अभिषेक बनर्जी की नयी मुसीबत ‘सेवाश्रय’, विष्णुपुर थाने में दर्ज हुआ केस, जानें पूरा मामला

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डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी.

Abhishek Banerjee in Trouble: डायमंड हार्बर के सांसद और बंगाल की पूर्व चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के लिए उनकी महत्वाकांक्षी योजना ‘सेवाश्रय’ मुसीबत लेकर आयी है. विष्णुपुर थाने में टीएमसी सांसद के खिलाफ केस दर्ज हुआ है. जानें क्या है पूरा मामला.

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Abhishek Banerjee in Trouble: ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं. बंगाल चुनाव 2026 के बाद तृणमूल कांग्रेस में टूट, कट मनी, भ्रष्टाचार जैसे आरोप झेल रहे टीएमसी सांसद पर नया और गंभीर आरोप लगा है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता अभिजीत दास उर्फ बॉबी ने दक्षिण 24 परगना जिले में ‘सेवाश्रय’ चिकित्सा सहायता कार्यक्रम में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए अभिषेक बनर्जी और उनके सहयोगियों के खिलाफ बुधवार को विष्णुपुर थाने में शिकायत दर्ज करायी.

बॉबी ने अभिषेक बनर्जी पर लगाये हैं ये 5 आरोप

  1. सेवाश्रय के आयोजकों ने चिकित्सा मानकों का उल्लंघन किया.
  2. अयोग्य चिकित्सकों को चिकित्सा शिविर में शामिल किया गया.
  3. चिकित्सा शिवर में जांच उपकरणों का दुरुपयोग किया गया.
  4. शिविरों में लोगों की उपस्थिति के आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया.
  5. मरीजों को एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी महंगी जांच के लिए भेजा गया, जो राज्य की स्वास्थ्य साथी स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में नहीं आती.

शिकायत में अभिषेक के साथ सुमित रॉय और अयान के भी नाम

भाजपा नेता के आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. दास के अनुसार, शिकायत में अभिषेक बनर्जी, उनके करीबी सहयोगी सुमित रॉय, अयान घोष दस्तीदार, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कार्यक्रम से जुड़े चिकित्सकों के नाम शामिल हैं.

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झोलाछाप और होम्योपैथी डॉक्टरों ने किया एलोपैथिक उपचार!

अभिजीत दास ने आरोप लगाया कि कुछ शिविरों में एलोपैथिक उपचार देने के लिए ‘झोलाछाप और होम्योपैथी चिकित्सकों’ की सेवाएं ली गयीं. उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान जारी कई पर्चों में बीमारी का विवरण और इलाज करने वाले चिकित्सकों के पंजीकरण नंबर जैसी बुनियादी जानकारियां तक दर्ज नहीं थीं.

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पर्ची पर लिखा- अस्पताल भेजा जाता है

दास ने ऐसे ही एक पर्चे की प्रति दिखाते हुए आरोप लगाया कि उसमें मरीज का नाम और उम्र तो लिखी थी, लेकिन बीमारी का कोई उल्लेख नहीं था. दस्तावेज में केवल ‘अस्पताल भेजा जाता है’ लिखा हुआ था.

डायमंड हार्बर के एसपी को भेजी शिकायत की कॉपी

भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि अल्ट्रासोनोग्राफी मशीनों सहित अन्य जांच उपकरणों का इस्तेमाल संबंधित नियमों के तहत जरूरी अनुमति लिये बिना किया गया. उन्होंने शिकायत की एक प्रति डायमंड हार्बर जिले के पुलिस अधीक्षक को भी भेजी है.

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Abhishek Banerjee in Trouble: ‘सेवाश्रय’ के बारे में जानें

  • ‘सेवाश्रय’ प्रकल्प यानी कार्यक्रम डायमंड हार्बर क्षेत्र में अभिषेक बनर्जी से जुड़ा प्रमुख स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम है.
  • कार्यक्रम की शुरुआत डायमंड हार्बर के सांसद ने वर्ष 2022 में की थी. हर साल यहां लोगों के इलाज के लिए कैंप लगाये जाते थे, जिसमें हजारों लोगों के शामिल होने का दावा किया जाता था.

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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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