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झारखंड के युवा फिल्मकार निरंजन कुजूर के विज्ञापन फिल्म ‘ दि स्पिटिंग वाॅल को ABBY'S Award मिला

Updated at : 28 Jun 2023 11:17 PM (IST)
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झारखंड के युवा फिल्मकार निरंजन कुजूर के विज्ञापन फिल्म ‘ दि स्पिटिंग वाॅल को ABBY'S Award मिला

विज्ञापन जगत में इसे साउथ एशिया का का सबसे बड़ा अवार्ड माना जाता है. निरंजन कुजूर की यह एड फिल्म नो टोबैको डे के दिन रिलीज हुई. यह एक डिजिटल एड फिल्म है जिसे सोशल मीडिया में साल 2022 में रिलीज किया गया था.

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झारखंड के युवा फिल्मकार निरंजन कुजूर के विज्ञापन फिल्म ‘ दि स्पिटिंग वाॅल को विज्ञापन जगत का प्रतिष्ठित पुरस्कार एबिज अवार्ड (ABBYS Award) दिया गया है. एडवरटाइजिंग क्लब के 54वें संस्करण का अवार्ड गोवा फेस्ट के दौरान दिया गया. विज्ञापन जगत में इसे साउथ एशिया का का सबसे बड़ा अवार्ड माना जाता है. निरंजन कुजूर की यह एड फिल्म नो टोबैको डे के दिन रिलीज हुई. यह एक डिजिटल एड फिल्म है जिसे सोशल मीडिया में साल 2022 में रिलीज किया गया था.

स्पेशलिस्ट कैटेगरी में काॅउज मार्केटिंग के लिए पुरस्कार

प्रभात खबर के साथ विशेष बातचीत में निरंजन कुमार ने बताया कि दि स्पिटिंग वाॅल विज्ञापन को डाबर रेड पेस्ट के सहयोग से बनाया गया है. एड फिल्म को स्पेशलिस्ट कैटेगरी में काॅउज मार्केटिंग के लिए पुरस्कार दिया गया. एड फिल्म की शूटिंग कोलकाता और नोएडा में हुई है. एड फिल्म का उद्देश्य पान-गुटखा खाने वाले को जागरूक करना है. एक कृत्रिम वाॅल को जरिया बनाकर बहुत ही खूबसूरती के साथ इस विज्ञापन में आम लोगों को तंबाकू सेवन से बचने की सलाह दी गयी है. उन्होंने कहा कि यह फिल्म अगर पुरस्कार जीत पायी है तो उसका श्रेय टीमवर्क को जाता है. बहुत खुशी हुई है.

पांच में से दो एड फिल्म को मिला है पुरस्कार

निरंजन का कहना है कि मैं फीचर फिल्म, शार्ट फिल्म और एड फिल्म सभी बनाता हूं. मैं इन फिल्मों में अंतर की बजाय उनमें समानता खोजता हूं. हर फिल्म में बिगनिंग, मिडिल और एंड होता है और मैं इसी को ध्यान में रखकर काम करता हूं. मैं 2020 से एड फिल्म बना रहा हूं. मैंने अबतक पांच एड फिल्म बनायी है, जिसमें से दो को अवार्ड मिला है. ‘दि स्पिटिंग वाॅल को अबतक दो पुरस्कार मिल चुके हैं. एड गली का मोबेक्स अवार्ड भी इस फिल्म को मिला है. इसके अलावा डाबर रत्नप्राश को इकोनोमिक्स टाइम्स का बेस्ट यूज्ड आॅफ कंटेंट मार्किटिंग का अवार्ड भी मिला है. अभी तक मैं पांच-छह एड फिल्म बनाया है और दो को अवार्ड मिला है.

कुड़ुख भाषा में बनी फिल्म को मिला है राष्ट्रीय पुरस्कार

झारखंड के युवा फिल्मकार निरंजन कुजूर की कुडुख भाषा में बनी फि ल्म ‘एड़पा काना ’ को नॉन फीचर फिल्म कैटेगरी में बेस्ट ऑडियोग्राफी के लिए राष्ट्री य पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. झारखंड के लोहरदगा जिले के रहनेवाले निरंजन कुजूर निदेशक और पटकथा लेखक हैं. अब तक निरंजन ने कुड़ुख, हिंदी, बांग्ला और संताली भाषा में फिल्म बनायी है. हाल ही में निरंजन ने बांग्ला में शार्ट फिल्म ‘तीरे बेंधो ना’ बनायी है, जिसे केरल के IDSFFK aur SiGNS फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जायेगा. उसके बाद इसे कोलकाता में South Asian Short Film Festival (SASFF) में भी दिखाया जायेगा.

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Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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