सेवाश्रय कैंप में इलाज के बाद काटना पड़ा मालती विश्वास का पैर, अभिषेक बनर्जी पर दर्ज हुई प्राथमिकी

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तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी.

तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी.

FIR Registered Against Abhishek Banerjee: अभिषेक बनर्जी के महत्वाकांक्षी ‘सेवाश्रय’ स्वास्थ्य शिविर में घुटने के इलाज के बाद महिला का पैर काटने की नौबत आ गयी. पीड़िता की शिकायत पर टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ रवींद्रनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी है.

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FIR Registered Against Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. राज्य में शुरू की गयी स्वास्थ्य देखभाल पहल ‘सेवाश्रय’ शिविर में घुटने के दर्द का इलाज कराने पहुंची एक महिला का पैर काटने की नौबत आने के बाद, सांसद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. पुलिस अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी.

अभिषेक पर दर्ज हुई तीसरी प्राथमिकी

डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने 2 जनवरी को इस स्वास्थ्य शिविर पहल की शुरुआत की थी. ‘सेवाश्रय’ शिविरों में कथित अनियमितताओं को लेकर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ यह तीसरी प्राथमिकी दर्ज हुई है.

क्या है पूरा मामला?

दक्षिण 24 परगना जिले के महेशतला की रहने वाली मालती विश्वास की शिकायत पर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. महिला ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि कुछ महीने पहले वह घुटने में दर्द की समस्या लेकर अपने इलाके में आयोजित ‘सेवाश्रय’ स्वास्थ्य शिविर में गयी थीं. वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें कुछ दवाइयां दीं और उनका सेवन करने की सलाह दी.

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हालत बिगड़ी, सरकारी अस्पताल में काटना पड़ा पैर

पीड़िता का आरोप है कि दवाइयां लेने के बाद उनकी स्थिति सुधरने की बजाय और बिगड़ती चली गयी, जिसके बाद उन्हें दूसरे सेवाश्रय शिविर में जाना पड़ा. मालती विश्वास ने पुलिस को बताया कि दूसरे शिविर के डॉक्टरों ने आगे के इलाज के लिए बड़ी रकम की मांग की. जब उन्होंने पैसे देने में असमर्थता जतायी, तो उन्हें एक सरकारी अस्पताल भेज दिया गया.

सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती होने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद पाया कि उनके दाहिने पैर को अपूरणीय क्षति (Incurable Damage) पहुंच चुकी है. संक्रमण और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों को उनका दाहिना पैर काटना पड़ा.

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पुलिस जांच में जुटी

रवींद्रनगर थाने के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी और कुछ अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस मामले के सभी पहलुओं और चिकित्सकीय दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है.

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मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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