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BJP छोड़ पत्नी आभा महतो के साथ JMM में लौट सकते हैं शैलेंद्र महतो, कही ये बात

Updated at : 23 Jan 2025 3:13 PM (IST)
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Jharkhand Politics Shailendra Mahto Abha Mahato Meets Shibu Soren JMM

शिबू सोरेन (बीच में) के साथ शैलेंद्र महतो और उनकी पत्नी आभा महतो. फोटो : प्रभात खबर

Jharkhand Politics: भाजपा के 2 पूर्व सांसदों शैलेंद्र महतो और आभा महतो की दिशोम गुरु शिबू सोरेन से रांची में मुलाकात के बाद राजनीतिक अटकलें तेज हो गईं हैं. चर्चा है कि शैलेंद्र महतो भाजपा छोड़कर झामुमो में वापसी कर सकते हैं.

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Jharkhand Politics| जमशेदपुर, संजीव भारद्वाज : झारखंड आंदोलनकारी, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के पूर्व प्रधान महासचिव और जमशेदपुर लोकसभा सीट से तीर-धनुष के सिंबल पर लगातार 2 बार सांसद रहे शैलेंद्र महतो और उनकी पत्नी पूर्व सांसद आभा महतो की झामुमो में लौट सकते हैं. इंतजार सिर्फ झामुमो के केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी का है. केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी मिलते ही शैलेंद्र महतो और आभा महतो की झामुमो में वापसी की तारीख और जगह तय हो जाएगी. इसके साथ ही कोल्हान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कुड़मी कार्ड भी खत्म हो जाएगा.

आभा के साथ शिबू सोरेन और हेमंत सोरेन से मिले शैलेंद्र महतो

शैलेंद्र महतो और आभा महतो ने 2 दिन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन से मुलाकात की. हेमंत सोरेन से राजधानी रांची में प्रोजेक्ट भवन में और शिबू सोरेन से उनके आवास पर शैलेंद्र-आभा ने मुलाकात की. दोनों नेताओं के साथ घंटों समय व्यतीत किया. राजनीतिक, पारिवारिक और आंदोलन के दिनों की यादें साझा कीं. इसके बाद ही अटकलें लगने लगीं कि शैलेंद्र महतो घर वापसी की तैयारी कर रहे हैं.

शैलेंद्र महतो ने दिये संकेत – मेरी ओर से कोई शर्त नहीं

शैलेंद्र महतो ने भी संकेत दे दिया है कि उनकी ओर से कोई शर्त नहीं है. झामुमो उन्हें अपने साथ लेना चाहती है या नहीं, इसका फैसला उसे ही करना है. जमशेदपुर के पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो और आभा महतो ने बुधवार को में दिशोम गुरु शिबू सोरेन और उनकी पत्नी रूपी सोरेन से मुलाकात की थी. दोनों ने ही शैलेंद्र-आभा को पहचाना. उनके साथ काफी देर तक बातें की.

शैलेंद्र महतो को भाई मानतीं हैं हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन

रूपी सोरेन चांडिल की हैं. इसलिए वह शैलेंद्र महतो को अपना भाई मानती हैं. लंबे अरसे के बाद अपने आवास पर शैलेंद्र महतो और आभा महतो को एक साथ देखकर बोल उठीं, ‘मैं सपना तो नहीं देख रही.’ फिर उन्होंने 1980 के दशक की बातें शुरू की. उस वक्त गुरुजी के साथ निर्मल महतो और शैलेंद्र महतो लगातार रांची, दिल्ली और जमशेदपुर आते-जाते रहते थे. गुरुजी ने भी शैलेंद्र महतो से पूछा कि वे अभी कहां रह रहे हैं. दोपहर का वक्त था, इसलिए उनसे खाना खाने का भी आग्रह किया.

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नये साल पर गुरुजी से मिलना था, समय मिला, तो मिलने गये – शैलेंद्र

झारखंड आंदोलनकारी सह पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो ने कहा कि नये साल पर उन्हें मुख्यमंत्री और गुरुजी से मिलना था, इसलिए उन्होंने मकर संक्रांति के बाद का समय चुना. उन्होंने मुलाकात का वक्त मांगा. वक्त मिला, तो मिलने गये.

हेमंत सोरेन से हुई शैलेंद्र महतो और आभा महतो की मुलाकात. फोटो : प्रभात खबर

हेमंत सोरेन के अपनत्व को नहीं भूल सकता – शैलेंद्र महतो

शैलेंद्र महतो ने कहा कि हेमंत सोरेन ने जिस तरह से उनके साथ अपनत्व दिखाया, उसे वे नहीं भूल सकते. उन्होंने कहा, ‘हर बात को राजनीति से जोड़कर नहीं देखना चाहिए. इतना जरूर कहूंगा कि भाजपा ने मेरे जीवन के गोल्डेन 20 साल यूं ही गुजार दिये. न कोई जिम्मेदारी दी और न ही किसी काम का छोड़ा. अब चाहता हूं कि अपनी जिंदगी फिर से बेहतर ढंग से जी लूं. इसलिए अपने पुराने साथियों के साथ फिर से मिलने का मन बनाया. रांची में गुरुजी, रूपी सोरेन और हेमंत सोरेन से मुलाकात की.’ शैलेंद्र महतो और आभा महतो दोनों जमशेदपुर संसदीय सीट से भाजपा के टिकट पर भी चुनाव जीत चुके हैं.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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