लूटे गये 54 लाख रुपये में से 35 लाख राजगंज से बरामद

Updated at : 27 Jun 2018 4:05 AM (IST)
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लूटे गये 54 लाख रुपये में से 35 लाख राजगंज से बरामद

सिलीगुड़ी, मेदिनीनगर : मेदिनीनगर के एक निजी बैंक से 15 जून को लूटे गये 54 लाख रुपये में से 35 लाख रुपये जलपाईगुड़ी जिले के राजगंज थाने के ईरानी बस्ती से बरामद हुए हैं. मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. झारखंड व राजगंज थाना की पुलिस कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही […]

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सिलीगुड़ी, मेदिनीनगर : मेदिनीनगर के एक निजी बैंक से 15 जून को लूटे गये 54 लाख रुपये में से 35 लाख रुपये जलपाईगुड़ी जिले के राजगंज थाने के ईरानी बस्ती से बरामद हुए हैं. मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. झारखंड व राजगंज थाना की पुलिस कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही है. 15 जून को मेदिनीनगर स्थित आईसीआईसीआई बैंक से 54 लाख रुपये एटीएम में भरने के इरादे से एजेंसी निकाल रही थी. उसी समय बाइक सवार लुटेरे रुपये लूट कर फरार हो गये.

बैंक के सीसीटीवी से पुलिस बाइक के जरिये लुटेरों तक पहुंचने की कोशिश की. बाइक जिसके नाम पर थी, उसके घर में लुटेरे किराये पर रहते थे. मकान मालिक से मिले लुटेरों के मोबाइल नंबर की सहायता से झारखंड पुलिस फाटापुकुर पहुंची. दो दिन घात लगाने के बाद 35 लाख पुलिस ने बरामद किये. हालांकि इस मामले में पलामू पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत माहथा का कहना है कि पैसे बरामदगी के लिए अभी बिहार व बंगाल में छापामारी जारी है. लूट के अनुसंधान में पुलिस को जो तथ्य मिले थे, उसके मुताबिक इस गिरोह में अंतरराज्यीय गिरोह का हाथ था. पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी छापामारी जारी है. कार्रवाई पूरी होने के बाद ही विस्तार से कुछ बता पायेंगे.

किसी की गिरफ्तारी नहीं, पुलिस कई संदिग्ध से पूछताछ कर रही है
क्या था मामला
15 जून को मेदिनीनगर के आईसीआई बैंक से 54 लाख रुपये लेकर सुरक्षा एजेंसी सीएमएस के कर्मी उसे एटीएम में डालने के लिए ले जा रहे थे.इसी दौरान पल्सर पर सवार अपराधी उसे लेकर भाग गये थे. इस मामले में मिले सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने तीन संदिग्ध की तसवीर भी जारी की थी. जिसका पता बताने पर एक लाख रुपया इनाम की भी घोषणा की थी. घटना के बाद एसपी इंद्रजीत माहथा ने कहा था कि पुलिस इस पूरे मामले का उदभेदन करेगी और 54 लाख रुपये की बरामदगी करेगी. पुलिस ने इस घटना को चुनौती के रूप में लेते हुए काम किया था. पुलिस को छानबीन के दौरान कई तथ्य मिले हैं. बताया गया कि इस मामले में बैंक कर्मियों की लापरवाही भी परलक्षित हुई थी. सभी बिंदुओं पर अनुसंधान जारी है.
सीसीटीवी के जरिये पुलिस लुटेरों तक पहुंचने की कोशिश की
बाकी राशि की बरामदगी के लिए अभी बिहार व बंगाल में छापामारी जारी
वाट्सएप बन रहा है लापरवाही का कारण
सूचना तकनीकी की दौर में जहा सोशल मीडिया का प्रभाव बना है. इसके कारण कार्य भी बाधित हो रहा है और यह लापरवाही की भी वजह बन रही है. 54 लाख रुपये लूट के मामले में जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाला, तो उसमें कई ऐसी तसवीर मिली, जिसमें यह पाया गया कि बैंक के कार्य अवधि में भी कर्मी वाट्शॉप में लगे रहते है. इस कारण जो सजगता बैकिंग के दौरान अपनाया जाना चाहिए. उसमें कहीं न कहीं कमी आती है. इस वजह से भी परेशानी होती है.
ऐसा देखा जाता है जब ग्राहक काउंटर पर रहते हैं, उस दौरान वाट्शॉप पर मैसेज आये और उसे देखने में कर्मी लग जाते है. इस तथ्य को पलामू के पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत माहथा भी स्वीकार करते हैं. उनका कहना है कि बैंक कर्मियों की बैठक में इस पहलू पर चर्चा की गयी है और बैंक पदाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया है.
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