आशीष बनर्जी मौत मामले में ब्लैकमेलिंग, धमकी और प्रताड़ना का एंगल, जानें शुभेंदु अधिकारी क्या बोले

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आशीष बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी.

Suvendu Adhikari on Ashish Banerjee TMC Death: पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी का शव टीएमसी कार्यालय में फांसे के फंदे से झूलता मिलने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ‘सुसाइडल नोट’ की जांच और तृणमूल कांग्रेस के भ्रष्ट तत्वों द्वारा धमकी दिये की आशंका जतायी है.

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Suvendu Adhikari on Aबंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की मौत में ब्लैकमेलिंग, धमकी और प्रताड़ना का एंगल, जानें शुभेंदु अधिकारी क्या बोलेshish Banerjee TMC Death: पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी का शव पार्टी कार्यालय में फंदे से लटकता मिला. इसके बाद राज्य की राजनीति गरमा गयी है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना पर दुख जताते हुए आशंका व्यक्त की है कि टीएमसी के भीतर मौजूद भ्रष्ट तत्वों ने संभवतः उन्हें कोई गंभीर धमकी दी होगी, जिसके चलते यह दुखद घटना घटी.

ऑफिस से मिली चिट्ठी की होगी जांच

पश्चिम बंगाल के चीफ मिनिस्टर ने कहा कि विपक्षी पार्टी के कार्यालय से बरामद पूर्व विधायक के एक पत्र की भी जांच करायी जायेगी. इस पत्र में कहा गया था कि आशीष बनर्जी की मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है. पत्र में राजनीति में आने पर अफसोस जताया गया था.

आशीष बनर्जी के लेटरहेड पैड पर हस्तलिखित ‘सुसाइडल नोट’ की जांच करायी जायेगी. लिखावट की भी जांच होगी. यह भी जांच की जायेगी कि क्या बनर्जी को किसी ने धमकी दी थी. -शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

लेटरहेड पर हाथ से लिखा सुसाइडल नोट

घटनास्थल से आशीष बनर्जी के लेटरहेड पर एक हस्तलिखित पत्र मिला है. इस कथित सुसाइडल नोट में लिखा गया है कि उनकी मौत के लिए कोई अन्य व्यक्ति जिम्मेदार नहीं है और उन्हें अपने राजनीति में आने के फैसले पर गहरा अफसोस है.

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लिखावट की करायी जायेगी फॉरेंसिक जांच

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि पुलिस इस मामले को हल्के में नहीं लेगी. टीएमसी के पार्टी कार्यालय से बरामद सुसाइडल नोट और उसकी लिखावट की सत्यता की फॉरेंसिक जांच करायी जायेगी.

ब्लैकमेलिंग और धमकी एंगल से भी होगी जांच

मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को शोकाकुल परिवार को हरसंभव सहयोग देने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही इस बिंदु पर गहन जांच के आदेश दिये गये हैं कि क्या बनर्जी को विपक्षी दल के ही किसी गुट या व्यक्ति द्वारा ब्लैकमेल या प्रताड़ित किया जा रहा था.

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आशीष बनर्जी के परिजनों से मिलेंगे शुभेंदु अधिकारी

शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि आशीष बनर्जी के परिजनों से उन्होंने फोन पर बात की है. जल्द ही उनसे मिलने भी जायेंगे. आशीष दा के साथ उनके मधुर संबंध थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल के पूर्व स्पीकर एक अच्छे इंसान थे. भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतने वाले विधायक ने उनके घर जाकर उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया था. स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ आशीष बनर्जी के अच्छे संबंध थे. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है.

चुनाव के बाद ममता बनर्जी से आशीष ने कर लिया था किनारा

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बंगाल चुनाव 2026 हारने के बाद ममता बनर्जी ने एक कमेटी का गठन किया. इसके तुरंत बाद आशीष बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करेगी. शुभेंदु ने कहा कि उन्होंने आशीष बनर्जी के परिजनों से बातचीत की और उनसे कहा कि वे पुलिस के साथ जांच में सहयोग करें.


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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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