रांची : डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, पत्नी व पुत्र की चल-अचल संपत्ति की जांच करेगा एसीबी
Updated at : 03 Jan 2019 8:11 AM (IST)
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प्रणव लोकायुक्त जस्टिस डीएन उपाध्याय ने एसीबी के डीजी को दिया आदेश रांची : रांची नगर निगम के डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, उनकी पत्नी और पुत्र हर्षित विजयवर्गीय की चल-अचल संपत्ति की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) करेगा. इसके अलावा हर्षित विजयवर्गीय की निर्माण कंपनी मेघा कंस्ट्रक्शन और एक अन्य ठेकेदार विपिन वर्मा की कंपनी […]
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प्रणव
लोकायुक्त जस्टिस डीएन उपाध्याय ने एसीबी के डीजी को दिया आदेश
रांची : रांची नगर निगम के डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, उनकी पत्नी और पुत्र हर्षित विजयवर्गीय की चल-अचल संपत्ति की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) करेगा.
इसके अलावा हर्षित विजयवर्गीय की निर्माण कंपनी मेघा कंस्ट्रक्शन और एक अन्य ठेकेदार विपिन वर्मा की कंपनी पीयूष इंटरप्राइजेज की चल-अचल संपत्ति की भी जांच होगी. एसीबी सूत्रों के मुताबिक, बबन चौबे की शिकायत पर लोकायुक्त जस्टिस डीएन उपाध्याय ने यह आदेश दिया है.
लोकायुक्त ने एसीबी डीजी को छह सप्ताह में जांच रिपोर्ट देने को कहा है. इसकी सूचना नगर विकास सचिव, रांची के डीसी और सिटी डीएसपी को भी दी गयी है.
लोकायुक्त के आदेश के अनुसार, मेघा कंस्ट्रक्शन और पीयूष इंटरप्राइजेज द्वारा किये गये करार और निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जानेवाली सामग्री के गुणवत्ता की भी जांच होगी.
दूसरी ओर, डिप्टी मेयर की अनुशंसा पर जिस ठेकेदार या ठेका कंपनी को रांची नगर निगम का टेंडर मिला, उस ठेकेदार की संपत्ति की जांच भी की जायेगी. उल्लेखनीय है कि इन्हीं दो कंपनियों को विगत कई वर्षों से नगर निगम के अधिसंख्य कार्यों का टेंडर मिल रहा है.
प्रभात खबर ने प्रमुखता से छापी थी खबर
9 फरवरी 2018
प्रभात खबर ने रांची नगर निगम में डिप्टी मेयर और बेटे सहित अन्य के संबंध में 09 फरवरी 2018 को ‘पिता डिप्टी मेयर, बेटा नगर निगम का ठेकेदार’ शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी.
10 फरवरी 2018
‘डिप्टी मेयर के बेटे के ठेके में निगम के वाहनों से मुफ्त में होता है काम’ शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी. खबर को आधार बना कर बबन चौबे ने रांची नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार की शिकायत शपथ पत्र के माध्यम से लोकायुक्त से की थी.
प्रभात खबर में छपी खबर को आधार बना कर शपथ पत्र के माध्यम से बबन चौबेने लोकायुक्त से की थी शिकायत, लोकायुक्त ने एसीबी जांच का दिया आदेश
डिप्टी मेयर के पुत्र हर्षित विजयवर्गीय की निर्माण कंपनी मेघा कंस्ट्रक्शन और विपिन वर्मा की कंपनी पीयूष इंटरप्राइजेज की संपत्ति की भी होगी जांच
संजीव विजयवर्गीय की अनुशंसा पर रांची नगर निगम की ओर से जिसे टेंडर दिया गया, उस ठेकेदार की संपत्ति की भी होगी जांच
जांच के नाम पर होता रहा फेका-फेंकी, नगर विकास विभाग करता रहा टालमटोल
बबन चौबे की शिकायत के बाद लोकायुक्त कार्यालय ने फरवरी 2018 में नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव को प्रारंभिक जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था. समय पर जांच रिपोर्ट नहीं मिलने पर लोकायुक्त कार्यालय ने प्रधान सचिव को जून 2018 में रिमाइंडर भेजा.
इसके बाद भी लोकायुक्त को जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी गयी. लोकायुक्त ने नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव को अगस्त 2018 में सम्मन निर्गत किया. तब नगर विकास विभाग के अपर सचिव बीएल दास ने लोकायुक्त कार्यालय को सितंबर 2018 में रिपोर्ट भेजते हुए कहा कि इस मामले में विभाग की ओर से रांची डीसी और नगर निगम को जांच रिपोर्ट देने को कहा गया था.
उन्होंने जांच पूरी करने के लिए और समय की मांग की. लोकायुक्त कार्यालय ने उन्हें एक माह का और समय दिया. बावजूद इसके नगर विकास विभाग ने जांच रिपोर्ट लोकायुक्त को नहीं सौंपी. वहीं, रांची प्रशासन की ओर से लोकायुक्त कार्यालय को बताया गया कि मामले में संयुक्त आयकर आयुक्त (रांची) से जांच रिपोर्ट मांगी गयी थी, जो नहीं मिली. फिर रांची डीसी के स्तर से मामले में जांच का निर्देश सिटी डीएसपी को दिया गया. पूरे मामले में नगर विकास विभाग के टालमटोल रवैये को देखते हुए लोकायुक्त ने एसीबी से जांच कराने का आदेश दिया.
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