रांची : प्रभात खबर की पर्यावरण दिवस पर अपील, धरती हमारी, इसे बचाने के लिए आगे आयें वाटर बॉडी को करें संरक्षित

Updated at : 06 Jun 2019 8:06 AM (IST)
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रांची : प्रभात खबर की पर्यावरण दिवस पर अपील, धरती हमारी, इसे बचाने के लिए आगे आयें वाटर बॉडी को करें संरक्षित

रांची : पर्यावरण संरक्षण और जल संकट से बचने के लिए जन भागीदारी बढ़ाने की जरूरत है़ धरती हमारी है, तो इसे हरा-भरा रखना हमारी जिम्मेवारी है़ आने वाली पीढ़ियों का ख्याल करना होगा़ नीतियां जनोपयोगी बने, पर्यावरण के अनुकूल बने़ इसके लिए सिविल सोसाइटी को हस्तक्षेप करने की जरूरत है़ पानी के लिए धरती […]

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रांची : पर्यावरण संरक्षण और जल संकट से बचने के लिए जन भागीदारी बढ़ाने की जरूरत है़ धरती हमारी है, तो इसे हरा-भरा रखना हमारी जिम्मेवारी है़ आने वाली पीढ़ियों का ख्याल करना होगा़ नीतियां जनोपयोगी बने, पर्यावरण के अनुकूल बने़ इसके लिए सिविल सोसाइटी को हस्तक्षेप करने की जरूरत है़
पानी के लिए धरती का दोहन करने के बजाय सतह के वाटर बॉडी को संरक्षित करने की जरूरत है़ ये विचार प्रभात खबर परिसर में पर्यावरण दिवस के मौके पर आयोजित गोष्ठी में उभर कर सामने आये. कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री व पर्यावरणविद सरयू राय थे.
वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि िसर्फ सरकार के भरोसे पर्यावरण संरक्षण का काम नहीं हो सकता है. इसकी शुरुआत घर से करनी होगी. सिविल सोसाइटी, राज्य सरकार को मिलकर काम करना होगा. तालाबों का संरक्षण करना होगा. स्कूलों में पर्यावरण संबंधी जानकारी बच्चों को देनी होगा. बच्चों के माध्यम से उनके घरों तक पहुंचना होगा.
सबको संकल्प लेना होगा कि न केवल पेड़ लगायेंगे, बल्कि इसे बचायेंगे भी. जल स्रोतों के पुनरुद्धार के लिए एक एक्शन प्लान बना कर काम करना होगा. राज्य और केंद्र स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए कई नीतियां और कानून हैं.
नीतियों का पालन सही ढंग से हो, इसके लिए दबाव बनाना होगा. कानून का पालन कड़ाई से करना होगा. नीतियां ऐसी बनी, जिसका सरोकार हो़ समाज के प्रबुद्ध लोगों को वंचितों के लिए सोचना होगा़ वक्ताओं ने कहा कि जनसंख्या पर्यावरण के लिए बड़ी समस्या होती जा रही है. इस पर नियंत्रण करने के उपाय पर भी सोचना होगा.
वक्ताओं ने कहा कि लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने की वर्तमान व्यवस्था पर भी विचार करना होगा. अधिक से अधिक लोगों को सप्लाई का पानी मिले, इसके लिए प्रयास करना होगा. कम से कम बोरिंग कैसे हो सकता है, इस पर विचार करना होगा.
इसमौके पर सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के वैज्ञानिक टीबीएन सिंह, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के निदेशक पंकज कुमार, जियो साइंटिस्ट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अनल सिन्हा, सिविल सोसाइटी के विकास सिंह, आरपी शाही, महादेव टोप्पो, रवि शर्मा आदि ने अपने विचार रखे़ कार्यक्रम में सामाजिक व राजनीतिक संगठन के लोगों ने भी पर्यावरण के प्रति जागरूकता व सरोकार बनाने के लिए गोष्ठी का हिस्सा बने़ कार्यक्रम में डॉ सतीश मिढा, नितीश प्रियदर्शी, डॉ गिरधारी राम गाेंझू, डॉ अजीत कुमार, प्रवीण प्रभाकर, डॉ कमल बोस, आलोक कुमार दुबे, राजीव रंजन मिश्रा, लाल किशोर शाहदेव, डॉ मनोज कुमार, आरके चौधरी, आशीष कुमार, पंकज महतो, अजय तिर्की, डॉ पंपा सेन विश्वास, नीरा शाहदेव, ममता सिन्हा, संध्या चौधरी, रजनी, मृणाली अखौरी, मीनू अग्रवाल, मनीषा पोद्दार, चितरंजन कुमार, दीपक गुप्ता सहित कई गणमान्य पहुंचे थे़
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