ई फार्मेसी के विरोध में बंद रहीं जिले की दवा दुकानें
Published by : VIKASH NATH Updated At : 20 May 2026 8:12 PM
ई फार्मेसी के खिलाफ बुधवार को शहर सहित पूरे जिले में दवा दुकानदारों का आक्रोश सड़कों पर दिखा़
झुमरीतिलैया. ई फार्मेसी के खिलाफ बुधवार को शहर सहित पूरे जिले में दवा दुकानदारों का आक्रोश सड़कों पर दिखा़ ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर जिले के सभी प्रखंडों में दवा दुकानें बंद रहीं. सुबह से ही बाजारों में मेडिकल स्टोरों के शटर गिरे नजर आये और दवा व्यवसायियों ने रैली निकालकर अपनी मांगों को बुलंद किया़ बंदी के कारण मरीजों और उनके परिजनों को दवा के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा, हालांकि आपातकालीन सेवाओं को जारी रखा गया था़ कोडरमा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सदस्य सबसे पहले गौरीशंकर मोहल्ला स्थित संघ कार्यालय के पास जमा हुए़ वहां से मांगों से संबंधित लिखे बैनर लेकर रैली निकाली गयी. संघ के अध्यक्ष सतीश कुमार ने कहा कि ऑनलाइन दवा बिक्री न तो देशहित में है और न ही छोटे दवा कारोबारियों के हित में.
बिना चिकित्सकीय सलाह ई फार्मेसी से स्वास्थ्य पर मंडरा रहा गंभीर खतरासंघ के सचिव किशोर वर्णवाल ने केंद्र सरकार से जीएसआर 817(ई) अधिसूचना को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि वर्ष 2018 में जारी इस नियम के जरिये ऑनलाइन दवा बिक्री को कानूनी रूप देने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, जिसका दवा कारोबारी लगातार विरोध कर रहे हैं. उपाध्यक्ष विशाल कुमार ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान लागू जीएसआर 220(ई) की विशेष व्यवस्था अब समाप्त कर दी जानी चाहिए़ कोषाध्यक्ष राकेश कुमार, संयुक्त सचिव अश्विनी चोना और संगठन सचिव हरजीत सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि बिना पर्याप्त लाइसेंस और निगरानी के चल रहे ऑनलाइन दवा मंचों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए़ उन्होंने आरोप लगाया कि ऑनलाइन कंपनियां भारी छूट देकर छोटे मेडिकल स्टोरों को खत्म करने की साजिश कर रही हैं.
मांगें नहीं मानी गयी, तो और उग्र होगा आंदोलन संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और अधिक व्यापक तथा धारदार किया जायेगा़ दवा कारोबारियों ने कहा कि नारकोटिक्स, एंटीबायोटिक और अनुसूची एच तथा एच-वन की दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर सख्त नियम लागू किये जायें. साथ ही फर्जी पर्चियों और बिना भौतिक सत्यापन के हो रही दवा आपूर्ति पर भी कठोर कार्रवाई की मांग उठायी गयी. बंदी के कारण शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से दवा लेने पहुंचे मरीजों को परेशानी हुई़ कई लोगों को जरूरी दवाओं के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा़ मौके पर कोषाध्यक्ष राकेश कुमार, संयुक्त सचिव अश्विनी चोना और संगठन सचिव हरजीत सिंह, शैलेश जैन, राजेश कुमार, संजीत कुमार, सुबोध वर्णवाल, रवि कुमार, अंकित गुप्ता, दयानंद प्रसाद, उपेंद्र मोदी, दीपक कुमार, अनिल जैन, अभिषेक कुमार, कासिम, सुरेश वर्णवाल, सन्नी कुमार,संदीप कुमार आदि उपस्थित थे़ वहीं बीएसएसआरयू ने भी बंदी का समर्थन किया़ मौके पर अध्यक्ष सुनील वर्णवाल और सचिव दिलीप सिन्हा समेत अन्य सदस्य मौजूद थे़प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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