पतरातू के पीटीपीएस में खाली नहीं कराए जाएंगे मकान, विरोध-प्रदर्शन के आगे झुका प्रशासन

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 06 Apr 2026 5:10 PM

विज्ञापन

पतरातू के पटेल चौक पर प्रदर्शन करते पीटीपीएस के स्थानीय निवासी. फोटो: प्रभात खबर

Patratu News: पतरातू के हेसला पंचायत स्थित पीटीपीएस कॉलोनी में मकान खाली कराने की कार्रवाई विरोध के चलते टाल दी गई. लोगों के प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने कदम पीछे खींचे. अब 8 अप्रैल को दोबारा कार्रवाई की संभावना है. कॉलोनीवासी अपने घर बचाने को एकजुट होकर विरोध कर रहे हैं और रणनीति बना रहे हैं. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

पतरातू से अजय तिवारी की रिपोर्ट

Patratu News: झारखंड में रामगढ़ के पतरातू प्रखंड के हेसला पंचायत स्थित पीटीपीएस की अधिग्रहित जमीन पर बने आवासीय परिसर को खाली कराने को लेकर सोमवार को स्थिति तनावपूर्ण हो गई. प्रशासन द्वारा 6 अप्रैल को प्रस्तावित कार्रवाई की सूचना मिलते ही कॉलोनीवासी बड़ी संख्या में सड़कों और चौक-चौराहों पर उतर आए. लोगों ने एकजुट होकर विरोध जताया और स्पष्ट कहा कि वे किसी भी हालत में अपने घर खाली नहीं करेंगे. विरोध का केंद्र पटेल चौक बना, जहां सैकड़ों की संख्या में लोग जुटे और प्रशासन के आने का इंतजार करते रहे.

जमीन हस्तांतरण से शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, पीटीपीएस पावर प्लांट बंद होने के बाद इस जमीन को सरकार ने जियाडा (झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण) को हस्तांतरित कर दिया है. इसके बाद जियाडा द्वारा इस जमीन को विभिन्न निजी कंपनियों को उद्योग स्थापना के लिए आवंटित किया गया. इसी को लेकर प्रशासन द्वारा कई बार आवास खाली कराने की कोशिश की गई, लेकिन हर बार स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा.

न्यायालय के आदेश को लेकर असमंजस

कॉलोनीवासियों का कहना है कि उन्होंने न्यायालय की शरण ली है और फिलहाल वहां से स्थगन आदेश प्राप्त है, जिसके आधार पर वे अपने घर खाली नहीं करेंगे. दूसरी ओर, अंचल अधिकारी का कहना है कि प्रशासन को अब तक न्यायालय से किसी प्रकार का आधिकारिक स्थगन आदेश प्राप्त नहीं हुआ है. ऐसे में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. इस विरोधाभासी स्थिति के कारण लोगों और प्रशासन के बीच असमंजस बना हुआ है.

भुरकुंडा घटना के कारण कार्रवाई स्थगित

सोमवार को प्रशासनिक टीम मकान खाली कराने के लिए मौके पर नहीं पहुंच सकी. मिली जानकारी के अनुसार, भुरकुंडा में हुई गोलीबारी की घटना के कारण पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध नहीं हो पाया. इसी कारण प्रशासन ने कार्रवाई को फिलहाल दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया है. अब 8 अप्रैल को दोबारा कार्रवाई किए जाने की संभावना जताई जा रही है.

विरोध के बाद लौटे कॉलोनीवासी

प्रशासन के नहीं पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद दोपहर में कॉलोनीवासी धीरे-धीरे विरोध स्थल से अपने-अपने घर लौट गए. हालांकि, लोगों ने साफ कर दिया है कि यदि भविष्य में दोबारा कार्रवाई की कोशिश की गई, तो वे और बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे. लोगों के बीच अपने घरों को बचाने की चिंता और आक्रोश दोनों साफ दिखाई दे रहा है.

ग्राम सभा बुलाने का निर्णय

इस पूरे मामले को लेकर 7 अप्रैल को हेसला पंचायत भवन में एक विशाल आम सभा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है. इस ग्राम सभा में मतदाता सूची में दर्ज सभी लोगों से भाग लेने की अपील की गई है. साथ ही सभी राजनीतिक दलों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों से भी एकजुट होकर पीटीपीएस क्षेत्र के पंचायतों को बचाने की अपील की गई है.

स्थानीय नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी

विरोध कार्यक्रम में प्रदीप महतो, जयप्रकाश सिंह, सुजीत पटेल, शहजादा तालिब, शशि सिन्हा, प्रथम चौधरी, दिनेश मुंडा, तुषार मिश्रा, भवानी कुमार, राजेश महतो, रंजीत बेसरा, मो अलीम, यशवंत सागर, मुखिया प्रीति झा, वीरेंद्र झा, विनय कुमार, दीपक मुंडा, शिवनाथ मुंडा, नरेश मुंडा, शंकर मुंडा, रवि कुमार और बृजकिशोर उपाध्याय समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मौजूद रहे.

इसे भी पढ़ें: पतरातू के पीटीपीएस में आवास खाली कराने पर बढ़ा तनाव, कॉलोनी वासी विरोध में डटे

क्या कहते हैं अंचल अधिकारी

अंचलाधिकारी मनोज कुमार चौरसिया ने बताया कि अपरिहार्य कारणों से फिलहाल कार्रवाई को स्थगित किया गया है. उन्होंने कहा कि अगला आदेश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य है, लेकिन आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर फिर से हलचल तेज होने की संभावना है.

इसे भी पढ़ें: सड़क हादसे में पिपरा और नौडीहा बाजार के अंचल अधिकारी घायल, बाल-बाल बची जान

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola