राज्यपाल संतोष गंगवार ने डॉ सिमी मेहता की पुस्तक का किया विमोचन

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 16 May 2026 9:04 PM

विज्ञापन

राज्यपाल संतोष गंगवार को फूलों का गुलदस्ता देतीं डॉ सिमी मेहता. फोटो: प्रभात खबर

Palamu News: झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने राजभवन में डॉ सिमी मेहता की पुस्तक “बीबीआईएन—ए पोस्ट-सार्क फेनोमेनन” का विमोचन किया. पुस्तक में बांग्लादेश, भूटान, भारत और नेपाल के बीच ऊर्जा सहयोग, क्षेत्रीय विकास और स्वच्छ ऊर्जा की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

विज्ञापन

पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट

Palamu News: झारखंड की राजधानी रांची स्थित राजभवन में आयोजित एक विशेष समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शिक्षाविद और शोधकर्ता डॉ सिमी मेहता द्वारा लिखित पुस्तक “बीबीआईएन—ए पोस्ट-सार्क फेनोमेनन: अनलॉकिंग द पोटेंशियल फॉर एनर्जी कोऑपरेशन” का विधिवत विमोचन किया. यह पुस्तक भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के प्रतिष्ठित थिंक टैंक ‘इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स’ द्वारा प्रकाशित की गई है. कार्यक्रम में राज्य के कई वरिष्ठ नीति-निर्धारक, जनप्रतिनिधि और शिक्षाविद मौजूद रहे. सभी ने पुस्तक को दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया.

ऊर्जा सहयोग पर केंद्रित है पुस्तक

डॉ सिमी मेहता की यह पुस्तक बांग्लादेश, भूटान, भारत और नेपाल यानी बीबीआईएन देशों के बीच ऊर्जा सहयोग की संभावनाओं पर आधारित है. पुस्तक में दक्षिण एशिया में ऊर्जा सुरक्षा, क्षेत्रीय सहयोग और टिकाऊ विकास के विभिन्न पहलुओं का विस्तार से विश्लेषण किया गया है. लेखिका ने पुस्तक के माध्यम से अवसंरचना, प्रशासनिक, वित्तीय, नियामकीय और राजनीतिक चुनौतियों को रेखांकित करते हुए उनके समाधान के लिए क्षेत्रीय सहयोग और नीतिगत सामंजस्य पर बल दिया है. साथ ही स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई गई है.

सार्क की तुलना में अधिक प्रभावी मॉडल बताया बीबीआईएन

पुस्तक में यह उल्लेख किया गया है कि दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन यानी सार्क अपेक्षित स्तर पर सफल नहीं हो पाया. इसके विपरीत बीबीआईएन एक अधिक व्यावहारिक, कार्यात्मक और परिणामोन्मुखी मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है. लेखिका ने चारों देशों की विशेषताओं और उनकी परस्पर पूरक क्षमताओं को विस्तार से समझाया है. पुस्तक के अनुसार बांग्लादेश प्राकृतिक गैस संसाधनों से समृद्ध है, जबकि भूटान और नेपाल जलविद्युत क्षमता के बड़े केंद्र हैं. वहीं भारत कोयला, सौर और पवन ऊर्जा संसाधनों के मामले में मजबूत स्थिति में है.

राज्यपाल ने शोधपरक प्रयास की सराहना की

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने पुस्तक विमोचन के दौरान डॉ सिमी मेहता के शोधपरक और अकादमिक प्रयास की सराहना की. उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ऊर्जा सहयोग और क्षेत्रीय विकास जैसे विषयों पर गंभीर विमर्श की आवश्यकता है. कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने भी पुस्तक को दूरदर्शी और नीतिगत दृष्टिकोण वाली रचना बताया. उन्होंने कहा कि यह पुस्तक आने वाले समय में दक्षिण एशिया के देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा और ग्रिड कनेक्टिविटी को मजबूत करने में मार्गदर्शक की भूमिका निभा सकती है.

शिक्षा और नीति शोध से जुड़ी हैं डॉ सिमी मेहता

डॉ सिमी मेहता वर्तमान में झारखंड के ऑक्सफोर्ड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स में एकेडमिक डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं. इसके अलावा वह नई दिल्ली स्थित ‘इम्पैक्ट एंड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट’ की सीईओ और एडिटोरियल डायरेक्टर भी हैं. उन्होंने अपने शोध और लेखन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय संबंध, नीति अध्ययन और ऊर्जा सहयोग जैसे विषयों पर लगातार काम किया है. उनकी इस पुस्तक को शिक्षाविदों और नीति विशेषज्ञों के बीच काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

इसे भी पढ़ें: मजदूर पिता का बेटा ओनित मुंडा बना जिला टॉपर, संघर्ष से लिखी सफलता की कहानी

कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद

राजभवन में आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में राज्यसभा सांसद और भाजपा झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही, भाजपा प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह और पांकी विधायक डॉ कुशवाहा शशिभूषण मेहता समेत कई प्रमुख लोग उपस्थित थे. सभी अतिथियों ने डॉ सिमी मेहता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.

इसे भी पढ़ें: हाईवे पर जान बचाकर गढ़वा का फरिश्ता बन गए ‘सुमेर पुलिसवाला’, सोशल मीडिया पर वायरल

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola