पलामू में बनेगा झारखंड का मॉडल स्कूल, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने रखी आधारशिला

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :13 Apr 2026 3:36 PM (IST)
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Palamu News

नामुदाग के हाई स्कूल में दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत करते वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर. फोटो: प्रभात खबर

Palamu News: पलामू में एचडीएफसी बैंक के सीएसआर फंड से दो स्कूलों को मॉडल और स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने शिलान्यास किया. आधुनिक सुविधाओं से लैस इन विद्यालयों से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों को बेहतर शिक्षा और उज्जवल भविष्य मिलेगा. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट

Palamu News: झारखंड के पलामू जिले में सोमवार को शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल की शुरुआत हुई है. छतरपुर विधानसभा क्षेत्र के पाटन प्रखंड स्थित सिक्कीकला गांव और नौडीहा बाजार प्रखंड के नामुदाग उच्च विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा. इन दोनों विद्यालयों का चयन एचडीएफसी बैंक के सीएसआर फंड के तहत किया गया है. रविवार को राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इन विद्यालयों के जीर्णोद्धार कार्य का विधिवत शिलान्यास किया.

सीएसआर फंड से बदलेगी स्कूलों की तस्वीर

इस योजना के तहत करीब दो करोड़ रुपये की लागत से दोनों स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा. एचडीएफसी बैंक के सीएसआर स्टेट हेड परमेंद्र सिंह ने कार्यक्रम में योजना की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इन स्कूलों को “स्मार्ट स्कूल” के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी शहरों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी.

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे विद्यालय

मॉडल स्कूल बनने के बाद इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आधुनिक लैब, समृद्ध लाइब्रेरी, बाउंड्री वॉल, पीसीसी सड़क, अतिरिक्त भवन और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इसके साथ ही जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण भी किया जाएगा. बिजली की समस्या को दूर करने के लिए सोलर सिस्टम लगाया जाएगा, ताकि पढ़ाई में कोई बाधा न आए.

पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों को मिलेगा लाभ

सिक्कीकला एक आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जबकि नामुदाग इलाका पहले उग्रवाद से प्रभावित रहा है. ऐसे क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती रही है. इस पहल से इन क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा और वे मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे. यह कदम सामाजिक और शैक्षणिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

बैंकिंग सेक्टर की सामाजिक भागीदारी

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इस अवसर पर एचडीएफसी बैंक की सराहना करते हुए कहा कि बैंकिंग संस्थानों को केवल वित्तीय लेन-देन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों को भी निभाना चाहिए. उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ बैंकों की भी अहम भूमिका होती है.

विकास में बैंकों की भूमिका पर जोर

मंत्री ने बताया कि हाल ही में बैंकर्स के साथ हुई बैठक में उन्होंने यह मुद्दा उठाया था कि पलामू में कई बैंक करोड़ों रुपये का कारोबार करते हैं, लेकिन जिले को उसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता. ऐसे में एचडीएफसी बैंक का यह कदम सराहनीय है, जो शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में काम कर रहा है.

सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजा आयोजन

शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा माहौल उत्साहपूर्ण हो गया. इस अवसर पर बैंक और विद्यालय से जुड़े कई अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. अतिथियों का स्वागत शॉल और बुके देकर किया गया.

शिक्षित जनप्रतिनिधि की आवश्यकता पर जोर

अपने संबोधन में वित्त मंत्री ने शिक्षित जनप्रतिनिधियों के चुनाव पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि लोग डॉक्टर, इंजीनियर और शिक्षक चुनते समय तो सतर्क रहते हैं, लेकिन जनप्रतिनिधि चुनते समय अक्सर इस बात को नजरअंदाज कर देते हैं कि वह पढ़ा-लिखा है या नहीं.

शिक्षा से ही संभव है समग्र विकास

मंत्री ने कहा कि यदि क्षेत्र का समग्र विकास करना है तो शिक्षित नेतृत्व जरूरी है. उन्होंने विद्यालयों से अपील की कि वे केवल डॉक्टर और इंजीनियर ही नहीं, बल्कि भविष्य के अच्छे नेता भी तैयार करें. शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे समाज और राजनीति दोनों में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है.

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ग्रामीण शिक्षा में बदलाव की उम्मीद

इस पहल से पलामू जिले के ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है. मॉडल स्कूल बनने के बाद छात्रों को बेहतर संसाधन और माहौल मिलेगा, जिससे उनकी पढ़ाई और भविष्य दोनों मजबूत होंगे. यह परियोजना राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में एक उदाहरण के रूप में देखी जा रही है.

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लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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