रांची : वंदना डाडेल का फेसबुक पोस्ट, मुंडा और उरांव के लिए ईसाई मिशनरियों का आना वरदान है
Updated at : 03 Jul 2018 7:15 AM (IST)
विज्ञापन

विवेक चंद्र एससी रॉय ने अपनी किताब में लिखा है रांची : हजारीबाग की आयुक्त वंदना डाडेल का फेसबुक पोस्ट इन दिनों फिर से प्रशासनिक गलियारे में चर्चा का विषय बना हुआ है. अपने फेसबुक वॉल पर वंदना डाडेल ने लिखा है कि प्रशासक जिनके लिए काम करते हैं, उनके बारे में सामान्य जानकारी होनी […]
विज्ञापन
विवेक चंद्र
एससी रॉय ने अपनी किताब में लिखा है
रांची : हजारीबाग की आयुक्त वंदना डाडेल का फेसबुक पोस्ट इन दिनों फिर से प्रशासनिक गलियारे में चर्चा का विषय बना हुआ है. अपने फेसबुक वॉल पर वंदना डाडेल ने लिखा है कि प्रशासक जिनके लिए काम करते हैं, उनके बारे में सामान्य जानकारी होनी जरूरी है. जनता के राजनीतिक जीवन की मौलिक जानकारी भी प्रशासक को होनी चाहिए.
उन्होंने लिखा है : मैंने ताजा घटनाक्रम के मद्देनजर एससी रॉय की किताब द मुंडाज एंड देयर कंट्री पढ़ी है. किताब में मुंडा और उरांव के लिए ईसाई मिशनरियों के आगमन को वरदान बताया गया है. ईसाई मिशनरियों ने मुंडा और उरांव जनजाति के सामाजिक और शैक्षणिक स्तर को ऊपर उठाने में गति प्रदान की है.
छोटानागपुर की मिशनरी संस्थाओं ने स्वयं को केवल आध्यात्मिक और शैक्षणिक क्षेत्रों तक ही केंद्रित नहीं रखा. विभिन्न क्षेत्रों में मिशनरियों की गतिविधियों ने हमेशा सरकार की योजनाओं को बढ़ावा दिया. योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रोत्साहन देते हुए मदद को हमेशा तैयार रहे.
मिशनरियों के सहयोग से सरकार ने उरांव और मुंडा युवकों को बढ़ई, ड्राफ्टमैन, सर्वेयर आदि के रूप में प्रशिक्षित किया. युवाओं का जीवन स्तर ऊपर उठाने में मदद की. सिलाई-कढ़ाई अब कई मुंडा और उरांव महिलाओं का पसंदीदा व्यवसाय बन चुका है. उन्होंने आगे लिखा है कि सोनेपुर और पंच-परगना में बड़ी संख्या में मुंडा लाह के व्यापार में हैं.
अभी भी मुंडाओं को शराब व्यापारियों और कुली-ठेकेदारों से बचाने के लिए काफी कुछ किया जा रहा है. पर, उनके चंगुल से मुंडाओं को निकालने के लिए अभी काफी कुछ करना शेष है. सरकार ने सहकारी समितियों के माध्यम से अनुदान देकर इसके लिए काम करना आरंभ किया है.
योजना के क्रियान्वयन के लिए ईसाई मिशनरियों की गणना भौतिक परिस्थितियों में सुधार करने और सामाजिक विकास में योगदान देने के लिए की जाती है. वंदना डाडेल ने लिखा है कि लोग भले ही इसका अर्थ कुछ भी लगायें, पर मुझे लगता है कि जब हम संदेह और बेकार आरोप-प्रत्यारोप छोड़ रचनात्मक साझेदारी में काम करते हैं, तो लक्ष्य बहुत आसानी से हासिल किया जा सकता है.
प्रशासक जिनके लिए काम करते हैं, उनके बारे में सामान्य जानकारी होनी जरूरी
सोशल मीडिया पर टिप्पणी के लिए मिल चुका है नोटिस
वंदना डाडेल को सोशल मीडिया पर सरकार के विरुद्ध टिप्पणी करने के लिए नोटिस मिल चुका है. अक्तूबर 2016 में उन्होंने धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर फेसबुक पर टिप्पणी की थी. इसके बाद कार्मिक विभाग ने उन्हें नोटिस जारी कहा था कि उनकी टिप्पणी कर्त्तव्य परायणता का उल्लंघन और सरकार के विरुद्ध टिप्पणी करने की श्रेणी में आता है. हालांकि, वंदना डाडेल के स्पष्टीकरण देने के बाद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. उसके पहले भी वह अपनी पोस्टिंग और छुट्टी नहीं मिलने को लेकर फेसबुक पर पीड़ा जता चुकी हैं. उन्होंने खुद के आदिवासी होना के कारण बार-बार ट्रांसफर किये जाने की आशंका जतायी थी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




