दोषी को तीन वर्ष के कारावास की सजा
Published by : PRAVEEN Updated At : 17 Mar 2025 8:52 PM
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीके तिवारी की अदालत ने जान से मारने के नियत से घायल करने के मामले में सुनवाई करते हुए चंदवारा निवासी सूरज कुमार रजक को विभिन्न धाराओं में अलग-अलग सजा सुनायी है़
कोडरमा बाजार. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीके तिवारी की अदालत ने जान से मारने के नियत से घायल करने के मामले में सुनवाई करते हुए चंदवारा निवासी सूरज कुमार रजक (पिता सुरेश कुमार रजक) को धारा 126 (2)/115 (2)/352 बीएनएस के तहत दोषी पाते हुए विभिन्न धाराओं में अलग-अलग सजा सुनायी है़ अदालत ने धारा 352 बीएनएस में एक वर्ष का कारावास और एक हजार का आर्थिक जुर्माना लगाया गया है़ जुर्माना की राशि नहीं देने पर एक माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतना होगी़ वहीं धारा 126 (2) बीएनएस में एक माह का कारावास और एक हजार का आर्थिक जुर्माना, जुर्माने की राशि नहीं देने पर 15 दिन अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी, धारा 115 (2) बीएनएस में दोषी पाते हुए एक वर्ष का कारावास और एक हजार आर्थिक जुर्माना, जुर्माने की राशि नहीं देने पर एक माह कारावास, वहीं धारा 117(2) बीएनएस में दोषी पाते हुए तीन वर्ष का कारावास और 20 हजार का आर्थिक जुर्माना लगाया गया, जुर्माना की राशि नहीं देने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी़ बताते चलें कि घटना को लेकर पीड़ित के द्वारा चंदवारा थाना में कांड संख्या 57/24 में आरोपी पर पूजा करने जाने के दौरान जान से मारने के नियत से रड व लोटा से गंभीर रूप से घायल करने का आरोप लगाया गया था़ अदालत में प्रभारी लोक अभियोजक शिवशंकर राम ने अपनी दलीलें पेश कर आरोपी को कड़ी सजा देने की अपील की़ अदालत ने अभिलेख पर उपस्थित साक्ष्य व गवाहों के बयान को देखते हुए आरोपी को उक्त सजा सुनाई.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










