पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त के नाम पर साइबर ठगों ने बनाया फर्जी फेसबुक अकाउंट, मांग रहे 60 हजार

डीसी राजीव रंजन का फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल तैयार
पूर्वी सिंहभूम के डीसी राजीव रंजन के नाम से फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर साइबर ठग लोगों से 60 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने को कहा है।
वरीय संवाददाता, जमशेदपुर
साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब सीनियर आइएएस अधिकारी को भी नहीं छोड़ रहे. नया मामला जमशेदपुर में सामने आया है. पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन को ही निशाना बनाया गया है. साइबर ठगों ने डीसी राजीव रंजन के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल बना ली है. इस अकाउंट के जरिये लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर और संदेशों के माध्यम से पैसे ऐंठने की कोशिश की जा रही है. जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि डीसी राजीव रंजन नाम से किसी नये फेसबुक प्रोफाइल से फ्रेंड रिक्वेस्ट आये या धनराशि की मांग की जाये, तो सतर्क रहें. किसी भी अनजान खाते में पैसे ट्रांसफर न करें और इसकी सूचना तुरंत निकटतम थाना या साइबर सेल को दें. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपायुक्त व्यक्तिगत फेसबुक आइडी के माध्यम से किसी नागरिक को फ्रेंड रिक्वेस्ट नहीं भेजते और न ही आर्थिक सहायता, धनराशि, व्यक्तिगत जानकारी या किसी अन्य प्रकार का अनुरोध करते हैं. ऐसे किसी भी संदेश, कॉल या अनुरोध पर विश्वास न करें और अपनी बैंकिंग या अन्य निजी जानकारी साझा न करें. यदि किसी को इस फर्जी आइडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट या संदेश प्राप्त हो, तो संबंधित प्रोफाइल की रिपोर्ट करें और इसकी सूचना निकटतम थाना या साइबर थाना को दें. जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया का उपयोग करते समय विशेष सतर्कता बरतने और संदिग्ध प्रोफाइल के झांसे में न आने की अपील की है.
फर्नीचर बेचने की बात कह दोस्त के खाते में 60 हजार रुपये ट्रांसफर करने को कह रहा
सामने आये चैट के स्क्रीनशॉट से साफ है कि साइबर ठग बिल्कुल सोचे-समझे तरीके से लोगों को जाल में फंसा रहा है. फर्जी अकाउंट से लोगों को मैसेंजर पर संदेश भेजा जा रहा है कि मेरा दोस्त सुमित कुमार सीआरपीएफ में अफसर है. वह अपने घर का पुराना फर्नीचर बेच रहा है. चैट में ठग सामने वाले व्यक्ति को झांसा देते हुए कह रहा है कि वह सुमित से बात कर ले और उसके खाते में 60,000 रुपये ट्रांसफर कर दे. जब लोग इस पर जवाब दिया, तो फर्जी डीसी की तरफ से लिखा गया कि पैसे और फर्नीचर की पूरी जिम्मेदारी मेरी है. आप निश्चिंत होकर सुमित को पैसे भेजें. मैं अभी एक बेहद जरूरी मीटिंग में व्यस्त हूं. इसलिए जैसा सुमित कहे वैसा ही करें. इस मामले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग अलर्ट पर है.
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लेखक के बारे में
By अशोक झा
अशोक कुमार झा प्रभात खबर जमशेदपुर में वरीय संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में इनके पास 20 वर्षों से अधिक का एक लंबा, समृद्ध और विविधतापूर्ण अनुभव है.
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