लेबर कोड के खिलाफ पतरातू में हजारों मजदूरों की हड़ताल, एटक ने दिया समर्थन

Updated at : 01 Apr 2026 5:26 PM (IST)
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Patratu Workers Strike

पतरातू के पीवीयूएनएल प्लांट में हड़ताल करते मजदूर. फोटो: प्रभात खबर

Patratu Workers Strike: पतरातू में लेबर कोड के विरोध में हजारों मजदूरों ने हड़ताल कर पीवीयूएनएल प्लांट का काम ठप कर दिया. एटक यूनियन के समर्थन के साथ मजदूरों ने शोषण, कम वेतन और सुरक्षा की कमी के खिलाफ आवाज उठाई. मांगें नहीं मानी गईं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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पतरातू से अजय तिवारी की रिपोर्ट

Patratu Workers Strike: केंद्र सरकार द्वारा 44 श्रम कानूनों को बदलकर लागू किए गए चार लेबर कोड के विरोध में झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू में बुधवार को हजारों मजदूरों ने व्यापक हड़ताल कर दी. पीवीयूएनएल के निर्माणाधीन पावर प्लांट में काम पूरी तरह ठप हो गया. मजदूरों ने इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाते हुए जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया.

सरकार और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी

हड़ताल के दौरान मजदूरों ने केंद्र सरकार और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नए लेबर कोड मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं और इससे उनके अधिकार कमजोर होंगे. मजदूरों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को बुलंद किया और बदलाव की मांग रखी.

पुलिस की मौजूदगी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन

हड़ताल की सूचना मिलते ही पतरातू पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया. पुलिस की निगरानी में पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से चलता रहा. प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्कता बरती और मजदूरों से संयम बनाए रखने की अपील की.

एटक यूनियन का मिला समर्थन

इस हड़ताल को एनटीपीसी मजदूर यूनियन (एटक) पतरातू का पूर्ण समर्थन मिला. यूनियन नेता मनोज कुमार महतो ने कहा कि संगठन हमेशा मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष करता रहा है और आगे भी उनकी लड़ाई जारी रहेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि मजदूरों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

मजदूरों ने लगाए शोषण के आरोप

मजदूरों ने भेल द्वारा संचालित कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि उनसे 12 घंटे तक काम लिया जाता है, लेकिन बदले में केवल 15 से 16 हजार रुपये का वेतन दिया जाता है. इसके अलावा कार्यस्थल पर पर्याप्त सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए जाते, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है.

ठेकेदारों पर दुर्व्यवहार और वेतन अनियमितता का आरोप

मजदूरों ने एजेंसियों और ठेकेदारों पर दुर्व्यवहार करने और वेतन भुगतान में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होती, जिसके कारण उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ता है.

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मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा उग्र आंदोलन

एनटीपीसी मजदूर यूनियन (एटक) ने पीवीयूएनएल प्रबंधन से मजदूरों की समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की है. यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन पर होगी. मजदूरों ने साफ कर दिया है कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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