रांची : औद्योगिक इकाइयों के सीटीओ का ऑटो रिन्युअल होगा

Updated at : 04 Jan 2019 8:33 AM (IST)
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रांची : औद्योगिक इकाइयों के सीटीओ का ऑटो रिन्युअल होगा

रांची : प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, पांच करोड़ तक लागत वाली अौद्योगिक इकाइयों के कंसेंट टू अॉपरेट (सीटीअो) का अब अॉटो रिन्युअल करेगा. इस लागत श्रेणी में राज्य के 80 फीसदी उद्योग अाते हैं. पर्षद के अध्यक्ष एके रस्तोगी तथा सचिव राजीव लोचन बक्शी सहित बोर्ड के सदस्य रंजीत टिबड़ेवाल, राजीव शर्मा व दीपक मारू ने […]

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रांची : प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, पांच करोड़ तक लागत वाली अौद्योगिक इकाइयों के कंसेंट टू अॉपरेट (सीटीअो) का अब अॉटो रिन्युअल करेगा. इस लागत श्रेणी में राज्य के 80 फीसदी उद्योग अाते हैं. पर्षद के अध्यक्ष एके रस्तोगी तथा सचिव राजीव लोचन बक्शी सहित बोर्ड के सदस्य रंजीत टिबड़ेवाल, राजीव शर्मा व दीपक मारू ने यह जानकारी पर्षद कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में दी. अध्यक्ष ने कहा कि सीटीअो के लिए इस तरह की व्यवस्था करने वाला झारखंड देश का पहला राज्य बन गया है.
दरअसल, सीटीअो प्रदूषण संबंधी एक तरह का एनअोसी या लाइसेंस है, जो किसी उद्योग को चलाने के लिए जरूरी होता है. इसके बगैर न तो किसी उद्योग का संचालन हो सकता है अौर न ही इन्हें खनिज (कोयला, लौह अयस्क या अन्य) के रूप में कोई कच्चा माल मिल सकता है. बिना सीटीअो के बैंक ऋण भी नहीं मिलता.
अॉनलाइन सीटीअो का अॉटो रिन्युअल कराने के लिए संबंधित उद्योग को अपने सभी कागजात अपलोड करने होंगे. साथ ही सीटीअो का शुल्क भी देना होगा. अभी सीटीअो संबंधी प्रमाण पत्र देने के लिए अधिकतम 69 दिन की समय सीमा निर्धारित है. पर कई बार ऐसा होता है कि जरूरी कागजात के अभाव में या पर्षद में मानव संसाधन की कमी सहित अन्य तकनीकी कारणों से विलंब हो जाता है. एेसे में संबंधित उद्योग का संचालन फॉल्टी या गैर कानूनी हो जाता है. इससे उद्यमी को परेशानी हो जाती है.
अब सारे कागजात तथा शुल्क जमा करने के बाद जिस दिन संबंधित अौद्योगिक इकाई के वर्तमान सीटीअो की समय सीमा पूरी होगी, ठीक उसी दिन उसे सीटीअो अपने आप निर्गत हो जायेगा. शर्त यह होगी की इकाइयों को भी यह काम वर्तमान सीटीअो की समय सीमा पूरी होने के 69 दिन पहले करना होगा. यह अॉटो रिन्युअल वैसे तो एक साल के लिए मान्य होगा, पर पर्षद भी सारे कागजात की जांच के बाद 69 दिनों के अंदर ही इस सीटीअो को पूरी निर्धारित अवधि (पांच, 10 या 15 साल) के लिए मान्य कर देगा.
यह व्यवस्था हरे (कम प्रदूषण वाले), नारंगी (मध्यम स्तर के प्रदूषण वाले) या लाल (प्रदूषण मामले मे जटिल उद्योग), तीनों श्रेणी के उद्योगों के लिए लागू होगी. किसी उद्योग की स्थापना के लिए बोर्ड पहले कंसेंट टू इस्टैब्लिश (सीटीइ) जारी करता है, जो स्थायी होता है. इसका रिन्युअल नहीं होता. इसके बाद अलग-अलग उद्योगों के लिए निर्धारित अवधि वाला सीटीअो जारी होता है. पांच करोड़ तक की लागत वाले सीटीइ मिले किसी भी उद्योग को हर बार सीटीअो इसी प्रक्रिया से मिलेगा.
लाइसेंस रद्द होगा : यदि कोई इकाई अपने बारे में गलत जानकारी अपलोड करती है, तो यह साबित होने पर उसका लाइसेंस रद्द हो जायेगा तथा उसे इसे बाद के सीटीअो के लिए अमान्य कर दिया जायेगा. वहीं इस इकाई का नाम वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दिया जायेगा. पर्षद सभी इकाइयों को आधार की तरह एक यूनिक नंबर देने पर भी विचार कर रहा है, जिससे संबंधित इकाई की सारी जानकारी उस नंबर के साथ मिल जायेगी. वहीं, इस नंबर का इस्तेमाल उस इकाई को सीटीअो निर्गत करने सहित अन्य कामकाज के लिए भी होगा.
लैब की संख्या बढ़ेगी : अभी जल व वायु संबंधी प्रदूषण जांच के लिए पांच सरकारी तथा छह निजी लैब संचालित हैं. इनकी संख्या बढ़ेगी. छह नये लैब की मान्यता के लिए आवेदन मिले हैं. वहीं, निजी क्षेत्र के बंद चार लैब को भी शुरू किया जायेगा. जांच के लिए इन इकाइयों के नाम संबंधित लैब को उपलब्ध करा दिये जायेंगे. वहीं अौद्योगिक इकाई को भी सूचित कर दिया जायेगा कि उनकी जांच कौन लैब करेगा. जांच के बाद 30 दिनों में प्रमाण पत्र पर्षद के पोर्टल पर उपलब्ध होगा. इसे पर्षद या संबंधित इकाई डाउनलोड कर लेंगे.
15 की नयी नियुक्ति : पर्षद में मानव संसाधन की कमी को देखते हुए 15 कंसलटेंट एग्जिक्यूटिव की नियुक्ति संविदा पर की गयी है. संबंधित पद के लिए मिले 316 आवेदन में से 15 का चयन 25 हजार रुपये प्रति माह के वेतन पर हुआ है. इससे पर्षद के कामकाज में तेजी आयेगी तथा प्रदूषण संबंधी विभिन्न एक्ट या रूल के तहत सीटीइ या सीटीअो के निष्पादन का काम जल्द पूरा होगा. वहीं भविष्य में शोध विश्लेषक की नियुक्ति की जायेगी, जो एमटेक या बीटेक योग्यता वाले लोग होंगे.
जागरूकता कार्यक्रम आज से
उद्यमियों को नयी व्यवस्था से अवगत कराने के लिए चार जनवरी को रांची में, पांच जनवरी को जमशेदपुर में, छह को हजारीबाग में तथा नौ व 10 जनवरी को क्रमश: धनबाद व देवघर में चेंबर के साथ पर्षद का कार्यक्रम प्रस्तावित है. चार को रांची का कार्यक्रम चेंबर भवन में होगा.
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