रांची : एससी-एसटी एक्ट में स्कूल प्रभारी तनुजा पांडेय दोषी साबित, गिरफ्तारी का आदेश
Updated at : 26 Nov 2018 7:56 AM (IST)
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स्कूल की टीचर ने ही प्रभारी के खिलाफ की थी शिकायत रांची : रातू के झखराटांड़ स्थित राजकीयकृत मध्य विद्यालय की प्रभारी तनुजा पांडेय को एससी-एसटी एक्ट के केस में दोषी पाया गया है. मामले में सीनियर पुलिस अधिकारियों ने केस के अनुसंधानक डीएसपी मुख्यालय दो विजय कुमार सिंह को तनुजा को गिरफ्तार करने का […]
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स्कूल की टीचर ने ही प्रभारी के खिलाफ की थी शिकायत
रांची : रातू के झखराटांड़ स्थित राजकीयकृत मध्य विद्यालय की प्रभारी तनुजा पांडेय को एससी-एसटी एक्ट के केस में दोषी पाया गया है. मामले में सीनियर पुलिस अधिकारियों ने केस के अनुसंधानक डीएसपी मुख्यालय दो विजय कुमार सिंह को तनुजा को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है.
साथ ही गिरफ्तारी नहीं होने की स्थिति में कुर्की-जब्ती की कार्रवाई का निर्देश है. मालूम हो कि स्कूल की ही शिक्षिका रीना बड़ाइक की शिकायत पर एससी-एसटी एक्ट के अंतर्गत 18 फरवरी 2018 को एससी-एसटी थाना में तनुजा के खिलाफ केस दर्ज हुआ था. केस दर्ज होने के बाद मामले में रांची रेंज के डीआइजी ने केस में सुपरविजन रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया था.
प्राथमिकी में क्या है आरोप : रीना बड़ाइक ने प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि उसे तनुजा पांडेय जाति सूचक शब्दों से संबोधित करते हुए प्रताड़ित और गाली- गलौज करती हैं. जांच के दौरान उसने अपने बयान में पुलिस को बताया कि जब से स्कूल में प्रभारी के रूप में तनुजा पांडेय आयी हैं, सभी एससी-एसटी शिक्षकों को हीन दृष्टि को देखती हैं.
इतना ही नहीं हर बात पर वे शिकायतकर्ता को अच्छी शिक्षिका नहीं होने का आरोप लगाते हुए उसे हटाकर दूसरी शिक्षिका को लाने की धमकी देती हैं. इसके अलावा बच्चों को भी मानसिक रूप से प्रताड़ित करती रहती हैं. बच्चों को काम चोर कह कर पुकारती हैं.
इसके साथ ही एससी-एसटी बच्चों को बोलती हैं कि तुम्हें सरकार की ओर से कोई सुविधा नहीं मिलेगी. जांच के दौरान पुलिस ने मामले में स्कूल की अन्य शिक्षिकाओं का भी बयान लिया. जिसमें अधिकांश शिक्षिकाओं ने प्राथमिकी में रीना बड़ाइक द्वारा लगाये गये आरोप का समर्थन किया. वहीं कुछ शिक्षिकाओं ने घटना के बारे में पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी. पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में लिखा है कि तनुजा पांडेय बच्चों को भी मानसिक रूप से प्रताड़ित करती हैं.
पूर्व में केस के अनुसंधानक रातू के दारोगा योगेंद्र कुमार थे. लेकिन मामले में न्यायालय के निर्देश पर सरकार ने 10 जुलाई 2018 को यह आदेश जारी कर दिया था कि एससी- एसटी केस का अनुसंधान डीएसपी रैंक के अधिकारी करेंगे. इसके बाद डीएसपी विजय कुमार सिंह को केस का प्रभार लेने का निर्देश दिया गया था.
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