गढ़वा में बंद रहा पेट्रोल पंप तो नाप दिए जाएंगे संचालक, इमरजेंसी मीटिंग में एसडीएम साहब ने लगाई क्लास
Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 16 May 2026 8:35 PM
गढ़वा में बंद पेट्रोल पंप. फोटो: प्रभात खबर
Garhwa News: गढ़वा में पेट्रोल की किल्लत और कालाबाजारी की खबरों के बीच एसडीएम संजय कुमार ने पेट्रोल पंप संचालकों के साथ आपात बैठक की. बिना सूचना पंप बंद रखने और बड़े गैलनों में पेट्रोल बेचने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
गढ़वा से अविनाश सिंह की रिपोर्ट
Garhwa News: वैश्विक परिस्थितियों और स्थानीय स्तर पर पेट्रोल की किल्लत की चर्चाओं के बीच गढ़वा जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. जिले में ईंधन आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए शनिवार को सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों के साथ इमरजेंसी मीटिंग की. इस मीटिंग में एसडीएम साहब ने जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों की जमकर क्लास लगाई. मीटिंग के दौरान उन्होंने पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त निर्देश दिया कि आपदा में अवसर तलाशते हुए बिना किसी पूर्व सूचना के पेट्रोल पंप बंद किए गए, तो पेट्रोल पंप के संचालक नाप दिए जाएंगे.
समाहरणालय में आयोजित इस इमरजेंसी मीटिंग में जिला आपूर्ति पदाधिकारी देवानंद राम समेत अनुमंडल क्षेत्र के सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और पेट्रोल पंप संचालक मौजूद रहे. मीडिया में प्रशासन ने साफ कर दिया कि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी होने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
बिना सूचना पेट्रोल पंप बंद रखने पर होगी कार्रवाई
मीटिंग के दौरान एसडीएम संजय कुमार ने पेट्रोल पंप संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि बिना पूर्व सूचना के किसी भी स्थिति में पेट्रोल पंप बंद नहीं रखा जा सकता. उन्होंने कहा कि यदि किसी पेट्रोल पंप पर स्टॉक खत्म हो जाता है या मशीन में तकनीकी खराबी आ जाती है, तो इसकी जानकारी बड़े अक्षरों में बोर्ड पर प्रदर्शित करनी होगी. बिना सूचना पंप बंद पाए जाने पर प्रशासन इसे गंभीर लापरवाही मानेगा और कार्रवाई की जाएगी. एसडीएम ने कहा कि आम लोगों में घबराहट फैलाने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
बड़े गैलनों में पेट्रोल बेचने पर फटकार
मीटिंग के दौरान प्रशासन ने पेट्रोल की कथित कालाबाजारी का मुद्दा भी उठाया. एसडीएम ने खुफिया इनपुट का हवाला देते हुए कहा कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ खुदरा दुकानदार पेट्रोल पंपों से बड़े गैलनों में तेल खरीदकर ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं. उन्होंने बताया कि परचून और कपड़ा व्यवसायी जैसे कुछ लोग पेट्रोल का स्टॉक जमा कर मुनाफाखोरी करने की कोशिश कर रहे हैं. इस पर जब कुछ पंप संचालकों ने सफाई देने की कोशिश की कि लोग वाहनों से तेल निकालकर बेच रहे हैं, तब एसडीएम ने मौके पर ही बड़े कंटेनरों में पेट्रोल दिए जाने के प्रमाण और तस्वीरें प्रस्तुत कर दीं. इसके बाद कुछ संचालकों ने अपनी गलती स्वीकार की. प्रशासन ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए चेतावनी दी कि सप्लाई चेन बाधित करने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई होगी.
प्रशासन ने दिया सहयोग का भरोसा
मीटिंग में पेट्रोल पंप संचालकों ने भी अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं. संचालकों ने सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों की जानकारी दी. इस पर प्रशासन की ओर से उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिया गया. अधिकारियों ने कहा कि किसी भी अप्रिय स्थिति या भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन तत्पर रहेगा. एसडीएम ने सभी संचालकों को आपातकालीन कंट्रोल रूम का मोबाइल नंबर और वरिष्ठ अधिकारियों के निजी संपर्क नंबर भी उपलब्ध कराए, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल मदद मिल सके.
पैनिक बाइंग से बचने की अपील
अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने जिले के आम नागरिकों से भी अपील की कि वे घबराहट में जरूरत से ज्यादा पेट्रोल खरीदने से बचें. उन्होंने कहा कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय लोग संयमित व्यवहार करें, ताकि आपूर्ति व्यवस्था सामान्य बनी रहे. प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है और किसी भी तरह की अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
पेट्रोल की संभावित किल्लत और कालाबाजारी की आशंका को देखते हुए गढ़वा जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों को समय पर ईंधन मिलता रहे और किसी भी तरह की अफवाह या मुनाफाखोरी से बाजार प्रभावित न हो. अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी पेट्रोल पंपों की नियमित निगरानी की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई तय होगी.
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इमरजेंसी मीटिंग की 5 बड़ी बातें
- नो पैनिक बाइंग: जिले में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल उपलब्ध है, नागरिक अफवाहों में आकर अनावश्यक स्टॉक न करें.
- नोटिस बोर्ड अनिवार्य: पंप बंद होने की स्थिति में ‘स्टॉक आउट’ या ‘मशीन खराब’ होने का कारण बोर्ड पर बड़े अक्षरों में लिखना होगा.
- कालाबाजारी पर रोक: खुले बाजार या गैलन में पेट्रोल भरकर ऊंचे दामों पर बेचने वालों और संचालकों पर होगी एफआईआर.
- सीसीटीवी अनिवार्य: सभी पंपों पर सीसीटीवी कैमरे २४ घंटे चालू रखने और दैनिक स्टॉक रजिस्टर मेंटेन करने का आदेश.
- प्रशासनिक हेल्पलाइन: विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संचालकों को कंट्रोल रूम और वरीय अधिकारियों के नंबर जारी.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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