आशीष बनर्जी के निधन पर बोलीं ममता बनर्जी- उन्हें बार-बार बदनाम किया गया, झूठे आरोप लगाये गये

Updated:
विज्ञापन

आशीष बनर्जी और ममता बनर्जी.

Mamata Banerjee on Asish Banerjee Death: पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी के निधन पर ममता बनर्जी ने शोक जताया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि आशीष बनर्जी पर लगातार झूठे आरोप लगाये जा रहे थे. मानहानि का दबाव बनाया जा रहा था. इसलिए उन्होंने अपनी जान गंवायी.

विज्ञापन

Mamata Banerjee on Asish Banerjee Death: पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी (Asish Banerjee) की संदिग्ध परिस्थितियों में निधन के बाद राजनीतिक पारा चढ़ गया है. पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शोक व्यक्त करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मीडिया के एक वर्ग पर हमला बोला है. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि 5 बार विधायक रहे समर्पित जनसेवक आशीष बनर्जी को लगातार झूठे आरोप लगाकर प्रताड़ित और बदनाम किया जा रहा था. इसकी वजह से अत्यधिक मानसिक दबाव के चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया.

निर्दोष नेता पर बनाया गया मानसिक दबाव : ममता बनर्जी

तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा- आशीष दा जमीन से जुड़े नेता और शिक्षाविद थे. उन्होंने रामपुरहाट और बीरभूम के विकास के लिए जीवन भर काम किया. इसके बावजूद उन्हें बार-बार बदनाम किया गया, उन पर भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगाये गये और उन पर लगातार दबाव बनाया गया.उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सेवा के लंबे रिकॉर्ड के बावजूद जिस तरह का मानसिक तनाव उन्हें झेलना पड़ा, वह हम सभी को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और दुश्मनी की कीमत पर विचार करने के लिए मजबूर करता है. ममता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- आशीष बनर्जी की कमी हमेशा खलती रहेगी.

सुसाइडल नोट में लिखा- राजनीति में आना मेरी भूल थी

बीरभूम जिले के रामपुरहाट में पार्टी कार्यालय से बरामद हाथ से लिखे सुसाइडल नोट में भी आशीष बनर्जी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है. उन्होंने लिखा कि अपने पूरे राजनीतिक करियर में कभी भ्रष्टाचार नहीं किया. तारापीठ रामपुरहाट विकास प्राधिकरण (TRDA) में हुए कथित टेंडर और वित्तीय अनियमितताओं पर कहा कि वह सिर्फ गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में शामिल होते थे. टेंडर या चेक जारी करने संबंधी फैसलों में उनकी कोई भूमिका नहीं थी.

ये भी पढ़ें: आशीष बनर्जी मौत मामले में ब्लैकमेलिंग, धमकी और प्रताड़ना का एंगल, जानें शुभेंदु अधिकारी क्या बोले

गलत काम का विरोध नहीं कर पाने का अफसोस

आशीष बनर्जी ने सुसाइडल नोट में लिखा- मैंने कभी गलत काम का समर्थन नहीं किया, लेकिन विरोध भी नहीं कर सका. राजनीति में आना मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल थी. मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है.

ये भी पढ़ें: तृणमूल नेता आशीष बंद्योपाध्याय की मौत, पार्टी कार्यालय में फांसी पर झूलता मिला पूर्व डिप्टी स्पीकर का शव

टीएमसी ने भाजपा पर बोला हमला

तृणमूल कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं और सांसदों ने भी इस घटना के लिए राजनीतिक दुर्भावना से की जा रही जांच एजेंसियों और राजनीतिक हमलों को जिम्मेदार ठहराया है. स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. सुसाइडल नोट की फॉरेंसिक जांच करायी जा रही है.


विज्ञापन
मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola