एमजीएम को चलाने के लिए लोकल स्तर पर बनेगी कमेटी, छह माह में होंगे सुधार

Updated at : 13 Jan 2020 10:00 AM (IST)
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एमजीएम को चलाने के लिए लोकल स्तर पर बनेगी कमेटी, छह माह में होंगे सुधार

जमशेदपुर : समस्याओं से जूझ रहा एमजीएम अस्पताल छह माह में बदला हुआ नजर आ सकता है. सुधार के लिए विभाग ने कई कदम उठाने के साथ ही बहुत कुछ परिवर्तन करने की योजना बनायी है. उक्त बातें रविवार को बिष्टुपुर ब्लड बैंक में भीभीडीए द्वारा आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी […]

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जमशेदपुर : समस्याओं से जूझ रहा एमजीएम अस्पताल छह माह में बदला हुआ नजर आ सकता है. सुधार के लिए विभाग ने कई कदम उठाने के साथ ही बहुत कुछ परिवर्तन करने की योजना बनायी है. उक्त बातें रविवार को बिष्टुपुर ब्लड बैंक में भीभीडीए द्वारा आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने कही. उन्होंने कहा कि एमजीएम की मूल समस्या क्या है, इसकी जानकारी हो गयी है. अब जरूरत है, उसको ठीक करने की, इसके लिए विभाग की ओर से तैयारी कर ली गयी है.

उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था को चलाने के लिए उस संस्था में नियुक्त पदाधिकारी व कर्मचारियों की इच्छा शक्ति पर काफी कुछ निर्भर करता है, लेकिन एमजीएम के कर्मचारियों में इच्छा शक्ति की कमी हो गयी है. इसका मुख्य कारण है, यहां कई वर्षों से जमे कर्मचारी. किसी भी काम को करने की जगह कोई न कोई पेच लगाकर विभाग को पत्र लिखकर बैठ जाते हैं.
पूछने पर बोला जाता है कि विभाग को पत्र लिख दिया था, वहां से किसी प्रकार का कोई निर्देश नहीं आया. पैसे रहने के बाद भी खर्च नहीं होते हैं. समस्या बनी की बनी रहती है. किसी भी संस्था को चलाने के लिए कर्मचारियों को मिलकर कार्य करना होगा, लेकिन यहां ऐसा नहीं है. अस्पताल में कई कर्मचारी जो नेता हैं, वे लोग काम नहीं करना चाहते हैं.
उन लोगों को भी अब अपना काम करना होगा. इसको लेकर विभाग कदम उठाने के साथ ही लोकल स्तर पर एक लोकल कमेटी का गठन करेगी, जो समय-समय पर अस्पताल का निरीक्षण कर उसकी कमी व कर्मचारियों पर का ध्यान रखेगी. साथ ही अस्पताल को चलाने के लिए सही सुझाव देगी. इसके साथ ही ज्यादा दिनों से काम करने वाले कर्मचारियों के तबादले पर भी विचार किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि ऐसी सूचना मिली है कि कई ऐसे कर्मचारी हैं, जो हाजिरी बनाने के लिए अस्पताल आते हैं, उसके बाद चले जाते हैं. एक-एक सप्ताह तक अस्पताल नहीं आते हैं, जब आते हैं, तो एक साथ अपनी हाजिरी बनाते हैं. वैसे कर्मचारियों पर जल्द ही कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि अस्पताल को देख काफी खराब लगता है कि विभाग एक अस्पताल को सही से नहीं चला पा रहा है, किसी हाल में इस अस्पताल को ठीक किया जायेगा.
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