्य और ममता बनर्जी की कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं.
- कोयल मल्लिक : तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा की उम्मीदवार कोयल मल्लिक बांग्ला फिल्मों की जानी-मानी अभिनेत्री हैं. उनके पिता रंजीत मल्लिक भी बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री के नामचीन एक्टर थे. कोयल को तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा भेजने का फैसला किया है.
- मेनका गुरुस्वामी : तृणमूल कांग्रेस के 4 उम्मीदवारों में मेनका गुरुस्वामी एक ऐसी उम्मीदवार हैं, जो पश्चिम बंगाल से नहीं हैं. वह सुप्रीम कोर्ट की सीनियर एडवोकेट हैं. एलजीबीटीक्यू (LGBTQ) समुदाय से आती हैं. वह संवैधानिक मामलों की जानकार हैं और जनहित से जुड़े विषयों पर सुप्रीम कोर्ट में पूरी मजबूती के साथ दलील पेश करतीं हैं.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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