Jamshedpur News : जमशेदपुर जीएसटी घोटाले में नया मोड़, महिला गवाह ने डीजीसीआइ अधिकारियों पर लगाया उत्पीड़न का आरोप
Published by : SANAM KUMAR SINGH Updated At : 06 May 2025 12:46 AM
जमशेदपुर (फाइल फोटो)
जमशेदपुर में सामने आए जीएसटी घोटाले के मामले में एक नया और गंभीर मोड़ आ गया है. इस घोटाले में गवाह बनी रितुपर्णा चक्रवर्ती ने दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट में शिकायतवाद दायर किया है.
गवाह रितुपर्णा चक्रवर्ती ने कोर्ट में दर्ज कराई शिकायत, जबरन कंफेशन लिखवाने और पांच लाख की मांग का आरोप जमशेदपुर. जमशेदपुर में सामने आए जीएसटी घोटाले के मामले में एक नया और गंभीर मोड़ आ गया है. इस घोटाले में गवाह बनी रितुपर्णा चक्रवर्ती ने दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट में शिकायतवाद दायर किया है. शिकायत में कहा गया है कि जांच एजेंसी डीजीसीआइ के अधिकारी रोशन कुमार मिश्रा और दिनेश कुमार ने उनसे न सिर्फ अमानवीय व्यवहार किया, बल्कि उन्हें और उनके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया. रितुपर्णा चक्रवर्ती के मुताबिक, 18 जुलाई 2024 को उन्हें जमशेदपुर स्थित जीएसटी कार्यालय में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया था. वह जब अपने माता-पिता के साथ वहां पहुंचीं, तो दिनेश कुमार ने तीनों को अपने केबिन में बुलाया और बिना किसी ठोस कारण के उन पर आरोप लगाने शुरू कर दिए. आरोप है कि उन्होंने माता-पिता को डराया-धमकाया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गयी. इसके बाद रितुपर्णा को अकेले एक कमरे में ले जाया गया और उनका मोबाइल जब्त कर लिया गया, जिसमें कई निजी जानकारियां थीं. बिना किसी महिला अधिकारी या लेडी कांस्टेबल की मौजूदगी में उनसे पूछताछ की गई. इसके बाद उन्हें एक अन्य कमरे में ले जाया गया, जहां रोशन मिश्रा पहले से मौजूद थे. उन्होंने उस कमरे को “कंफेशन रूम ” बताया और एक पेन व पेपर देते हुए रितुपर्णा को उनके द्वारा पूछे गए सवालों के उत्तर लिखने के लिए मजबूर किया. रितुपर्णा का आरोप है कि उनसे पूछताछ में कई निजी सवाल भी किये गये. मोबाइल की व्यक्तिगत चैट, तस्वीरें और डेटा की तलाशी ली गयी. इसके बाद उन्हें कुछ झूठे बयानों को लिखवाया गया. सबसे गंभीर आरोप यह है कि पूछताछ के बाद उन्हें छूने की कोशिश की गयी और एक निजी बैंक खाता नंबर देते हुए उसमें पांच लाख रुपये ट्रांसफर करने को कहा गया. रितुपर्णा का कहना है कि वह खाता दिनेश कुमार का निजी खाता था. जब उन्होंने पैसे देने से असमर्थता जताई, तो उनसे एक सादे कागज पर हस्ताक्षर करवा लिए गए. रितुपर्णा ने इसकी शिकायत संबंधित उच्चाधिकारियों से भी की है. इसके अलावा, कुछ अन्य गवाहों ने भी उक्त अधिकारियों के खिलाफ दुर्व्यवहार और दबाव बनाने की शिकायतें दर्ज कराई हैं. जमशेदपुर कोर्ट में इस मामले को लेकर अब कानूनी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है. यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह डीजीसीआई जैसी केंद्रीय एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करेगा.
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