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रांची : रेलवे के सफाई कर्मचारियों ने की हड़ताल ठेकेदार पर पैसे हड़पने का आरोप लगाया

Updated at : 02 Sep 2019 6:19 AM (IST)
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रांची : रेलवे के सफाई कर्मचारियों ने की हड़ताल ठेकेदार पर पैसे हड़पने का आरोप लगाया

रांची : रांची रेलवे स्टेशन पर ठेके के तहत काम करनेवाले सफाईकर्मियों ने रविवार को हड़ताल कर दी. इनका आरोप था कि इन्हें दो माह से वेतन नहीं मिला. वहीं, रेल प्रशासन बिना सूचना के सफाई का काम दूसरे ठेकेदार को दे दिया है. सफाईकर्मियों ने जनशक्ति मजदूर यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष ललित ओझा के […]

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रांची : रांची रेलवे स्टेशन पर ठेके के तहत काम करनेवाले सफाईकर्मियों ने रविवार को हड़ताल कर दी. इनका आरोप था कि इन्हें दो माह से वेतन नहीं मिला. वहीं, रेल प्रशासन बिना सूचना के सफाई का काम दूसरे ठेकेदार को दे दिया है.
सफाईकर्मियों ने जनशक्ति मजदूर यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष ललित ओझा के नेतृत्व में वेतन, इएसआइ की सुविधा, पीएफ, मेडिकल, माह में चार दिन के अवकाश सहित अन्य मांगों को लेकर रेलवे स्टेशन के पार्किंग एरिया में धरना-प्रदर्शन भी किया. हालांकि शाम को डिवीजनल मेकैनिकल इंजीनियर के साथ हुई वार्ता के बाद हड़ताल समाप्त हो गयी.
वार्ता में सफाई कर्मचारियों ने रेलवे अधिकारियों को मांगें पूरी करने के लिए 12 दिन की मोहलत दी है. इससे पहले धरना प्रदर्शन कर रहे सफाईकर्मियों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार उनसे वेतन मद में 12500 रुपये देने के लिए रजिस्टर पर हस्ताक्षर कराता है, लेकिन उन्हें महज 7500 रुपये ही वेतन देता है.
उनका एकाउंट यूनियन बैंक में खोला है. लेकिन बैंक का पासबुक और एटीएम ठेकेदार के पास ही है. बैंक में पैसा भेजने के बाद ठेकेदार 5000 रुपये काट कर भुगतान करता है. कुल 115 सफाई कर्मचारी हैं. इस हिसाब से ठेकेदार उनके वेतन मद से 5.75 लाख रुपये काट रहा है.
नये सफाई कर्मियों को भगाया : आक्रोशित सफाईकर्मियों ने नये ठेकेदार द्वारा स्टेशन पर कराये जा रहे कार्य का विरोध किया और नये सफाई कर्मियों को वहां से भगा दिया. ललित ओझा ने आरोप लगाया कि रेलवे के अधिकारी और ठेकेदार मिल कर सफाईकर्मियों का शोषण कर रहे हैं.
रेलवे की ओर से प्रति सफाईकर्मी हमें 12500 रुपये मिलते हैं. इसमें से 5000 रुपये काट कर 7500 रुपये सफाईकर्मियों को वेतन मद में दिये जाते हैं. काटे गये पांच हजार रुपये कई जगह बांटना होता है. रेलवे की ओर से जनवरी से हमें पैसे नहीं मिल रहे हैं, इसलिए वेतन नहीं दे पा रहे हैं.
अशोक कुमार, संचालक, अन्नपूर्णा यूटिलिटी सर्विसेस
सफाईकर्मियों को कम वेतन मिलने की जानकारी मुझे नहीं है. ऐसा कोई मामला है, तो सोमवार को मामले की जानकारी लेकर जांच कराऊंगा.
नीरज अंबष्ठ, डीआरएम
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