Ranchi: नियुक्ति के बाद भी स्टेट बार काउंसिल को देना होगा एडवोकेट का एनरोलमेंट सर्टिफिकेट

Published by : AmleshNandan Sinha Updated At : 16 May 2026 10:23 PM

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झाखंड हाईकोर्ट

Ranchi: रांची में नियुक्ति के बाद भी अधिवक्ताओं को स्टेट बार काउंसिल को एडवोकेट का एनरोलमेंट सर्टिफिकेट जारी करना होगा. झारखंड हाईकोर्ट ने एक मामले में फैसला सुनाते हुए ये बातें कहीं.

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राणा प्रताप सिंह
Ranchi: झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने वकालत के लाइसेंस से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला सुनाया. अदालत ने कहा कि अगर किसी विधि स्नातक ने झारखंड स्टेट बार काउंसिल में एनरोलमेंट के लिए आवेदन दिया है और स्क्रूटनी की तिथि तक वह किसी नौकरी (जैसे हाइकोर्ट में लॉ रिसर्चर) पर नहीं था, तो बाद में नौकरी मिलने के बावजूद उसका एनरोलमेंट सर्टिफिकेट रोका नहीं जा सकता है. अदालत ने झारखंड स्टेट बार काउंसिल को तत्काल प्रार्थी रिचा प्रिया को एनरोलमेंट सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया.

रिचा प्रिया का था मामला

यह सर्टिफिकेट 15 अक्टूबर 2024 से ही प्रभावी होगा, लेकिन इसे तीन अक्टूबर 2024 से लेकर उस अवधि तक (जब तक वह हाइकोर्ट में नियुक्त है) निलंबित रखा जायेगा. अदालत ने यह भी कहा कि स्टेट बार काउंसिल अब प्रत्येक माह में कम से कम दो बार एनरोलमेंट कमेटी व स्क्रूटनी कमेटी की बैठक आयोजित करे. इससे पूर्व प्रार्थी रिचा प्रिया ने स्वयं मामले में पैरवी की.

बार काउंसिल पर लगा था आरोप

उल्लेखनीय है कि प्रार्थी ने याचिका दायर कर झारखंड स्टेट बार काउंसिल द्वारा उसके एनरोलमेंट सर्टिफिकेट को रोकने के निर्णय को चुनौती दी थी. काउंसिल ने यह तर्क देते हुए रोक दिया था कि वह झारखंड हाइकोर्ट में लॉ रिसर्चर/रिसर्च एसोसिएट के पद पर नियुक्त हो गयी हैं. प्रार्थी रिचा प्रिया ने वर्ष 2024 में अमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड से बीए एलएलबी (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त करने के बाद 30 अगस्त 2024 को झारखंड स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में नामांकन के लिए आवेदन दिया था.

रिचा प्रिया का रोका गया था एनरोलमेंट सर्टिफिकेट

आवेदन की जांच 11 सितंबर 2024 को पूरी हो गयी थी तथा निर्धारित 14 दिनों की अवधि भी 26 सितंबर 2024 को समाप्त हो चुकी थी. इसी बीच झारखंड हाइकोर्ट ने लॉ रिसर्चर/रिसर्च एसोसिएट के पद पर संविदा नियुक्ति हेतु विज्ञापन जारी किया था. उसमें रिचा प्रिया का चयन हुआ और उन्हें 27 सितंबर 2024 को नियुक्ति पत्र जारी किया गया. उन्होंने तीन अक्टूबर को कार्यभार ग्रहण किया. बार काउंसिल ने अन्य सभी आवेदकों को 15 अक्टूबर को एनरोलमेंट सर्टिफिकेट जारी कर दिया, लेकिन रिचा प्रिया को यह कहते हुए प्रमाण पत्र नहीं दिया गया कि वह हाइकोर्ट में कार्यरत हैं.

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अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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