खूंटी के मुरहू में तीसरे दिन भी धारा 163 लागू, चौतरफा पसरा सन्नाटा

Updated at : 30 Mar 2026 3:53 PM (IST)
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Khunti News

धारा 163 लागू होने के बाद खूंटी के मुरहू की सड़क और बाजारों में पसरा सन्नाटा. फोटो: प्रभात खबर

Khunti News: खूंटी के मुरहू में सांप्रदायिक तनाव के बाद तीसरे दिन भी धारा 163 लागू है. बाजार और साप्ताहिक हाट बंद रहे, पुलिस गश्त बढ़ाई गई. पत्थरबाजी मामले में छह लोगों को जेल भेजा गया. जिला बंद का असर दिखा, जबकि प्रशासन शांति बहाली के प्रयास में जुटा है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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खूंटी से चंदन कुमार की रिपोर्ट

Khunti News: झारखंड के खूंटी जिले के मुरहू में शनिवार को उत्पन्न सांप्रदायिक तनाव के बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए धारा 163 लागू की थी, जो सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रही. पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और एहतियातन सभी सार्वजनिक गतिविधियों पर सख्त नजर रखी जा रही है. प्रशासन की प्राथमिकता शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है.

बाजार और हाट पूरी तरह बंद

धारा 163 के प्रभाव के कारण सोमवार को मुरहू में सभी दुकानें और प्रतिष्ठान बंद रहे. हर सोमवार को लगने वाला साप्ताहिक हाट भी इस बार नहीं लगा. आमतौर पर चहल-पहल रहने वाला बाजार पूरी तरह सूना नजर आया. स्थानीय लोगों ने भी स्थिति को देखते हुए घरों में ही रहना उचित समझा.

पुलिस-प्रशासन की चौकसी बढ़ी

मुरहू में शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. इलाके में दिन-रात गश्त की जा रही है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है. अधिकारियों की निगरानी में हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके.

पत्थरबाजी मामले में कई प्राथमिकी दर्ज

रामनवमी की रात और शनिवार को हुई पत्थरबाजी की घटनाओं को लेकर रविवार शाम तक कुल 10 प्राथमिकी दर्ज की गई थीं. इनमें तीन प्राथमिकी प्रशासन की ओर से दर्ज की गई हैं. इसके अलावा कुछ और शिकायतें भी पुलिस को मिली हैं, जिन पर कार्रवाई जारी है. पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है.

छह आरोपियों को भेजा गया जेल

मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों से कुल छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. गिरफ्तार किए गए लोगों में आकिब खान, सहबाज खान, आबिद खान, साकेत कुमार, नरेश महतो और दीपक महतो शामिल हैं. इसके अलावा कई अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया.

खूंटी जिला बंद का ऐलान और असर

मुरहू की घटना के विरोध में खूंटी जिले में विभिन्न हिन्दू संगठनों ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया. इसके विरोध में बड़ी संख्या में लोग रविवार शाम को गिरफ्तारी देने खूंटी थाना पहुंचे. इस दौरान खूंटी के पूर्व विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा भी मौजूद रहे. संगठनों ने मांग की कि गिरफ्तार लोगों को रिहा किया जाए, अन्यथा जिला बंद रहेगा.

खूंटी और आसपास के क्षेत्रों में बंद का असर

सोमवार को खूंटी जिला बंद का व्यापक असर देखने को मिला. खूंटी, तोरपा और आसपास के इलाकों में दुकानें बंद रहीं और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा. हालांकि जरूरी सेवाओं और वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह नहीं रोका गया. पुलिस बंद के दौरान भी पूरी तरह सतर्क रही और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार नजर आई.

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शांति बहाली की कोशिशें जारी

प्रशासन लगातार दोनों पक्षों से संवाद स्थापित कर स्थिति को सामान्य करने की कोशिश कर रहा है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही हालात सामान्य हो जाएंगे. फिलहाल मुरहू और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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