Ramgarh: गोला पुलिस ने किया नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, बिहार होती थी सप्लाई

थाने में रखा गया जब्त सामान
Ramgarh: रामगढ़ के गोला थाना क्षेत्र में पुलिस ने नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया. यहां से तैयार नकली शराब बिहार भेजी जाती थी. पुलिस ने भारी मात्रा में शराब और उपकरण जब्त किए हैं. पूरी रिपोर्ट नीचे पढ़ें...
गोला से राजकुमार की रिपोर्ट
Ramgarh: रामगढ़ जिले के गोला थाना क्षेत्र के ऊपर खाखरा स्थित पत्थलगढ़वा गांव में रविवार को गोला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली शराब बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया. पुलिस ने छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में केमिकल, तैयार नकली शराब, खाली बोतल, स्टीकर, ढक्कन, ड्रम, प्रिंटर समेत कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है. मामले में दो स्थानीय लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य लोगों के शामिल होने की आशंका जतायी जा रही है. पुलिस की इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. बताया जा रहा है कि पिछले करीब छह माह से यह अवैध कारोबार बड़े पैमाने पर संचालित हो रहा था. ग्रामीण क्षेत्र में सुनसान स्थान का फायदा उठाकर शराब बनाने और उसे बिहार समेत अन्य क्षेत्रों में सप्लाई किया जाता था. पुलिस अब इस मामले में अंतरराज्यीय गिरोह की भूमिका की भी जांच कर रही है.
बिहार तक होती थी नकली शराब की सप्लाई
जानकारी के अनुसार ऊपर खाखरा में किराये के मकान और गाय शेड का इस्तेमाल कर नकली शराब बनाने का धंधा संचालित किया जा रहा था. स्थानीय लोगों के मुताबिक इस कारोबार का मास्टरमाइंड बिहार का रहने वाला बताया जा रहा है, जबकि बोकारो क्षेत्र के एक व्यक्ति की भी इसमें संलिप्तता की चर्चा है. बताया जाता है कि स्थानीय मजदूरों को दैनिक मजदूरी देकर शराब तैयार करने, बोतलों में भरने और पैकिंग का काम कराया जाता था. शराब तैयार होने के बाद उसे विभिन्न ब्रांडों के लेबल लगाकर बिहार भेजा जाता था. पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क काफी लंबे समय से सक्रिय था और कई जिलों तक इसकी सप्लाई चेन फैली हुई थी.
ब्रांडेड शराब के नाम पर बेची जाती थी नकली शराब
पुलिस जांच में यह बात सामने आयी है कि शिमला क्षेत्र से शराब मंगायी जाती थी, जिसमें अलग-अलग प्रकार के केमिकल मिलाकर नकली शराब तैयार की जाती थी. इसके बाद शराब को बोतलों में भरकर उस पर विभिन्न कंपनियों के नकली स्टीकर और लेबल लगाये जाते थे. इसके बाद बोतलों को पेटियों में पैक कर बाजार में भेजा जाता था. बताया जा रहा है कि यह शराब असली ब्रांड के नाम पर बेची जाती थी, जिससे लोगों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा था. पुलिस के अनुसार केमिकलयुक्त शराब के सेवन से जान तक जा सकती है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि इलाके में इतने बड़े स्तर पर नकली शराब का कारोबार चल रहा है. कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में भय और चर्चा का माहौल है.
500 पेटी शराब, 100 गैलन केमिकल और हजारों बोतल जब्त
पुलिस जब छापेमारी करने मौके पर पहुंची तो वहां का दृश्य देखकर अधिकारी भी हैरान रह गये. बताया जाता है कि गोला क्षेत्र में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर नकली शराब फैक्ट्री का खुलासा हुआ है. पुलिस ने घटनास्थल से लगभग 50 लीटर क्षमता वाले करीब 100 गैलन केमिकल, करीब 500 पेटी शराब, 1000 से अधिक खाली बोतल, ढक्कन, ड्रम, शराब पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले स्टीकर, प्रिंटर और अन्य सामग्री बरामद की है. बरामद सामान को जब्त कर थाने ले जाया गया है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गयी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नकली शराब कहां-कहां भेजी जाती थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे.
गाय शेड में चल रहा था अवैध कारोबार
ग्रामीणों के अनुसार गांव के एक व्यक्ति के गाय शेड में यह नकली शराब फैक्ट्री संचालित की जा रही थी. आसपास कम आबादी होने और क्षेत्र के जंगल से सटे होने के कारण किसी को इसकी भनक नहीं लगी. यह स्थान रामगढ़ और बोकारो थाना क्षेत्र की सीमा से भी जुड़ा हुआ है, जिससे तस्करों को आवाजाही में आसानी होती थी. पुलिस को संदेह है कि गिरोह ने जानबूझकर इस स्थान का चयन किया था ताकि आसानी से पुलिस की नजर से बचा जा सके. स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय अक्सर बाहरी लोगों का आना-जाना होता था, लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं था कि यहां नकली शराब बनाने का इतना बड़ा कारोबार चल रहा है.
छापेमारी के बाद गांव से कई लोग फरार
पुलिस कार्रवाई के बाद गांव के कई लोग फरार हो गये. पुलिस जब आसपास के घरों में पूछताछ करने पहुंची तो वहां केवल कुछ वृद्ध महिलाएं नजर आयीं. महिलाओं ने पुलिस को बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है. उनका कहना था कि कौन लोग आते-जाते थे और क्या काम होता था, इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी. हालांकि पुलिस को संदेह है कि स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों को इस कारोबार की जानकारी थी. पुलिस अब फरार लोगों की तलाश में जुट गयी है.
स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल
ग्रामीणों के मुताबिक यह कारोबार पिछले छह माह से अधिक समय से संचालित हो रहा था. लोगों का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर नकली शराब बनाने का धंधा बिना किसी संरक्षण के संभव नहीं है. कुछ ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं. हालांकि इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने फिलहाल कुछ भी कहने से इनकार किया है. बताया जाता है कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर यह कार्रवाई की गयी. पुलिस अब गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी हुई है. संभावना जतायी जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
जहरीली शराब से जा सकती थी लोगों की जान
विशेषज्ञों का कहना है कि नकली शराब में मिलाए जाने वाले केमिकल मानव शरीर के लिए बेहद खतरनाक होते हैं. इससे आंखों की रोशनी जाने, किडनी खराब होने और मौत तक का खतरा रहता है. गोला में सामने आया यह मामला केवल अवैध कारोबार का नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ का भी है. पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में बड़ी सफलता माना जा रहा है. वहीं लोगों ने मांग की है कि पूरे गिरोह का खुलासा कर इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाये.
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By AmleshNandan Sinha
अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.
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