रांची : कल्याणकारी योजनाओं के लिए बजट करोड़ों का, खर्च शून्य
Updated at : 02 Aug 2018 7:06 AM (IST)
विज्ञापन

रांची : राज्य सरकार हर साल कल्याणकारी योजनाएं बनाती है. बजट में करोड़ों रुपये का प्रावधान भी करती है. पर स्थिति यह है कि इसमें कई ऐसी जनोपयोगी और कल्याणकारी योजनाएं शुरू ही नहीं हो पाती है और इस मद का पैसा खर्च नहीं हो पाता है. सीएजी ने 31 मार्च 2017 के समाप्त हुए […]
विज्ञापन
रांची : राज्य सरकार हर साल कल्याणकारी योजनाएं बनाती है. बजट में करोड़ों रुपये का प्रावधान भी करती है. पर स्थिति यह है कि इसमें कई ऐसी जनोपयोगी और कल्याणकारी योजनाएं शुरू ही नहीं हो पाती है और इस मद का पैसा खर्च नहीं हो पाता है. सीएजी ने 31 मार्च 2017 के समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में एेसी अनेक योजनाओं का उल्लेख किया है.
कागज पर हैं स्वास्थ्य सुविधाएं : सरकार ने वित्तीय वर्ष 2016-17 में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर और अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मेडिको सिटी बनाने, स्टेट यूरोलॉजी- नेफ्रोलॉजी सेंटर और स्टेट डायबिटिक केयर सेंटर बनाने की घोषणा की थी. इसके लिए बजट में पैसों का प्रावधान भी किया.
पर 2016-17 में योजना ही स्वीकृत नहीं करा सकी. फिलहाल स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी तीनों योजनाएं कागज पर ही हैं. मेडिको सिटी के लिए टेंडर तो हो रहा है. पर इसमें कोई शामिल ही नहीं हो रहा है. 2016-17 में सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए 104.18 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था. पर इसमें से एक भी पैसा खर्च नहीं होसका था.
रेशम विकास की योजना: झारखंड रेशम के लिए विख्यात है. इसके मद्देनजर सरकार ने रेशम विकास से जुड़ी विभिन्न प्रकार की योजनाएं बनायी थी. बजट में रेशम विकास के लिए कुल 4.35 करोड़ रुपये का प्रावधान था. इसमें से 1.10 करोड़ की लागत से रेशम के लिए पौधरोपण करना था. मलवरी कीट पालकों को मदद के तौर पर 25 लाख रुपये देने थे.
एक करोड़ की लागत से सिल्क पार्क बनाना था. साथ ही दो करोड़ रुपये की लागत से रेशम के विकास के लिए आधारभूत संरचना तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. पर इनमें से कोई काम नहीं हुआ. सरकार ने वनरोपण कार्यक्रमाें का मूल्यांकन स्वतंत्र एजेंसी से कराने का फैसला किया था. पर यह नहीं कराया गया. इसी तरह अल्पसंख्यकों को स्कॉलरशिप देने के लिए बजट में पैसों का प्रावधान किया. पर किसी को स्कॉलरशिप नहीं मिल सकी.
सीएजी की रिपोर्ट में पिछले वित्तीय वर्ष में झारखंड की कई योजनाओं का उल्लेख
योजनाओं के लिए बजट और खर्च (राशि करोड़ में)
बजटीय प्रावधान का कारण बजट खर्च
वन रोपण योजनाओं का स्वतंत्र एजेंसी से मूल्यांकन 10.00 00
ग्रीन इंडिया मिशन(केंद्र व राज्य योजना) 26.09 00
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना(केंद्र व राज्य योजना) 104.18 00
मेडिको सिटी 10.00 00
यूरोलॉजी-नेफ्रेलॉजी सेंटर 10.00 00
राज्य डायबिटिक केयर सेंटर 10.00 00
राष्ट्रीय हस्तकरघा विकास कार्यक्रम(राज्य व केंद्र) 2.00 00
बजटीय प्रावधान का कारण बजट खर्च
रेशम विकास कार्यक्रम 4.35 00
अल्प संख्यक शैक्षणिक संस्थाओं को सहायता 2.00 00
अल्प संख्यक प्री मैट्रिक स्कॉलरशिप(केंद्र) 0.50 00
अल्प संख्यक पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप(केंद्र) 0.50 00
अल्प संख्यक मेरिट कम मीन्स स्कॉलरशिप(केंद्र) 0.50 00
मुख्यमंत्री स्मार्ट ग्राम योजना 0.85 00
स्नातक,स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के सुदृढ़ीकरण 1.30 00
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




