सेबाश्रय घोटाले पर CM शुभेंदु अधिकारी- चिटिंगबाज भाईपो एक बार जेल गया तो बाहर नहीं निकलेगा, CID-STF जांच के आदेश दिये

Updated:
विज्ञापन

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और टीएमसी संसद अभिषेक बनर्जी.

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

Sebashray Scam Case: पश्चिम बंगाल विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सेबाश्रय स्वास्थ्य शिविर घोटाले को लेकर टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला बोला है. शुभेंदु अधिकारी ने इसे एक बड़ा चिकित्सा घोटाला और हत्या का मामला करार देते हुए निष्पक्ष सीआईडी और एसटीएफ जांच के निर्देश दिये हैं.

विज्ञापन

Suvendu Adhikari on Abhishek Banerjee Sebashray Scam Case: पश्चिम बंगाल विधानसभा में शनिवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ हमलावर रुख अपनाया. डायमंड हार्बर में चलाये गये बहुचर्चित सेबाश्रय (Sebashray) स्वास्थ्य शिविरों में हुए कथित फर्जीवाड़े और मेडिकल घोटाले का मामला उठाते हुए मुख्यमंत्री ने सदन में दस्तावेज और तस्वीरें पेश कीं. शुभेंदु अधिकारी ने अभिषेक बनर्जी को सीधे तौर पर ‘चिटिंगबाज भाईपो’ और ‘स्थापित चोर’ करार दिया. उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक भ्रष्टाचार नहीं, सीधे तौर पर ‘हत्या का मामला’ है, जिसमें किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जायेगा.

विज्ञापन

सरकारी मशीनों की चोरी और मेडिकल कॉलेज के छात्रों से अवैध प्रैक्टिस

विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि सेबाश्रय स्वास्थ्य शिविरों के नाम पर राज्य की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का बेजा इस्तेमाल किया गया. आम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया गया. उन्होंने कहा कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों से एक्स-रे (X-Ray) और अल्ट्रासोनोग्राफी (USG) जैसी महंगी मशीनें गैर-कानूनी तरीके से उठाकर निजी शिविरों में ले जायी गयीं. इसके अलावा, सरकारी डॉक्टरों और मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु छात्रों (Students) को दबाव डालकर इन शिविरों में मरीजों का इलाज करने के लिए मजबूर किया गया. यह कानूनन अपराध है.

गलत इलाज से कटे बच्चों के हाथ और महिलाओं के पैर, मिलीं एक्सपायर्ड दवाएं

पश्चिम बंगाल विधानसभा में पीड़ित मां और बच्चे की संवेदनशील तस्वीरें दिखाते हुए मुख्यमंत्री भावुक और आक्रामक नजर आये. उन्होंने आरोप लगाया कि सेबाश्रय शिविरों में ऑन-ड्यूटी अप्रशिक्षित डॉक्टरों और गलत मेडिकल प्रैक्टिस के कारण कई बच्चे जीवन भर के लिए शारीरिक रूप से विकलांग हो गये हैं. गलत इलाज के कारण संक्रमण फैलने से एक महिला को अपना पैर गंवाना पड़ा, जबकि एक मासूम बच्चे का हाथ काटना पड़ा. मुख्यमंत्री ने यह भी खुलासा किया कि टीएमसी नेता के गोदाम से वर्ष 2021 की भारी मात्रा में एक्सपायर्ड (समयावधि पार) दवाएं बरामद और जब्त की गयी हैं. इन्हें इन स्वास्थ्य शिविरों में मरीजों को बांटा जा रहा था.

ये भी पढ़ें: सेवाश्रय स्वास्थ्य शिविर केस में अभिषेक बनर्जी पर फिर प्राथमिकी दर्ज, सुमित भी नामजद

सीआईडी और एसटीएफ की संयुक्त जांच, केंद्र को भेजी चिट्ठी

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इस पूरे मामले की जड़ों तक पहुंचने के लिए राज्य सरकार ने कड़े कदम उठाये हैं. सीआईडी (CID) और एसटीएफ (STF) को संयुक्त रूप से गहन जांच करने का निर्देश दिया गया है. सरकारी अस्पतालों से एक्स-रे और रेडिएशन मशीनों को बिना अनुमति बाहर ले जाने के मामले में केंद्र सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग (Department of Atomic Energy) और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को आधिकारिक पत्र भेजा गया है.

ये भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी की नयी मुसीबत ‘सेवाश्रय’, विष्णुपुर थाने में दर्ज हुआ केस, जानें पूरा मामला

विष्णुपुर थाने में दर्ज हो चुकी है कई एफआईआर

सेबाश्रय स्वास्थ्य शिविर से जुड़े उपरोक्त मामलों में विष्णुपुर थाने में कई प्राथमिकियां (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं. सभी पीड़ित परिवारों की शिकायतों को अलग-अलग एफआईआर में तब्दील किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने अभिषेक बनर्जी को अल्टीमेटम देते हुए कहा- यह एक गंभीर आपराधिक मामला है. सभी सबूत और दस्तावेज जुटा लिये गये हैं. उन्होंने बांग्ला में कहा- ए तो खूनेर मामला, एकबार ढूकले बेरोबे ना. यानी यह तो खून का मामला बनता है. यह चिटिंगबाज भाईपो एक बार जेल में घुसा, तो दोबारा बाहर नहीं निकल पायेगा. इसे कोई बचा नहीं पायेगा.

ये भी पढ़ें: सेवाश्रय कैंप में इलाज के बाद काटना पड़ा मालती विश्वास का पैर, अभिषेक बनर्जी पर दर्ज हुई प्राथमिकी


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola