मजदूर पिता का बेटा ओनित मुंडा बना जिला टॉपर, संघर्ष से लिखी सफलता की कहानी
Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 16 May 2026 8:59 PM
16 पीटीआर-बी में ओनित को सम्मानित करते विद्यालय प्रबंधन के लोग फोटो: प्रभात खबर
Success Story: पतरातू के मजदूर पिता के बेटे ओनित मुंडा ने वाणिज्य संकाय में जिला टॉपर बनकर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है. सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और संघर्ष के दम पर सफलता हासिल करने वाले ओनित अब सीए बनने का सपना देख रहे हैं. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
पतरातू से अजय तिवारी की रिपोर्ट
Success Story: मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर पतरातू के ओनित मुंडा ने वाणिज्य संकाय में जिला टॉपर बनकर यह साबित कर दिया कि सफलता संसाधनों से नहीं, बल्कि मजबूत इरादों से हासिल होती है. साधारण परिवार से आने वाले ओनित की उपलब्धि आज पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है. उनकी इस सफलता से परिवार, विद्यालय और स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है. हर कोई ओनित की मेहनत और संघर्ष की सराहना कर रहा है.
मजदूरी कर बेटे के सपनों को दिया सहारा
ओनित मुंडा के पिता दीपक मुंडा पतरातू स्थित एनटीपीसी द्वारा संचालित जल शोधन संयंत्र में मजदूर के रूप में कार्य करते हैं. सीमित आय होने के बावजूद उन्होंने कभी भी बेटे की पढ़ाई में आर्थिक परेशानी आड़े नहीं आने दी. कड़ी मेहनत और संघर्ष के बीच उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाते हुए ओनित की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया. वहीं उनकी मां आरती देवी ने भी बेटे को हमेशा मेहनत करने और कठिन परिस्थितियों में हार नहीं मानने की सीख दी. परिवार की प्रेरणा और सहयोग ने ओनित को लगातार आगे बढ़ने की ताकत दी.
स्कूल से मिला मजबूत आधार
ओनित ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शिशु विद्या मंदिर से कक्षा एक से पांच तक प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में कक्षा छह से बारहवीं तक की पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई के दौरान वह हमेशा मेहनती और अनुशासित छात्र के रूप में पहचाने जाते थे. शिक्षकों के अनुसार ओनित शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर थे और हर विषय को समझकर पढ़ने की कोशिश करते थे. विद्यालय के शिक्षकों ने भी उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए लगातार प्रोत्साहित किया, जिसका परिणाम आज जिला टॉपर के रूप में सामने आया है.
मामा ने उठाया पढ़ाई का खर्च
ओनित ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और विशेष रूप से अपने मामा को दिया है. उन्होंने बताया कि उनके मामा ने हर परिस्थिति में उनका साथ दिया और पढ़ाई का पूरा खर्च उठाया. ओनित के अनुसार जब भी उन्हें किसी प्रकार की जरूरत पड़ी, उनके मामा ने बिना किसी हिचकिचाहट के मदद की. साथ ही हमेशा उन्हें आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि परिवार और शिक्षकों का सहयोग नहीं मिलता, तो यह सफलता हासिल करना संभव नहीं होता.
अब सीए बनने का है सपना
जिला टॉपर बनने के बाद ओनित मुंडा अब बीकॉम की पढ़ाई के साथ-साथ चार्टर्ड अकाउंटेंसी यानी सीए की तैयारी करना चाहते हैं. उनका सपना एक सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट बनकर परिवार और समाज का नाम रोशन करना है. ओनित का कहना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो कोई भी कठिनाई सफलता की राह नहीं रोक सकती.
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विद्यालय में किया गया सम्मानित
ओनित की इस उपलब्धि पर शनिवार को विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें सम्मानित किया गया. विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उन्हें बधाई दी. इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष सूरज प्रसाद, संजीत सिंह, प्रधानाचार्य सुरेंद्र पाठक समेत कई शिक्षक उपस्थित थे. सभी ने ओनित के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनकी सफलता को विद्यालय के लिए गर्व का क्षण बताया.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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