रांची : वाहन संबंधी शर्त बदलने से अनाज उठाव प्रभावित

Updated at : 29 Dec 2018 4:32 AM (IST)
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रांची : वाहन संबंधी शर्त बदलने से अनाज उठाव प्रभावित

रांची : खाद्य अापूर्ति विभाग ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआइ) के गोदाम से राज्य खाद्य निगम (एसएफसी) के गोदामों तक अनाज की ढ़ुलाई (उठाव) के लिए एनइएमएल के माध्यम से रिवर्स अॉक्शन कराया था. इसमें पूर्व की एक शर्त बदल दी गयी थी. पहले की निविदा में भाग लेने वाले ट्रांसपोर्टर के लिए यह जरूरी […]

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रांची : खाद्य अापूर्ति विभाग ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआइ) के गोदाम से राज्य खाद्य निगम (एसएफसी) के गोदामों तक अनाज की ढ़ुलाई (उठाव) के लिए एनइएमएल के माध्यम से रिवर्स अॉक्शन कराया था. इसमें पूर्व की एक शर्त बदल दी गयी थी.
पहले की निविदा में भाग लेने वाले ट्रांसपोर्टर के लिए यह जरूरी था कि यदि वह 25 वाहनों के लिए निविदा में भाग ले रहा है, तो उसके पास अपने 10 मालवाहक भारी वाहन होने चाहिए. शेष वाहन वह किराये पर ले सकता था. पर इसके लिए संबंधित व्यक्ति के साथ करार के तहत मिले वाहनों का भी नंबर टेंडर भरने के लिए जरूरी होता था.
यानी इससे यह सुनिश्चित होता था कि ट्रांसपोर्टर के पास अनाज ढुलाई के लिए वाहन उपलब्ध हैं. पर वित्तीय वर्ष 2018-20 के लिए रिवर्स अॉक्शन में यह शर्त बदल दी गयी. इससे हुआ यह कि एेसे ट्रांसपोर्टरों ने भी इसमें न सिर्फ हिस्सा लिया बल्कि चयनित भी हो गये, जिनके पास पर्याप्त संख्या में वाहन नहीं थे. हर जिले में अनाज उठाव के लिए प्रति दिन अौसतन 25 ट्रकों की जरूरत होती है.
नोखा सासाराम, बिहार के एक ट्रांसपोर्टर कुलदीप कुमार सिंह को झारखंड के छह जिलों चतरा, साहेबगंज, गोड्डा, प.सिंहभूम (चाईबासा), सरायकेला-खरसावां व जमशेदपुर में अनाज ढुलाई का काम मिल गया है. इधर इनमें से कई जिलों में अनाज ढुलाई का काम प्रभावित है. जबकि नये ट्रांसपोर्टर अगस्त माह से ही काम कर रहे हैं. चाईबासा में तो पांच माह बाद भी आज तक अनाज का उठाव स्मूथ नहीं हुआ है. सरायकेला-खरसावां व गोड्डा में भी यही परेशानी है.
दरअसलए ऐसी परेशानी कमोबेश सभी जिलों में आ रही है. इसलिए राज्य भर में अनाज उठाव के लिए एफसीआइ से माह में दो-दो बार एक्सटेंशन लिया जा रहा है. गौरतलब है कि दूसरी बार का एक्सटेंशन एफसीआइ के कोलकाता स्थित जोनल अॉफिस से लेना पड़ता है. इसके लिए एसएफसी के अनुरोध पर एफसीआइ रीजनल अॉफिस (रांची) कोलकाता कार्यालय को पत्र लिखता है. अभी 17 दिसंबर को भी जीएम, एसएफसी ने राज्य के 17 जिलों के लिए दूसरा एक्सटेंशन मांगा है.
खाद्य आपूर्ति विभाग
एफसीआइ से बार-बार लेना पड़ रहा है एक्सटेंशन
प्रति दिन अौसतन 25 ट्रकों की होती है जरूरत
ट्रांसपोर्टर व उनके जिले
हजारीबाग के मनोज कुमार : कोडरमा, सिमडेगा व पाकुड़.
पलामू के संजय कुमार : दुमका व जामताड़ा.
हजारीबाग की गर्ग एजेंसी : लोहरदगा, लातेहार, हजारीबाग, धनबाद व बोकारो.
मुंगेर के अमित कुमार सिंह व अशोक कुमार सिंह : गिरिडीह व देवघर.
सासाराम के कुलदीप कुमार सिंह : चतरा, साहेबगंज, गोड्डा, चाईबासा, सरायकेला व जमशेदपुुर.
रांची के मुकेश कुमार साह : गुमला.
पलामू के नागेंद्र साह : रांची व खूंटी.
पलामू के अनिल कुमार साह : पलामू, गढ़वा व रामगढ़.
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