Jamshedpur News : करनडीह रिमांड होम : शारीरिक शोषण का आरोपी निलंबित वार्डन साक्ष्य के अभाव में बरी
Published by :RAJESH SINGH
Published at :30 Apr 2026 1:25 AM (IST)
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जमशेदपुर (फाइल फोटो)
Jamshedpur News : करनडीह रिमांड होम के चर्चित शारीरिक शोषण मामले में बुधवार को जमशेदपुर कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया.
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एक नजर में मामला:
केस दर्ज : 14 मार्च 2023
आरोप : शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण
कुल गवाह : 07 (अनुसंधान पदाधिकारी सहित)
फैसला : साक्ष्य के अभाव में हुए बरी
Jamshedpur News :
करनडीह रिमांड होम के चर्चित शारीरिक शोषण मामले में बुधवार को जमशेदपुर कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया. एडीजे-3 निति कुमार की अदालत ने मामले के मुख्य आरोपी सह निलंबित वार्डन जनरंजन सिन्हा को ”संदेह का लाभ” देते हुए बरी कर दिया है. अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपी के विरुद्ध ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करने में विफल रहा.क्या था मामला
ज्ञात हो कि 14 मार्च 2023 को रिमांड होम में रहने वाले एक नाबालिग बंदी की मां ने तत्कालीन वार्डन जनरंजन सिन्हा के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी. पीड़िता का आरोप था कि जनरंजन सिन्हा ने उससे मंदिर में शादी कर लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण किया. इस शिकायत के बाद विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया था. इस मामले में वे जेल भी गये थे. वर्तमान में जमानत पर बाहर थे.बचाव पक्ष की दलीलें
मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता केएम सिंह, कशिश और विवेक चौधरी ने पक्ष रखा. अधिवक्ताओं ने दलील दी कि उनके मुवक्किल को झूठे केस में फंसाया गया है और पीड़िता के दावों में विरोधाभास है.साक्ष्य की कमी पड़ी भारी
ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अनुसंधान पदाधिकारी समेत कुल सात गवाहों को अदालत में पेश किया गया. हालांकि, इन गवाहियों के बावजूद अदालत में आरोपी के विरुद्ध दोष सिद्ध करने के लिए पर्याप्त और पुख्ता सबूत नहीं मिल सके, जिसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषमुक्त करने का आदेश दिया.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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