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पश्चिमी सिंहभूम में सामूहिक नरसंहार मामला : पत्थलगड़ी समर्थक है पूरा गांव, मारे गये सभी ग्रामीण थे विरोधी, चार अब भी लापता

Updated at : 23 Jan 2020 7:00 AM (IST)
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पश्चिमी सिंहभूम में सामूहिक नरसंहार मामला : पत्थलगड़ी समर्थक है पूरा गांव, मारे गये सभी ग्रामीण थे विरोधी, चार अब भी लापता

पश्चिमी सिंहभूम : ग्रामसभा में नौ युवक मौजूद थे, जिनमें सात की हत्या कर दी गयी है. वहीं, दो युवक गुसरू बुढ़ व सुकुआ बुढ़ फरार हो गये थे. इसके अलावा गांव के दो अन्य लोग लोदरो बुढ़ और रोशन बारजो भी लापता हैं. पुलिस चारों की तलाश कर रही है. गुदड़ी थाना प्रभारी निलंबित […]

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पश्चिमी सिंहभूम : ग्रामसभा में नौ युवक मौजूद थे, जिनमें सात की हत्या कर दी गयी है. वहीं, दो युवक गुसरू बुढ़ व सुकुआ बुढ़ फरार हो गये थे. इसके अलावा गांव के दो अन्य लोग लोदरो बुढ़ और रोशन बारजो भी लापता हैं. पुलिस चारों की तलाश कर रही है.
गुदड़ी थाना प्रभारी निलंबित
सात ग्रामीणों की हत्या मामले में एसपी इंद्रजीत महथा ने गुदड़ी थाना प्रभारी अशोक कुमार को निलंबित कर दिया है. अशोक कुमार पर लापरवाही, कर्तव्यहीनता के आरोप लगाये गये हैं. निलंबन पत्र में लिखा है कि 20 जनवरी को ही मृतक के परिजनों ने थाना प्रभारी को सातों लोगों को बंधक बनाये जाने की जानकारी दी गयी थी. इसके बाद भी थाना प्रभारी ने कोई कार्रवाई नहीं की.
पत्थलगड़ी समर्थक है पूरा गांव, मारे गये सभी ग्रामीण थे विरोधी
बुरुगुलीकेरा गांव की आबादी करीब 500 है. वहीं शुरू से गांव के ज्यादातर लोग पत्थलगड़ी के समर्थन में रहे हैं. बीते वर्ष जब राज्य में पत्थलगड़ी का मामला उछला था, तब गांव के अधिकांश लोगों ने अपना राशन व आधार कार्ड प्रशासन को वापस कर दिया था. इसके बाद से ग्रामीण सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं ले रहे हैं.
इसकी सूचना प्रशासन को है, लेकिन इसे लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया. हालांकि पत्थलगड़ी को लेकर पिछली सरकार में राज्यभर में कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. पत्थलगड़ी के समर्थकों की विचारधारा है-‘ग्राम सभा सबसे ऊपर.’ वे राष्ट्रपति व राज्यपाल को ही मालिक मानते हैं. उनका कहना है कि वे आदिवासी हैं. इस देश के मालिक हैं. विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री आदि हमारे नौकर हैं.
बताया जाता है कि नरसंहार में मारे गये सातों ग्रामीण पत्थलगड़ी विचारधारा के विरोधी थे, जबकि गांव के अधिकांश आबादी पत्थलगड़ी समर्थक है. पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत महथा ने बताया कि ‘गांव में जिनके घरों में तोड़फोड़ की बात कही जा रही है. वे सभी पत्थलगड़ी समर्थक हैं, जबकि मारे गये सभी उसके विरोधी बताये जा रहे हैं. सभी पहलुओं पर छानबीन की जा रही है. जल्द ही पूरे मामले का खुलासा होगा.’
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