ख :::::: खलारी के कई सरकारी विद्यालयों में नहीं है चहारदीवारी

प्रखंड के कई सरकारी विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है. कई विद्यालयों में बाउंड्री नहीं करायी गयी है. क्षेत्र के पीएम श्री मध्य विद्यालय बाजारटांड़ खलारी की चहारदीवारी अधूरी है.
प्रतिनिधि, खलारी :
झारखंड राज्य बने दो दशक से ज्यादा हो गये हैं, परंतु आज भी खलारी प्रखंड के कई सरकारी विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है. कई विद्यालयों में बाउंड्री नहीं करायी गयी है. क्षेत्र के पीएम श्री मध्य विद्यालय बाजारटांड़ खलारी की चहारदीवारी अधूरी है. इसकी वजह से स्कूल अवधि में भी लोगों का आवागमन होता रहता है. राजकीयकृत मध्य विद्यालय बुकबुका की चहारदीवारी शुरुआत से नहीं है. इसके अलावा नव प्राथमिक विद्यालय बरटोला, नव प्राथमिक विद्यालय मायापुर व नव प्राथमिक विद्यालय चिनाटांड़ की चहारदीवारी नहीं है. साथ ही नव प्राथमिक विद्यालय गुलजार बाग सड़क से सटा है. यहां चहारदीवारी नहीं होने के कारण कभी भी बच्चे दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं. असहज रहतीं हैं शिक्षिकाएं : विद्यालय अवधि के दौरान परिसर में आते-जाते लोगों से शिक्षिकाएं असहज महसूस करती हैं. मवेशियों के परिसर में आने-जाने से भी परेशानी होती है. चहारदीवारी नहीं होने से बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं. साथ ही विद्यालय व उसकी संपति की सुरक्षा भी खतरे में है.क्या कहते हैं प्रधानाचार्य : राजकीयकृत मध्य विद्यालय बुकबुका के प्रधानाचार्य अमरलाल सतनामी ने कहा कि चहारदीवारी नहीं होने से काफी परेशानी होती है. इसको लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को मौखिक व लिखित जानकारी दी गयी है. कहा कि पूर्व में सांसद-विधायक द्वारा विद्यालय में चार कमरा, शौचालय सहित चहारदीवारी का शिलान्यास किया गया था, परंतु अभी तक उसका निर्माण शुरू नहीं किया गया है. कहा कि जगह-जगह शराब की बोतलें फेकी हुई रहती हैं. जिसके कारण छात्रों को काफी परेशानी होती है.
क्या कहती हैं जिप सदस्य : जिप सदस्य सरस्वती देवी ने कहा कि बाउंड्री की कमी से सरकारी विद्यालय के बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है. कहा कि बाउंड्री के अभाव में स्कूल के आसपास के इलाके में अपराध बढ़ सकता है. जिससे स्कूल के बच्चों और स्टाफ की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकता है. नव प्राथमिक विद्यालय गुलजार की चहारदीवारी निर्माण को लेकर जिला में योजना डाली हूं. बाकी अन्य विद्यालयों का भी बाउंड्री निर्माण योजना ग्रामसभा से पास कराकर बनवाने का प्रयास करेंगे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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