ePaper

Jharkhand News: हाईकोर्ट ने कहा- 98 अंकों पर तय होगा सिविल जज जूनियर पीटी का रिजल्ट, जानिये क्या बताया कारण

Updated at : 26 Apr 2025 11:18 AM (IST)
विज्ञापन
Jharkhand High Court

Jharkhand High Court

Jharkhand News: हाईकोर्ट ने सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रतियोगिता की प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर कुंजी में गलती पायी. इसके बाद परीक्षा की बुकलेट ए सीरीज के 2 प्रश्नों को डिलीट कर दिया गया. अब केवल 98 अंकों पर ही जेपीएससी परीक्षा का रिजल्ट तय करेगा.

विज्ञापन

Jharkhand News: झारखंड हाईकोर्ट ने सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रतियोगिता की प्रारंभिक परीक्षा की उत्तरकुंजी को चुनौती देनेवाली याचिकाओं पर फैसला सुनाया है. इसमें याचिकाओं को आंशिक रूप से स्वीकार किया गया है. हाईकोर्ट ने यह फैसला उक्त मामले में दायर याचिकाओं की सुनवाई करते हुए किया. यह फैसला चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने सुनाया है. इसमें कहा गया कि इस परीक्षा का रिजल्ट अब केवल 98 अंक पर तय किया जाएगा.

खंडपीठ को मिली उत्तरकुंजी में गलती

इस दौरान खंडपीठ ने प्रार्थी की दलील स्वीकार किया और बुकलेट ए सीरीज के प्रश्न संख्या-आठ, 74 व 96 की उत्तरकुंजी को गलत पाया. इस पर खंडपीठ ने निर्देश दिया कि उन सबको एक नंबर दीजिये, जिन अभ्यर्थियों ने प्रश्न संख्या-आठ का जवाब ए दिया है. वहीं, खंडपीठ ने प्रश्न संख्या 74 और 96 प्रश्न को डिलीट कर दिया. इस कारण 100 अंकों की यह परीक्षा अब महज 98 प्रश्न (98 अंक) की होगी. इसी अंक पर अभ्यर्थियों का रिजल्ट भी निर्धारित होगा.

Also Read: 10 मिनट हो जाती देर तो रांची का यह परिवार भी हो जाता आतंकी हमले का शिकार, साझा की अपनी आपबीती

अभ्यर्थियों का मेरिट लिस्ट जारी करे जेपीएससी- खंडपीठ

चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने जेपीएससी (JPSC) से परीक्षा में शामिल सभी अभ्यर्थियों का अंतिम मार्क्स तैयार कर मेरिट लिस्ट जारी करने की भी बात कही है. साथ ही जेपीएससी को चार हफ्ते के अंदर सारी प्रक्रियाएं पूरी करने का निर्देश दिया है. इसके अलावा खंडपीठ ने प्रार्थियों के उस आग्रह को भी स्वीकार कर लिया है, जिसमें कुल वैकेंसी के 15 गुना अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित करने का निवेदन किया गया है.

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता मनोज टंडन, अधिवक्ता सुमित गाड़ोदिया और अधिवक्ता शैलेश पोद्दार ने बहस की. इन्होंने खंडपीठ को जानकारी दी कि पीटी के रिजल्ट में कई गलतियां हैं, साथ ही कुछ प्रश्नों में भी त्रुटियां हैं. लेकिन जेपीएससी द्वारा गलतियों में सुधार किये बगैर ही रिजल्ट तैयार कर दिया. वहीं, जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल, अधिवक्ता प्रवीण कुमार पांडेय, अधिवक्ता प्रिंस कुमार व अधिवक्ता अमित कुमार ने पैरवी की, जिन्होंने खंडपीठ के सामने पीटी रिजल्ट को सही बताया.

Also Read: Pahalgam Attack: पति मनीष की हत्या के बाद पत्नी ने मांगा स्थानीय महिला से बुर्का, हाथों में बंधे रक्षा सूत्र को काटा

विज्ञापन
Rupali Das

लेखक के बारे में

By Rupali Das

नमस्कार! मैं रुपाली दास, एक समर्पित पत्रकार हूं. एक साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं. यहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पहले दूरदर्शन, हिंदुस्तान, द फॉलोअप सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी काम करने का अनुभव है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola