रांची के हातमा पहाड़ की 3.57 एकड़ भूमि पर बनेंगे गरीबों के फ्लैट, मिसिरगोंदा तालाब का होगा सौंदर्यीकरण

रांची में गरीबों के लिए बनेगा फ्लैट, मिसिरगोंदा तालाब का होगा सौंदर्यीकरण, Pic Credit- AI, Only For Symbolism
Ranchi Municipal Corporation: रांची नगर निगम ने शहर में सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है. शनिवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने हातमा पहाड़ पर 3.57 एकड़ और मिसिरगोंदा तालाब की 5.88 एकड़ जमीन का निरीक्षण कर सीमांकन और विकास योजनाएं तैयार करने का निर्देश दिया. पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहां पढ़ें.
Ranchi Municipal Corporation, रांची, (उत्तम महतो की रिपोर्ट): राजधानी रांची में सरकारी जमीनों को चिन्हित करने और उन्हें भू-माफियाओं व अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए रांची नगर निगम ने एक व्यापक जांच अभियान शुरू किया है. इस विशेष अभियान के तहत नगर निगम कागजातों और राजस्व अभिलेखों के आधार पर सरकारी भूमि को अपने कब्जे में ले रहा है, ताकि उन जमीनों पर जनहित से जुड़ी विभिन्न विकास योजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके. इसी सिलसिले में शनिवार को नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने खुद मोर्चा संभालते हुए हातमा पहाड़ एवं मिसिरगोंदा तालाब क्षेत्र का विस्तृत जमीनी निरीक्षण किया.
हातमा पहाड़ के पास मिली 3.57 एकड़ जमीन
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम को पता चला कि हातमा पहाड़ के समीप कुल 3.57 एकड़ सरकारी भूमि उपलब्ध है. इस कीमती जमीन को सुरक्षित करने के लिए नगर आयुक्त ने संबंधित अंचल कार्यालय को पूरी भूमि का अविलंब सीमांकन (Demarcation) करने का कड़ा निर्देश जारी किया है. इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि इस जमीन का उपयोग गरीबों और समाज के जरूरतमंद तबके के कल्याण के लिए किया जाएगा. यहां उनके आवास के लिए जी प्लस थ्री (G+3) यानी चार मंजिला ऊंचाई के आधुनिक फ्लैट्स का निर्माण कराया जाएगा, जिससे बेघर लोगों को अपना आशियाना मिल सकेगा.
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5.88 एकड़ में फैले मिसिरगोंदा तालाब का होगा कायाकल्प
हातमा पहाड़ का जायजा लेने के बाद नगर आयुक्त सुशांत गौरव की टीम मिसिरगोंदा क्षेत्र पहुंची. यहां उन्होंने 5.88 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैले ऐतिहासिक मिसिरगोंदा तालाब का बारीकी से निरीक्षण किया. तालाब के आसपास हो रहे अतिक्रमण और इसकी स्थिति को देखते हुए नगर आयुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को अंचल कार्यालय की टीम के साथ संयुक्त रूप से (Jointly) मिलकर तालाब का जल्द से जल्द सीमांकन करने को कहा. इसके साथ ही उन्होंने इस विशाल जलाशय के सौंदर्यीकरण (Beautification) और स्थानीय नागरिकों के लिए अन्य मनोरंजन व विकास योजनाएं तैयार करने का ब्लूप्रिंट बनाने का निर्देश दिया है.
कागजातों के आधार पर तैयार हो रही है विकास की रूपरेखा
नगर निगम के इस कड़े रुख से अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मचा हुआ है. निगम के अधिकारियों के मुताबिक, पूरे शहर में जितनी भी सरकारी भूमि है, उन्हें पहले सरकारी दस्तावेजों से मिलान कर चिन्हित किया जा रहा है. इसके बाद उन जमीनों को पूरी तरह बाउंड्रीवॉल या सीमांकन के जरिए कब्जे में लिया जा रहा है ताकि भविष्य में कोई उन पर अवैध निर्माण न कर सके. नगर आयुक्त ने साफ किया है कि इन जमीनों का इस्तेमाल पार्क, पार्किंग, तालाबों के जीर्णोद्धार और गरीबों के आवास जैसी नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिए ही किया जाएगा.
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लेखक के बारे में
By समीर उरांव
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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