पलामू में पुलिस-प्रशासन चुस्त, डीआईजी ने सिविल कोर्ट परिसर और कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण

Updated at : 11 Mar 2026 9:31 AM (IST)
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Palamu DIG Inspection

पलामू के सिविल कोर्ट में कानून व्यवस्था का जायजा लेते डीआईजी कौशल किशोर और एसपी रीष्मा रमेशन (दाहिने).

Palamu DIG Inspection: झारखंड के पलामू में डीआईजी किशोर कौशल और एसपी रीष्मा रमेशन ने सिविल कोर्ट परिसर और समाहरणालय स्थित सेंट्रल कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया. उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और पुलिस समन्वय की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने और किसी भी सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट

Palamu DIG Inspection: पलामू क्षेत्र में कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) किशोर कौशल और पलामू की पुलिस अधीक्षक (एसपी) रीष्मा रमेशन ने सिविल कोर्ट परिसर का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने कोर्ट परिसर में तैनात सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया और पुलिस पदाधिकारियों को सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया.

पुलिस को सक्रिय और सतर्क रहना जरूरी: डीआईजी

डीआईजी ने कहा कि कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस को हमेशा सक्रिय और सतर्क रहना आवश्यक है. किसी भी प्रकार की शिकायत या सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना पुलिस की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

प्रवेश द्वार पर चेकिंग व्यवस्था का किया निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान डीआईजी किशोर कौशल ने कोर्ट परिसर के प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षा बलों की कार्यप्रणाली का भी निरीक्षण किया. उन्होंने देखा कि परिसर में आने-जाने वाले लोगों की जांच किस प्रकार की जा रही है और सुरक्षा बल किस तरह सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं. उन्होंने तैनात पुलिस कर्मियों को निर्देश दिया कि कोर्ट परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सतर्कता से जांच की जाए. साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोर्ट परिसर की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

समाहरणालय स्थित सेंट्रल कंट्रोल रूम का भी किया निरीक्षण

सिविल कोर्ट परिसर के निरीक्षण के बाद डीआईजी ने पुलिस अधीक्षक के साथ समाहरणालय स्थित सेंट्रल कंट्रोल रूम (सीसीआर) का भी निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने अपराध निगरानी और सूचना प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली. उन्होंने कंट्रोल रूम में तैनात पुलिस कर्मियों की सतर्कता, संचार प्रणाली और आपातकालीन सूचना प्रबंधन की व्यवस्था का जायजा लिया. इसके अलावा विभिन्न थानों से आने वाली सूचनाओं के संकलन और उन पर त्वरित कार्रवाई की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी प्राप्त की.

सीसीटीवी निगरानी और रिकॉर्ड प्रबंधन पर दिया जोर

निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से प्राप्त लाइव फूटेज की गुणवत्ता और उसकी मॉनिटरिंग व्यवस्था की भी समीक्षा की. उन्होंने कंट्रोल रूम में आने वाली लाइव फुटेज को लगातार मॉनिटर करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना संबंधित थाना को देने का निर्देश दिया. इसके साथ ही उन्होंने रिकॉर्ड्स को अद्यतन रखने, फाइलों का सही तरीके से रखरखाव करने और मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने की भी हिदायत दी.

पुलिस को बेहतर समन्वय के साथ काम करने का निर्देश

डीआईजी किशोर कौशल ने नियुक्त और प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. इसके लिए सभी थानों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए आम लोगों को सुरक्षा प्रदान करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है.

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आम लोगों से सहयोग की अपील

निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन के साथ सहयोगात्मक भूमिका निभाएं. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके. इस दौरान कई पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल के जवान भी मौजूद थे. निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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